डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 06 जुलाई 2021। उत्तराखंड में राजनीतिक उठापटक थमने के साथ राज्य के लिए राजधानी नई दिल्ली से अच्छी खबर आ सकती है। राज्य के दो पूर्व में प्रदेश अध्यक्ष रहे सांसदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इन दो सांसदों में से … Read more
-बीआरओ ने किया है निर्माण, उत्तराखंड में 1928.74 लाख रुपए की लागत से बने छह पुलों का हुआ लोकार्पण नवीन समाचार, रामनगर, 28 जून 2021। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिह ने सोमवार को लेह से देश में बीआरओ द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में बनाये गये 63 पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। … Read more
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2021। सोमवार को गंगा दशहरा के पर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के शोध एवं प्रसार निदेशालय, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, कूटा, डॉ. वाईपीएस पांगती फॉउंडेशन, एसएमडीसी नैनीताल, इग्नू के द्वारा ‘गंगा रिजूविनेशन अवर हेरिटैज’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का संचालन करते हुए विश्वविद्यालय … Read more
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जून 2021। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राणी उद्यान नैनीताल द्वारा आयोजित कराई गई ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए हैं। घोषित किए गए परिणामों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल हुए करीब 250 प्रतिभागियों में से कक्षा दो से पांच से ग्रुप 1 में आर्यमान बिड़ला हल्द्वानी के प्रबल रौतेला को प्रथम, सिंथिया स्कूल हल्द्वानी के पंकज सिंह को द्वितीय, संजना सोरागी को तृतीय व बीएसएसवी मल्लीताल के हर्षित अधिकारी को सांत्वना, कक्षा 6 से 8 से ग्रुप 2 में निर्मला कॉन्वेंट काठगोदाम की रिद्धि जोशी को प्रथम, सेंट मेरी नैनीताल की संस्कृति पांडे को द्वितीय, यूनिवर्सल स्कूल हल्द्वानी की सिमरन को तृतीय व डीएवी पब्लिक स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा को संात्वना तथा कक्षा 9 से 12 के ग्रुप 3 के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल जमशेदपुर झारखंड के आयुष कुमार झा को प्रथम, बुवी जगबंधु स्कूल भुवनेश्वर उड़ीसा की आइशा पांडा को द्वितीय, सिंथिया पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की अंजली ढैला को तृतीय व सेंट मेरी नैनीताल की पावनी शर्मा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। नैनीताल प्राणी उद्यान में रहने वाले पशु-पक्षिओं को अब उनके नियत अंगीकरण शुल्क की आधा धनराशि जमा करके आधा भी अंगीकृत किया जा सकेगा। शुक्रवार को चिड़ियाघर प्रबंधन सोसाइटी की आईएएस अधिकारी आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में वन्य जन्तु अंगीकरण योजना में परिवर्तन कर अब यह प्रावधान किया गया। बताया गया है कि अंगीकरण शुल्क अधिक होने के कारण कई लोग चाहकर भी पशु-पक्षियों को अंगीकृत नहीं कर पाते थे, इसलिए प्राविधान में परिवर्तन किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद अधिक लोग पशु-पक्षिओं को अंगीकृत करने क अलए आगे आएंगे और नैनीताल प्राणि उद्यान की आय में वृद्धि होगी व पशु-पक्षियों की बेहतर देखभाल हो सकेगी। इसके अतिरिक्त बैठक मे ‘जू सोसाइटी’ में प्राप्त आय व व्यय में सामंजस्य रखने को कहा गया। नैनीताल जू में निर्माणाधीन इण्टरप्रिटेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। महत्वपूर्ण वन्य जीव जैसे रेड पाण्डा के अर्न्तराष्ट्रीय विनिमय विधिवत अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् किया जा सकता है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा लिये गये निर्णयों पर सहमति दी गयी। अंत में अध्यक्ष ने प्राणी उद्यान का भ्रमण किया, तथा प्राणी उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव एवं सफाई व्यवस्था, जू कर्मचारियों के कठिन परिश्रम की प्रशंसा की। इसके साथ ही हल्द्वानी स्थित अंतर्राष्ट्रीय जू की शासकीय निकाय की वार्षिक बैठक का भी आयोजन किया गया। बैठकों में डा. विवेक पांडे, डा. तेजस्विनी अरविंद पाटिल, डा. पराग मधुकर धकाते, नितीश मणि त्रिपाठी, बीजू लाल टीआर, सुनील कुमार मीणा, एसएस जंगपांगी, दिनेश चंद्र साह, पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी व ममता चंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रेड पांडा के दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनिमय पर भी हुई चर्चा
बड़े हो गए हें रेड पांडा के बच्चे (04.10.2015)
नैनीताल। बैठक में बताया गया है कि नैनीताल जू में रेड पांडा के जोड़े दो-तीन बार प्रजनन कर चुके हैं, तथा उनकी पर्याप्त संख्या हो गयी है। आगे इनके दूसरे रक्त संबंध में प्रजनन के लिए इन्हें बाहरी साथी उपलब्ध कराने जरूरी हैं, क्योंकि भारत में नैनीताल के अलावा दार्जिलिंग के चिड़ियाघर में ही दार्जिलिंग में ही रेड पांडा हैं एवं यहां दार्जिलिंग से ही इन्हें लाया गया है, इस प्रकार दोनों जगह मौजूद रेड पांडा एक ही रक्त संबंध के हैं। लिहाजा कहा गया कि विधिवत अनुमति प्राप्त करके ही इनका अंतर्राष्ट्रीय विनिमय किया जा सकता है।
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तत्कालीन वन वर्धनिक उत्तराखंड मनोज चंद्रन ने 350 हेक्टेयर क्षेत्रफल को केवल 90.5 लाख रुपए से किया सबसे बड़े जीवंत जैव संग्रहालय के रूप में नवीन जोशी, नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में बीते एक दशक में एक ऐसा नया पर्यटन स्थल विकसित हो गया है, जो कभी पथरीला पहाड़ हुआ करता है, और यहां के मजबूत पत्थरों से नगर में अंग्रेजी दौर में घरों-बंगलों का निर्माण किया जाता था। इस पथरीले पहाड़ पर वन विभाग ने बीते करीब 12-13 वर्षों में प्रदेश का अपनी तरह का इकलौता व अनूठा जीवंत जैव विविधता से समृद्ध संग्रहालय-हरबेरियम ‘उगा’ दिया है, जिसमें इतनी अधिक खाशियतें हैं कि नगर के दूर होने के बावजूद इन्हें देखने के लिए हर वर्ष लाखों सैलानी भी यहां आ रहे हैं।
‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
रवींद्र देवलियाल @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अप्रैल 2021। केन्द्र सरकार की ओर से कोरोना महामारी के प्रभावी रोकथाम के दृष्टिगत उत्तराखंड के समस्त राष्ट्रीय स्मारकों व पुरास्थलों को पर्यटकों व आम लोगों के लिये बंद कर दिया गया है। फिलहाल 15 मई तक इन पर रोक रहेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से … Read more
-जिम कार्बेट पार्क में अब 50-50 महिला नेचर गाइड व जिप्सी चालकें भी होंगी -10 हजार स्थानीय युवा कौशल विकास कर प्राप्त करेंगे स्वरोजगार नवीन समाचार, रामनगर, 21 मार्च 2021। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने रविवार को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर नैनीताल जनपद के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस … Read more
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2021। नैनीताल के मल्लीताल मनकापुर क्षेत्र निवासी एक अधिवक्ता भगवत मेहरा के घर से पांच हजार की चोरी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर घर में काम करने वाली महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 380 व 411 के तहत मुकदमा … Read more
नवीन समाचार, गैरसैंण, 4 मार्च 2021। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए 57400.32 करोड़ का कर मुक्त और राजस्व सरप्लस बजट पेश किया। सरकार ने विकास कार्यों, खासतौर पर सड़कों व पुलों के निर्माण और रखरखाव को बजट पोटली खोल दी है। लोक निर्माण कार्यों के लिए 2369 करोड़ बजट रखा गया है। कक्षा एक से आठवीं तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त जूते और स्कूल बैक देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा में संसाधन जुटाने और शैक्षिक सुधार के लिए एडीबी के माध्यम से 39.70 करोड़ खर्च होंगे। गुरुवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर वित्त मंत्री दूसरा बजट पेश किया। प्रदेश की भाजपा सरकार का यह पांचवां बजट है। बजट में किसानों पर विशेष फोकस करते हुए 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प दोहराया गया है। इसके लिए परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 87.56 करोड़ रुपये रखे गए हैं। साथ में गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए भी 245 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना में 20 करोड़ और एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना में 12 करोड़ का प्रविधान है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के लिए बजट में 25 करोड़ दिए गए हैं। वहीं दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 47 करोड़ दिए गए हैं। उधर, शहरी क्षेत्र में हर घर में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक घर को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके लिए 30.15 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नलकूपों, नहरों, झीलों व बांधों के रखरखाव को 118 करोड़ रुपये, नलकूपों व नहरों के निर्माण को 150 करोड़ रखे गए हैं।
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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। मोदी सरकार-2 का पहला बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश कर रही हैं। वित्तमंत्री पहली बार ब्रीफकेस की बजाए लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज लेकर पहुंची जिसे बजट नहीं बल्कि बही खाता बताया गया है। अपने बजट में आने वाले दशक का लक्ष्य देश के सामने रखते हुए सीतारमण ने कहा कि वर्तमान में भारत की अर्थ व्यवस्था विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था है।
अपने बजट भाषण के दौरान एक शेर भी पढ़ा। निर्मला ने कहा, ‘यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट भी ले कर चराग़ जलता है’। ये शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में हमारी अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। भारतीय अर्थ व्यवस्था को एक टि्रलियन लर तक बढ़ने में 55 साल लगे, पिछले पांच साल में हमने अर्थव्यवस्था में एक टि्रलियन डालर जोड़ा हैपांच साल में यह 2।7 टि्रलियन डालर पर पहुंच गईइस साल के अंत तक अर्थ व्यवस्था तीन खरब डालर होगी। सीतारमण ने कहा कि भारत आज रोजगार देने वाला देश बना है। हमारा जोर अब इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है। भारतमाला के जरिए हम देश में सड़क हर गांव तक पहुंचा रहे हैं और नेशनल हाइवे का निर्माण कर रहे हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने अपनी कई योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें मुद्रा योजना, सागरमाला, मेक इन इंडिया आदि शामिल रहे।
सरकार का केंद्र बिंदु गांव, किसान👷 और गरीब- सीतारमण🤷♂️
मोदी सरकार-2 का पहला बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार का केंद्र बिंदु गांव, किसान और गरीब है. हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हर गांव में बिजली पहुंचेगी। उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के जरिए देश में काफी बदलाव आया है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार न्यू इंडिया पर फोकस कर रही है. पानी और गैस के लिए भी एक राष्ट्रीय ग्रिड बनेगा. सरकार की तरफ से नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड का ऐलान किया गया है. जिसका इस्तेमाल रेलवे और बसों में किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड को रूपे कार्ड की मदद से चलाया जा सकेगा, जिसमें बस का टिकट, पार्किंग का खर्चा, रेल का टिकट सभी एक साथ किया जा सकेगा. इसके साथ ही सरकार ने एमआरओ का फॉर्मूला अपनाने की बात कही है. जिसमें मैन्यूफैक्चरिंग, रिपेयर और ऑपरेट का फॉर्मूला लागू किया जाएगा.
