नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवंबर 2026 (Nainital-Children Beaten at School)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल जनपद (Nainital) के ओखलकांडा विकासखंड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या भोलापुर (Government Inter College Dalkanya Bholapur) में बच्चों के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश है।
प्रार्थना सभा के दौरान का बताया जा रहा वीडियो सामने आने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रकरण का उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग को जांच का नोडल विभाग बनाया है और 10 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथित तौर पर एक शिक्षक छोटे बच्चों की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक अन्य शिक्षिका द्वारा एक छात्रा की गर्दन के ऊपरी हिस्से पर हाथ से प्रहार किए जाने का दृश्य भी बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ शारीरिक दंड और इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच विद्यालय स्तर तक सीमित न रखकर निष्पक्ष तरीके से कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
बाल संरक्षण आयोग ने विद्यालय पहुंचकर लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार (Yogesh Singh Rajwar) ने विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय भवन के साथ शैक्षणिक और भौतिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों से बातचीत कर प्रकरण की जानकारी प्राप्त की। आयोग ने प्रिंट और सोशल मीडिया में सामने आई खबरों, प्रसारित वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामले की समीक्षा की।
इसके बाद योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में विद्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें बच्चों के साथ कथित मारपीट, ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन और इस पूरे घटनाक्रम का विद्यालय के पढ़ाई के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों के साथ मारपीट, उत्पीड़न अथवा उनकी पढ़ाई बाधित करने वाली किसी भी घटना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग को बनाया जांच का नोडल विभाग
आयोग ने मामले की जांच के लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच समिति में ओखलकांडा की खंड शिक्षा अधिकारी सोहलिता नेगी (Soholita Negi) और भीमताल की खंड शिक्षा अधिकारी कैना चौहान (Kaina Chauhan) को शामिल किया गया है। समिति को मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने जांच दल को 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच में विद्यालय में बच्चों के साथ कथित मारपीट की परिस्थितियों, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और प्राप्त शिकायतों के साथ संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जानी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ नैनीताल बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन अधिकारी के प्रतिनिधि, बाल कल्याण पुलिस इकाई, मानव तस्करी निरोधक पुलिस दल, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक और खनस्यू थाना पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य और संबंधित शिक्षक भी बैठक में शामिल हुए।
उधर, ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ कथित मारपीट जैसे गंभीर मामले में जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर पक्षपात की आशंका न रहे। उन्होंने संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराई है।
अब इस मामले में 10 दिन के भीतर आने वाली जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में बच्चों के साथ वास्तव में क्या हुआ, वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम की परिस्थितियां क्या थीं और संबंधित शिक्षकों की भूमिका के संबंध में जांच समिति के निष्कर्ष क्या हैं। फिलहाल आयोग के हस्तक्षेप और ग्रामीणों के विरोध के बाद यह मामला विद्यालय की आंतरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के वातावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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