नवीन समाचार, हरिद्वार, 5 नवंबर 2026 (Teenage Girl Raped by Stepfather)। उत्तराखंड के हरिद्वार (Haridwar) के ज्वालापुर (Jwalapur) क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। किशोरी के लापता होने पर उसके सौतेले पिता ने ही पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश करते हुए उसे हिमाचल प्रदेश में उसकी बड़ी बहन के घर से सकुशल बरामद किया तो किशोरी ने कथित तौर पर लंबे समय से हो रहे शारीरिक शोषण की जानकारी दी।
किशोरी के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सौतेले पिता सचिन कुमार को 4 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद का निवासी है और वर्तमान में हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में रह रहा था। उसने 28 अक्टूबर को ज्वालापुर कोतवाली में अपनी नाबालिग सौतेली बेटी के लापता होने की शिकायत दी थी। शिकायत में आशंका जताई गई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति किशोरी को अपने साथ ले गया है। इसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का अभियोग दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
हिमाचल में बड़ी बहन के घर मिली किशोरी, पूछताछ में लगाए गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने किशोरी की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई और सर्विलांस सहित अन्य माध्यमों से उसका पता लगाने का प्रयास किया। जांच के दौरान पुलिस को उसके हिमाचल प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और किशोरी को उसकी बड़ी बहन के घर से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस के सामने किशोरी ने बताया कि उसके सगे पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां ने सचिन कुमार से दूसरी शादी की थी। किशोरी का आरोप है कि इसके बाद से ही सौतेला पिता उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। लगातार कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उसने घर छोड़ने का निर्णय लिया और बिना किसी को बताए हिमाचल प्रदेश में रहने वाली अपनी बड़ी बहन के पास पहुंच गई।
किशोरी ने स्पष्ट किया कि वह किसी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे या अपहरण के कारण घर से नहीं गई थी, बल्कि कथित शोषण से परेशान होकर बहन के पास पहुंची थी। पुलिस ने उसकी बातों और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की। किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।
बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपित गिरफ्तार
किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पहले से दर्ज अभियोग में दुष्कर्म तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धाराएं बढ़ाईं। इसके बाद 4 नवंबर को सचिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की कार्रवाई में उपनिरीक्षक सोनल रावत, अपर उपनिरीक्षक प्रताप दत्त शर्मा और महिला कांस्टेबल प्रियंका तोमर शामिल रहे।
प्रारंभिक शिकायत में किशोरी के लापता होने को अपहरण की आशंका से जोड़ा गया था, लेकिन बरामदगी के बाद उसके बयान से जांच की दिशा बदल गई। अब पुलिस के सामने किशोरी द्वारा लगाए गए आरोपों की विधिक प्रक्रिया के तहत जांच और साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण है। आरोपित की गिरफ्तारी अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है; मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
धाराओं के विवरण में आयु संबंधी विसंगति भी ध्यान देने योग्य
इस प्रकरण में प्रकाशित पुलिस विवरणों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 5(l), 5(m), 5(n) और 6 का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन धाराओं के विवरण में किशोरी की बताई गई उम्र के संदर्भ में एक कानूनी विसंगति दिखाई देती है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) 12 वर्ष से कम आयु की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दंड से संबंधित है, जबकि धारा 65(1) 16 वर्ष से कम आयु की महिला से दुष्कर्म के मामले से संबंधित है। इसी प्रकार पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(m) 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे के साथ किए गए भेदक लैंगिक हमले को गंभीर श्रेणी में रखती है। वहीं धारा 5(l) बार-बार अथवा एक से अधिक बार किए गए ऐसे अपराध और धारा 5(n) बच्चे के रिश्तेदार अथवा उसके साथ साझा गृहस्थी में रहने वाले व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध से संबंधित है।
चूंकि समाचारों में किशोरी की उम्र 16 वर्ष बताई गई है, इसलिए धारा 65(2) और धारा 5(m) के उल्लेख को लेकर प्राथमिकी तथा आयु संबंधी आधिकारिक अभिलेखों से पुष्टि आवश्यक है। पॉक्सो अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बच्चा माना जाता है। इसलिए 16 वर्षीय किशोरी भी इस कानून के संरक्षण के दायरे में आती है।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पक्ष बाल पीड़िता की पहचान और निजता का है। पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 के अनुसार मीडिया में बच्चे का नाम, पता, चित्र, परिवार, विद्यालय, पड़ोस या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा सकती, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके। इसी कारण किशोरी की पहचान और उसे पहचानने योग्य निजी विवरण सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
इस घटना ने घर के भीतर बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले कथित शोषण की शिकायतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर फिर ध्यान खींचा है। किशोरी का अपनी बड़ी बहन के पास पहुंचना और वहां से पुलिस द्वारा सकुशल बरामद किया जाना इस मामले का महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब पुलिस की विस्तृत जांच और न्यायालय की प्रक्रिया से ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Teenage Girl Raped by Stepfather, Haridwar News, Jwalapur Crime News, Minor Girl Sexual Abuse Case, Step Father Arrested, Himachal Pradesh Missing Girl Recovery, POCSO Act Case, Uttarakhand Police News, Sachin Kumar Arrest, Child Protection India, BNS Section 65, POCSO Section 5, POCSO Section 23, Women and Child Safety, Haridwar Police Investigation, Uttarakhand Crime News, #POCSOAct, #ChildProtection, #UttarakhandNews, #NavinSamachar,

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। 