ये है प्रमुख बिन्दु-
🔹 2022 तक 1.95 करोड़ घर बनाएं जाएंगे। 114 दिनों में घर बनाकर दे रहे हैं। पहले 314 दिनों में बनते थे।
🔹 उज्जवला के जरिए सात करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए।
🔹 20 प्रोद्योगिकी बिजनेस इंक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके जरिए 20 हजार लोगों को स्किल दिया जाएगा।
🔹 देशभर में 10 हजार उत्पादक संघ बनाए जाएंगे।
🔹 जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधनों का प्रबंधन करेगा। गांव में हर घर तक पानी पहुंचाया जाएगा।
🔹 रोजना 135 किमी सड़क बनाने का लक्ष्य है। अभी तक 30 हजार किमी सड़क बनाई गई हैं।
🔹 विमानन क्षेत्र, मीडिया, एनीमेशन AVGC और बीमा क्षेत्रों में एफडीआई खोलने के लिए सुझाव आमंत्रित करेगी।
🔹 इसरो की मदद और अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का गठन किया जाएगा।
🔹 हर पंचायत को इंटरनेट से जोड़ेंगे। दो करोड़ से ज्यादा लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया।
🔹 अक्टूबर 2019 तक देश खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।
🔹 पीएम आवासा योजना के तहत शहरों में 81 लाख घर बनाए जाएंगे।
4 साल में गंगा नदी पर कार्गो की आवाजाही शुरू होगी।
इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को प्रोत्साहन देना है।
रेलवे ढांचे के विकास के लिए 50 हजार करोड़ की आवश्यकता है।
रेलवे के विकास के लिए पीपीपी मॉडल से निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
बजट 2018-19 के लिए 300 किमी. मैट्रो रेलवे को मंजूरी।
बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए बजट में वन नेशन, वन ग्रिड प्लान का एलान किया गया है। बिजली टैरिफ में बड़े सुधार की योजना।
आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा।
एमएसएमई के लिए 350 करोड़ का आवंटन तथा ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। छोटे उद्यमियों की कर्जमाफी के लिए 350 करोड़ का प्रावधान।
खूदरा कारोबारियों के लिए पेंशन पर भी विचार । 3 करोड़ दुकानदारों के लिए पेंशन देने का विचार।
शेयर बाजार को निवेशक फ्रेंडली बनाया जाएगा।
देश के पहले महिला वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जा रहे ‘बही खाते’ (बज़ट नहीं) से उत्तराखंड को यह हैं उम्मीदें…
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। मोदी-2.0 में देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट नहीं ‘देेेश के बही खाते से मातृसत्तात्मक बहुल समाज वाले उत्तराखंड को कुछ खास मिलने की आस है। वे शुक्रवार को बजट पेश करेंगी। हर साल की तरह से इस बार भी प्रदेश सरकार केंद्र के समक्ष अपनी प्राथमिकता रख चुकी है।
त्रिवेंद्र सरकार चाहती है कि मोदी सरकार के बजट में हरिद्वार महाकुंभ, राष्ट्रीय खेल और रेल परियोजनाओं के लिए उदार इमदाद का प्रावधान हो। वैसे, महिला वित्त मंत्री पर प्रदेश की इस वजह से भी नजर रहेगी कि उत्तराखंड महिला प्रधान प्रदेश है। खासतौर पर पहाड़ में महिलाओं को आर्थिकी की मुख्य धुरी माना जाता है, लेकिन उद्यमिता और रोजगार के अवसर यहां बहुत सीमित हैं। क्या बजट में ऐसी घोषणाएं होंगी जो उनके कार्य बोझ को कम करेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार साबित होगा। जहां तक उत्तराखंड सरकार का सवाल है तो उसने हिमालयी राज्य होने के नाते केंद्र से उदार वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है। केंद्रीय बजट में प्रदेश सरकार कुछ ऐसा चाह रही है। साथ में प्रदेश में रेल के विकास, खासकर टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को धन आवंटन होने की भी उम्मीद की जा रही है।
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नवीन समाचार, देहरादून, 20 फरवरी 2019। वित्त मंत्री प्रकाश पंत द्वारा सोमवार को विधानसभा में रखे बजट से राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति की झलक सामने आई है। राज्य में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशनर्स के लिए इस साल बजट में सरकार ने 20 हजार 455 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 48 हजार 663 करोड़ के कुल बजट में वेतन-भत्तों और पेंशन आदि के लिए रखी गयी यह राशि कुल बजट के चालीस प्रतिशत के करीब है। बजट में कर्मचारियों की वेतन-पेंशन पर गतवर्ष के मुकाबले 1338 करोड़ रुपये अधिक खर्च होने का अनुमान है। गत वर्ष वेतन-पेंशन मद में कुल 19 हजार 117 करोड़ रखे थे। इस साल सातवें वेतन के भत्तों की वजह से सरकार पर भार बढ़ गया है। राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर इस वर्ष 13340 करोड़, सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थानों के शिक्षकों-कर्मियों के वेतन-भत्तों पर 1173 रुपये और पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के लिए 5942 करोड़ रखे गए हैं।
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p style=”text-align: justify;”>लोन चुकाने पर खर्च होगी 17 प्रतिशत राशि
बजट में लोन और ब्याज की अदायगी पर भी 8208 करोड़ रुपये की भारी राशि खर्च हो रही है। यह राशि कुल बजट का तकरीबन 17 प्रतिशत है। पिछले साल के बजट में ब्याज और लोन की राशि चुकाने के लिए 8088 करोड़ रखे गए थे। ऋणों की वापसी पर इस साल 2876 करोड़ जबकि ब्याज की अदायगी पर 5332 करोड़ खर्च होंगे।
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p style=”text-align: justify;”>विकास कार्यों को महज 9731 करोड़
राज्य के बजट का आकार भले ही 48 हजार करोड़ से अधिक हो। लेकिन इस बजट में से नई योजनाओं के लिए महज 9731 करोड़ की ही राशि है। 48633 करोड़ के बजट में से 38932 करोड़ राजस्व मद यानी सरकार की जिम्मेदारियों पर खर्च होंगी। जबकि पूंजी मद में सिर्फ 9731 करोड़ की ही यानी कारीब 20 % राशि का ही प्राविधान किया गया है।
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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, देहरादून, 18 फरवरी 2019। प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए त्रिवेंद्र सरकार का पहला 22.79 करोड़ का राजस्व व कर मुक्त सरप्लस, पिछले साल के मुकाबले 7 फ़ीसदी बड़ा बजट 48663.90 करोड़ का बजट पेश किया। इस कर मुक्त बजट में 9798.15 करोड़ के राजकोषीय घाटे का अनुमान है। 12 विभागों का बजट घटा है। बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सुशासन तथा में खेती-किसानी के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर पर जोर दिया गया है। बजट में अन्न दाता के कल्याण का भरोसा दिलाया गया है। बजट पेश करने के दौरान तब अजीब स्थिति भी उत्पन्न हो गयी जब वित्त मंत्री प्रकाश पंत तबीयत खराब होने से भाषण पढ़ते हुए बेहोश हो गए। इस पर उन्हें सदन से बाहर ले जाना पडा। इससे पूर्व सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए सदन में सबसे पहले पुलवामा हमले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विधायक करन महरा ने मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर विभूति ढौंडियाल को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित करने की मांग की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व उप नेता सहित अनेकों विधायकों की आंखें नम नजर आईं। आगे 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष की बिना कारण गैर मौजूदगी में तीन संशोधन विधेयक पेश हुए और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित हुआ।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार का जोर किसान और प्राइमरी सेक्टर पर है, ताकि किसान के साथ युवाओं को रोजगार के मौके मिल सके। बजट में राजस्व घाटा नहीं है, बजट सर प्लस है, और राजकोषीय घाटा भी सीमा के अंदर है। सैनिक-अर्धसैनिक मृतक आश्रितों के लिए सेवा योजन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प ‘सबका साथ सबका विकास’ है। सबसे ज़्यादा शिक्षा विभाग का बजट है. इसके साथ ही स्वास्थ, कृषि विभाग पर फ़ोकस किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष के लिए बजट करीब 23 करोड़ सरप्लस है। कुल आय जहां 48,679 करोड़ अनुमानित है तो व्यय 48,663 करोड़ अनुमानित है. वित्त वर्ष में राज्य कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 14,513 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है. पेंशन और अन्य खर्चों के लिए 5,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्याज के लिए 5,332 करोड़ और लोन पेमेंट के लिए 2,876 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 12 विभागों के बजट में पिछले साल के मुकाबले कटौती की गई है. सबसे ज्यादा लोनिवि का बजट 159 करोड़ रुपये कम हुआ है।वहीं खाद्य विभाग का बजट 23 करोड़ रुपये और उद्योग विभाग का बजट पिछले साल से 20 करोड़ रुपये कम हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के लिए बजट में 202 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैै। लेकिन अनुसूचित जातियों के कल्याण का बजट 55 करोड़ रुपये कम हुआ है. ग्राम्य विकास का बजट भी पिछले साल से 7 करोड़ रुपये कम हुआ है। कैबिनेट का बजट भी पिछले साल से 32 करोड़ रुपये कम हुआ है। जबकि राजस्व और सामान्य प्रशासन का बजट 150 करोड़ रुपये और सूचना विभाग का बजट पिछले साल से 15 करोड़ रुपये कम हुआ है।
यह भी पढ़ें: जानें क्या है केंद्रीय बजट पर पर्यटन प्रदेश के पर्यटन व्यवसायियों की प्रतिक्रिया
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 फरवरी 2019। शुक्रवार को आये केंद्र सरकार के बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बजट में कर छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर सीधे दोगुनी करते हुए पांच लाख की गयी है। वहीं जीएसटी में पंजीकृत उद्योगों के लिए 59 मिनट में एक करोड रुपये के ऋण मात्र दो फीसद ब्याज पर देने की घोषणा हुई है। उधर उत्तराखंड की समान प्रकृति के पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए वर्ष 2018-19 के मुकाबले वर्ष 2019-20 के लिए आवंटन को 21 फीसद बढ़ाकर 58,166 करोड़ किया गया है, किंतु पूरी बजट की रिपोर्ट मंे पांच सांसद देने वाले उत्तराखंड राज्य का कहीं जिक्र भी नहीं किया गया है। लिहाजा इन स्थितियों पर मुख्यालय के खासक पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आनी लाजिमी हैं। नगर के शेरवानी होटल के प्रबंधक कमलेश सिंह का कहना है, निम्न मध्य वर्ग के लिए अच्छा है। इससे लोगों की बचत होगी, और बचत होगी तो पर्यटन में भी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। लिहाजा बजट कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छी खबर लेकर आया है। वहीं उत्तर भारत के होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रवीण शर्मा का कहना है कि पर्यटन उद्योग केंद्रीय बजट से खासा निराश है। बजट में आवभगत से जुड़े पर्यटन उद्योग को छुवा भी नहीं गया है। प्रति रात्रि 7000 से अधिक किराये के कमरों पर 28 फीसद जीएसटी का प्राविधान है। इसके हटने की उम्मीद थी। लेकिन इसे कम नहीं किया गया है। बजट में निवेश बढ़ाने के लिए भी कुछ नहीं है। इन्हीं कारणों से पर्यटन गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट से उत्तराखंड जैसे राज्यों को काफी नुकसान होने जा रहा है। इसी तरह की प्रतिक्रिया नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि दिग्विजय बिष्ट की भी आई है। उनका कहना है कि बजट में पर्यटन, पहाड़ एवं उत्तराखंड के लिए कुछ भी नहीं है, जबकि इन क्षेत्रों में कर छूट मिलनी चाहिए थी। हालांकि हाल ही में जीएसटी में पंजीकरण के लिए 10 लाख रुपये तक के कारोबार की सीमा बढ़ाकर पूर्व में ही देश के अन्य राज्यों के बराबर 20 लाख की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि 5 लाख से अधिक आय वालों के लिए कर छूट पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमालयी राज्यों व पर्यटन के लिए अलग से नीति बननी चाहिए थी व खास तौर इस क्षेत्र में नये कर छूट के प्राविधान होने चाहिए थे। आगे रेलवे बजट से नयी रेलों, हवाई सेवाओं व हाई-वे तथा सड़कों आदि के लिए बजट प्राविधानों की उम्मीद है।
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नवीन समाचार नई दिल्ली 1 फरवरी 2019। मोदी सरकार ने आज अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया। इसे चुनावी बजट भी कहा जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बजट में गांव, गरीब, किसानों, मजदूरों के लिए कई बड़े ऐलान किए। इसमें लंबे समय से प्रतिक्षित आयकर में छूट का ऐलान किया। इस बजट में लगभग हर तबके को कुछ न कुछ देने का ऐलान किया है।
p style=”text-align: justify;”>5 लाख तक इनकम टैक्स में छूट
पीयूष गोयल ने कहा, ‘पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी और विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा। व्यक्तिगत कर छूट का दायरा बढ़ने से तीन करोड़ करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये तक का कर लाभ मिलेगा। वेतनभोगी तबके के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया।’ इस घोषणा के बाद संसद में काफी देर तक मोदी-मोदी के नारे गूंजते रहे। गोयल ने कहा, ‘हम कर दाताओं का शुक्रिया अदा करते हैं। आपके टैक्स से ही देश का विकास होता है।’
बजट से जुड़ी प्रमुख बातें:
सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट का प्रस्ताव रखा, जिसकी सीमा अब तक 2.5 लाख रुपये थी। इससे 3 करोड़ मध्यम वर्ग के परिवारों को फायदा मिलेगा।
सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की बात कही। वहीं, सरकार ने बैंकों में एफडी के ब्याज पर 40 हजार तक कोई टैक्स नहीं लगने की घोषणा की, जिसकी सीमा अब तक 10 हजार रुपये थी।
वित्त मंत्री ने छोटे-सीमांत किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2 हेक्टेयर वाले किसानों के खाते में सालाना सीधे 6 हजार रुपये जाएंगे। यह योजना 1 दिसंबर, 2018 से लागू होगी। सरकार की इस योजना से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
गायों के लिए सरकार कामधेनु योजना शुरू करेगी। मछली पालन के लिए भी आयोग बनेगा। पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए लिए जाने वाले कर्ज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
सरकार ने कामकाजी लोगों के लिए अहम घोषणा करते हुए कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द लागू की जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना आसान बनाई जाएगी।
सरकार ने 21 हजार मासिक से कम वेतन पर काम करने वाले कामगारों को 7 हजार रुपये का बोनस देने की बात कही है। साथ ही ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख किए जाने का ऐलान किया गया।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसका लाभ 15 हजार कमाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। कामगार की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। सरकार ने
अहम घोषणा करते हुए कहा कि जिनका ईपीएफ कटता है, उन्हें 6 लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाएगा।
महिलाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार 6 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन दे चुकी है। इस योजना के तहत महिलाओं को 8 करोड़ और एलपीजी कनेक्शन दिए जाएंगे।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देशभर में लोगों को उम्दा स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए दिल्ली के एम्स की तर्ज पर एम्स बनाए जा रहे हैं। इसी के तहत हरियाणा में देश का 22वां एम्स शुरू होने जा रहा 2 वर्षों के भीतर, कर निर्धारण इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाएगा
2. आईटी सिर्फ 24 घंटे में प्रोसेसिंग कर देता है
3. केंद्रीय सरकार द्वारा राज्यों को जीएसटी का न्यूनतम 14% राजस्व।
4. 36 कैपिटल गुड्स से कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है
5. घर खरीदारों के लिए जीएसटी दरों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद की सिफारिशें
6. “सभी कटौती के बाद 5 लाख वार्षिक आय तक पूर्ण कर छूट।”
7. स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 से बढ़कर 50000 हो गया है
8. दूसरे स्व-कब्जे वाले घर पर कर की छूट
9. टीडीएस यू / एस 194 ए की सीलिंग सीमा 10000 से 40000 हो गई है
10. TDS u / s 194I की सीलिंग सीमा 180000 से बढ़कर 240000 हो गई है
11. कैपिटल टैक्स बेनेफिट यू / एस 54 एक आवासीय घर में निवेश से बढ़कर दो आवासीय घरों तक पहुंच गया है।
12. बेनिफिट यू / एस 80IB एक और वर्ष यानी 2020 तक बढ़ गया है
13. अनसोल्ड इन्वेंट्री को दिया गया लाभ एक साल से दो साल तक बढ़ गया है।
*अन्य क्षेत्र*
14. राज्य का हिस्सा बढ़कर 42% हो गया है
15. पीसीए प्रतिबंध 3 प्रमुख बैंकों से समाप्त कर दिया गया है
16. 10% आरक्षण के लिए 2 लाख सीटें बढ़ेंगी
17. मनरेगा के लिए 60000 करोड़
18. सभी के लिए भोजन सुनिश्चित करने के लिए 1.7 लाख करोड़
19. हरियाणा में 22 वां एम्स खोला जाना है
20. पीएम किसान योजना को मंजूरी दी जानी है
21. रुपये। 2 हेक्टेयर भूमि तक प्रत्येक किसान को 6000 प्रतिवर्ष दिया जाना है। सितंबर 2018 से लागू। राशि 3 किश्तों में स्थानांतरित की जाएगी
22. गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु अयोग। रुपये। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए 750 करोड़
23. पशुपालन करने वाले किसानों के लिए 2% ब्याज उपशमन और मत्स्य पालन के लिए अलग विभाग भी बनाना।
२४. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए २% ब्याज और समय पर भुगतान के लिए अतिरिक्त ३% ब्याज सबवेंशन।
25. कर मुक्त ग्रेच्युटी सीमा 10 लाख से 20 लाख तक बढ़ जाती है
26. 21000 मासिक कमाने वाले श्रमिकों के लिए बोनस लागू होगा
27. प्रधान मंत्री श्रम योगी मन्धन नामक योजना, रु। की अनुमानित मासिक पेंशन प्रदान करेगी। 3,000 रुपये के योगदान के साथ। 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए 100 प्रति माह।
28. हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के तहत 6 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित किए
29. MSME GST पंजीकृत व्यक्ति के लिए 2% ब्याज राहत
30. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश
31. रक्षा के लिए 3 लाख से अधिक करोड़
32. अगले 5 वर्षों में एक लाख डिजिटल गांव
33. भारत फिल्म निर्माताओं की मंजूरी के लिए एकल खिड़की
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पत्रकार वार्ता करते काबीना मंत्री प्रकाश पंत।
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p style=”text-align: justify;”>–पूर्व सीएम रावत के सरकार को वित्तीय स्थिति सामने रखने की चुनौती पर राज्य के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दिया जवाब -कहा सरकार राज्य की राजधानी पर किसी भी प्रस्ताव पर सदन में विचार करने को है तैयार
नैनीताल। उत्तराखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर राज्य का वित्तीय संतुलन बिगाड़ने और राज्य पर पांच वर्षों में 21000 करोड़ रुपए का कर्ज थोपने का आरोप भी लगाया।
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2021। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नैनीताल इकाई की रविवार को नैनीताल क्लब में हुई बैठक में नगर एवं डीएसबी परिसर इकाई के दायित्वों की घोषणा की गई। डॉ. दीपक कुमार को नगर अध्यक्ष, करन बिष्ट को नगर मंत्री, प्रदीप कुमार व शिवेंद्र कांडपाल को नगर उपाध्यक्ष, रंजना अधिकारी धीरज … Read more
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसम्बर 2020। जनपद नैनीताल में आगामी 26 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक आयोजित होने वाला विंटर कार्निवाल स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुये नैनीताल महोत्सव समिति के सचिव जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद कुमार गौड़ ने बताया है कि विंटर कार्निवाल 2020 के आयोजन हेतु आयोजन समिति के तकनीकी … Read more
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। मल्लीताल व्यापार मंडल के लिए रविवार को हुए चुनाव के परिणाम देर रात्रि करीब सवा 11 बजे घोषित किए गए। घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर निवर्तमान एवं पिछले दो दशक से इस पद पर बरकरार किसन नेगी, महामंत्री पद पर चौंकाते हुए त्रिभुवन फर्त्याल, महिला उपाध्यक्ष के … Read more
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के विवाद में अब लखनऊ डायेसिस भी कूद गई है। लखनऊ डायेसिस ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इंटरवेंशन यायिका दाखिल कर उनका पक्ष भी सुने जाने का अनुरोध किया है। साथ ही पत्रकार वार्ता में इस प्रतिष्ठित विद्यालय के साथ ही आगरा डायेसिस एवं उसके … Read more
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। हल्द्वानी में गैस गोदाम चौराहा पर आधुनिकतम फ्लेक्स प्रिंटिंग मशीन, लेजर कटिंग मशीन व डिजिटल प्रिंटिंग मशीन युक्त हर तरह के फ्लेक्सी विज्ञापन एवं मार्केटिंग की सुविधाओं युक्त संस्थान अनुपम सलूशन-एलएलपी खुल गया है। बुधवार को प्रदेश के काबीना मंत्री यशपाल आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने नैनीताल … Read more
-अपनी समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त से मिले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित
मंडलायुक्त को ज्ञापन सोंपते अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के सदस्य।
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2021। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का एक शिष्टमंडल बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन के बैनर तले कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत से मिला। सदस्यों ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को वर्ष 2018 से उत्तराखंड सरकार के द्वारा चार हजार रुपए की कुटुंब पेंशन दिए जाने का प्राविधान किया गया है।
हास्यास्पद है कि यह पेंशन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सभी आश्रितों में बंटनी है। यानी यदि किसी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 4 आश्रित हों तो सबको 1-1 हजार रुपए या 8 आश्रित होने पर 500-500 रुपए पेंशन मिलेगी। इसके बावजूद कई शर्ताें के कारण यह पेंशन भी पात्रों को नहीं मिल पा रही है।
इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रथम पीढ़ी के आश्रितों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भांति सुविधाएं एवं द्वितीय पीढ़ी के आश्रितों को भी प्रथम पीढ़ी के आश्रितों की भांति सुविधाएं देने, पूर्व में हो चुकी घोषणा के अनुरूप कुटुंब पेंशन की धनराशि 4 हजार को बढ़ाकर 10 हजार करने का शासनादेश जारी करने, बस के साथ रेलयात्रा की सुविधा भी देने, शिक्षा व नौकरी में 3 की जगह 5 फीसद आरक्षण दने, उत्तराधिकारी की बेटी की बेटियों को भी भी विवाह हेतु 50 हजार रुपए की धनराशि अनुदान स्वरूप देने तथा भूमिहीन उत्तराधिकारियों को शासनादेश के अनुरूप 100 वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क आवंटित करने की मागें भी उठाई गई।
शिष्टमंडल में संगठन की संयोजक अनुपम उपाध्याय, जिलाध्यक्ष उमेश जोशी, महिला अध्यक्ष डॉ. सरिता कैड़ा, महिला उपाध्यक्ष बीना उप्रेती, पवन बिष्ट, आनंद जोशी व आकांक्षा उप्रेती आदि शामिल रहे।
2017-18 की इंटर उत्तीर्ण बालिकाओं को सिर्फ 5000 कन्याधन, अन्य को 51 हजार नैनीताल। वार्ता के दौरान समस्या रखे जाने पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने जिला कार्यक्रम अधिकारी वे वार्ता कर स्पष्ट किया कि 2017 व 2018 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को केवल 5000 रुपए ही नंदा गौरा कन्याधन योजना के तहत मिलेगा, जबकि इससे पूर्व व बाद के वर्षों की बालिकाओं को 51 हजार रुपए कन्याधन दिया जा रहा है। माना गया कि यह इन बालिकाओं के साथ अन्याय जैसा है।
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-सोते हुए घर से गिरफ्तार किये गये, यातनाएं झेलीं, फिर भी अपनी सरकार ने भी नहीं दिया सम्मान-मान्यता नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2020। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच लगे आपातकाल के भारतीय लोकतंत्र के सर्वाधिक काले इतिहास दौर की भेंट चढ़ने वालों के जख्म हर वर्ष 25 जून को हरे हो जाते हैं। सरोवरनगरी के भी दो ऐसे वयोवृद्ध लोग हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या होते न केवल अपनी आंखों से देखा, वरन इसके भुक्तभोगी भी बने। पुलिस द्वारा रात्रि में सोते हुए पकड़े गए। दो रात हवालात में रखकर पीटे गए। जेल जाने पर जमानत के लिए आवेदन किया तो न्यायालयों में भी व्याप्त हो चला भ्रष्टाचार झेला। किसी तरह जमानत मिली तो जमानती भी इसलिए नहीं मिले कि संबंध होने के आरोप में कहीं पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार न कर ले। इसी कारण ना ही गिरफ्तार होने पर घर वालों की और ना ही जेल से छूटने के बाद उनकी कुशल क्षेम पूछने ही कोई परिचित-पड़ोसी आया। इसी कारण लंबे समय तक लोग उनकी दुकान पर भी नहीं आते थे। इतनी परेशानियां झेलीं तो स्वप्न देखते थे कि कभी अपनी सरकार भी आएगी। अपनी सरकार आई और है भी, लेकिन उसने भी ठुकरा दिया। कभी ताम्रपत्र देने की बात हुई। कभी लोकतंत्र सेनानी घोषित करने का ख्वाब दिखाया। लेकिन नतीजा सिफर। फलस्वरूप लोकतंत्र के ये सेनानी आज भी उन स्थितियों से उबर नहीं पा रहे हैं। अपनी ही सरकार में भी हताश-निराश हैं।
यह कहानी मुख्यालय निवासी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे भुवन चंद्र हरबोला एवं आरएसएस के कामेश्वर प्रसाद काला की है। हरबोला को 16 नवंबर 1975 को किराये के घर में सोते हुए हल्की पूछताछ के नाम पर मल्लीताल कोतवाली के गब्बर सिंह कहे जाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी ने की थी। उन्हें एक रात मल्लीताल और एक रात तल्लीताल थाने में रखा गया और 18 नवंबर को हल्द्वानी जेल भेजा गया, जबकि काला 1 दिसंबर को हल्द्वानी में सरकार विरोधी एक रैली के दौरान गिरफ्तार हुए। दोनों संघ के स्वयं सेवक थे। इसलिए सरकार उनके पीछे लगी थी। संघ के बड़े अधिकारियों ने उन्हें जल्दी जमानत ले लेने की सलाह दी, ताकि वे संघ की शाखाएं लगाने जैसी अपनी गतिविधियों को जारी रख सकें। इसलिए दोनों करीब एक सप्ताह जेल में रहकर जमानत पर बाहर आ गये। लेकिन न्यायालय में मुकदमा 21 मार्च 1977 को जनता पार्टी की सरकार आने तक चलता रहा। 1977 के चुनाव में देश के साथ नैनीताल लोक सभा में भी इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी को भारतीय लोकदल के एक गुमनाम से चेहरे भारत भूषण ने पटखनी दे दी थी। श्री काला बताते हैं, जेल से आने पर भी कोई उनके घर की सीढ़ियां चढ़ने को तैयार नहीं था, क्योंकि लोग डरते थे कि उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। वहीं हरबोला बताते हैं जेल से छूटने के बाद भी पुलिस-प्रशासन उन्हें फिर से किसी तरह अंदर करने की जुगत में था। इसलिए वे एक दिन अपने भाई के साथ नैनीताल की बिड़ला चुंगी से होते हुए पैदल जंगल के रास्ते रातीघाट होते हुए जनपद से बाहर निकल गये थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जेल में गये गिने-चुने लोग ही बचे हैं, फिर भी सरकार की मंशा उन्हें किसी तरह की मान्यता-सम्मान देने की नहीं है। इससे वे निराश और हताश हैं।
उत्तराखंड सरकार की योजना का लाभ नहीं मिला
नैनीताल। विगत वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधमसिंह नगर के हिस्से के निवासी मिले। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये। इनमें हरबोला और काला भी शामिल रहे, लेकिन निर्धारित से कम अवधि जेल में रहने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला।
कोश्यारी, त्रिपाठी, शर्मा सहित उत्तराखंड के 325 सेनानी गये आपातकाल में जेल
नैनीताल। आपातकाल में उत्तराखंड के 325 लोगों को डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ एवं मीसा यानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ के जेलों में ठूंसा गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधायक अधिवक्ता गोविंद सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूरन चंद्र शर्मा, उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्य व विधायक विपिन चंद्र त्रिपाठी जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।
सर्वाधिक 116 सेनानी ठूंसे गये हल्द्वानी जेल में
नैनीताल। आपातकाल के दौरान उत्तराखंड के जिन 325 लोगों को जेलों में ठूंसा गया, उनमें से सर्वाधिक 116 को नैनीताल जिले के हल्द्वानी उप कारागार में, 81 को नैनीताल जिला कारागार में, 52 को देहरादून की जेल में, 39 को अल्मोड़ा जिला जेल में, 29 को रुड़की जेल में और चार को टिहरी जेल में डाला गया था।
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-नैनीताल जनपद से पहले 9 लोगों ने किया था आवेदन, इनमें से 7 को 1 वर्ष की पेंशन जारी, 2 के मामले में फिर से मांगी गयी है जांच रिपोर्ट, 2 नये आवेदन भी आये
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने 1975-77 के दौर में लगे आपातकाल के दौर में जेलों में ठूंस दिये गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ की सुध लेने में देर से ही सही लेकिन पहल कर दी है। कमोबेश बिना कारण झेली गयी उन भयावह यातनाओं को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा हुई है, जिसके बाद जनपद में जीवित बचे 10 में से 9 लोकतंत्र सेनानियों ने यह दर्जा व पेंशन हासिल करने के लिए आवेदन किया था। अलबत्ता, नैनीताल के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भुवन चंद्र हरबोला एवं वयोवृद्ध आरएसएस नेता कामेश्वर प्रसाद काला को छोड़कर शेष 7 लोगों को बीते माह पेंशन स्वीकृत होने के साथ ही 1 वर्ष की एकमुश्त जारी हो गयी है। वहीं इधर 2 नए लोगों ने भी बीते माह आवेदन कर दिये हैं। नैनीताल मुख्यालय निवासी इन दो लोकतंत्र सेनानियों के बारे में शासन ने फिर से जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी है।
उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से 21 मार्च 1977 के बीच देश में लगे आपातकाल के दौर में देश भर के साथ उत्तराखंड राज्य के लोगों को भी तत्कालीन इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के आंखों में वैचारिक तौर पर खटकने भर से जेलों में ठूंस दिया गया था। इधर इस वर्ष राज्य सरकार ने आपातकाल के दौरान डीआईआर यानी ‘डिफेंस इंडिया रूल्स’ से इतर मीसायानी ‘मेन्टीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट’ में जेल गये ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को प्रतिमाह 16 हजार रुपये की पेंशन देने की घोषणा की थी। इस पर नैनीताल जनपद में ऐसे लोगों की पड़ताल की गयी, तो तत्कालीन संयुक्त नैनीताल जिले के कुल 10 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से पांच लोग वर्तमान में भी नैनीताल जिले और शेष पांच अब ऊधम सिंह नगर के हिस्से के निवासी हैं। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार नैनीताल जिले के मौजूदा निवासी बताये गये पांच में से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष दो अपने पतों पर मिल नहीं पाये। अलबत्ता जिला प्रशासन के प्रयासों से अन्य जिलों से भी नैनीताल जनपद व खासकर हल्द्वानी में आ बसे कुल 9 लोगों ने आवेदन किये हैं।
‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
नवीन समाचार, नैनीताल, 08 दिसम्बर 2020। नगर के हिमालय दर्शन प्वाइंट सहित किलबरी रोड एवं नैना पीक चोटी, स्नो व्यू व टिफिन टॉप आदि से गढ़वाल मंडल की पोरबंदी, केदारनाथ, कर्छकुंड से लेकर चौखंभा, नीलकंठ, कामेत, गौरी पर्वत, हाथी पर्वत, नंदाघुंटी, त्रिशूल, मैकतोली (त्रिशूल ईस्ट), प्रख्यात पिंडारी व सुंदरढूंगा ग्लेशियर, नंदा देवी, नंदाकोट, राजरम्भा, लास्पाधूरा, … Read more
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