उत्तराखण्ड की पत्रकारिता का इतिहास

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल (History of Journalism in Uttarakhand)। आदि-अनादि काल से वैदिक ऋचाओं की जन्मदात्री उर्वरा धरा रही देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का गौरवपूर्ण अतीत रहा है। कहते हैं कि यहीं ऋषि-मुनियों के अंतर्मन में सर्वप्रथम ज्ञानोदय हुआ था। बाद के वर्षों में आर्थिक रूप से पिछड़ने के बावजूद उत्तराखंड बौद्धिक सम्पदा के मामले में हमेशा समृद्ध रहा। शायद यही कारण हो कि आधुनिक दौर के ‘जल्दी में लिखे जाने वाले साहित्य की विधा-पत्रकारिता’ का बीज देश में अंकुरित होने के साथ ही यहां के सुदूर गिरि-गह्वरों तक भी विरोध के स्वरों के रूप में पहुंच गया।

Gumani Pant or Lokratn or Loknath | Biography | Real Name | Poems | गुमानी  पंत व लोकरत्न व लोकनाथ | जीवनी | परिचय | रचनाएँकुमाउनी के आदि कवि गुमानी पंत (जन्म 1790-मृत्यु 1846, रचनाकाल 1810 ईसवी से) ने अंग्रेजों के यहां आने से पूर्व ही 1790 से 1815 तक सत्तासीन रहे महा दमनकारी गोरखों के खिलाफ कुमाउनी के साथ ही हिंदी की खड़ी बोली में कलम चलाकर एक तरह से पत्रकारिता का धर्म निभाना प्रारंभ कर दिया था। इस आधार पर उन्हें अनेक भाषाविदों के द्वारा उनके स्वर्गवास के चार वर्ष बाद उदित हुए ‘आधुनिक हिन्दी के पहले रचनाकार’ भारतेंदु हरिश्चंद्र (जन्म 1850-मृत्यु 1885) से आधी सदी पहले का पहला व आदि हिंदी कवि भी कहा जाता है।

हालांकि समाचार पत्रों का प्रकाशन यहां काफी देर में 1842 में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित ‘द हिल्स’ नामक उत्तरी भारत के पहले समाचार पत्र के साथ शुरू हुआ, लेकिन 1868 में जब भारतेंदु हिंदी में लिखना प्रारंभ कर रहे थे, नैनीताल से ‘समय विनोद’ नामक पहले देशी (हिंदी-उर्दू) पाक्षिक पत्र ने प्रकाशित होकर एक तरह से हिंदी पत्रकारिता का छोर शुरू में ही पकड़ लिया। यह संयोग ही है कि आगे 1953 में उत्तराखंड का पहला हिंदी दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ भी नैनीताल से ही प्रकाशित हुआ।

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संचार के द्विपद, बहुपद, अधिनायकवादी, उदारवादी, सामाजिक उत्तरदायित्व युक्त, कम्युनिस्ट व एजेंडा सेटिंग सिद्धांत

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संचार के द्विपद एवं बहुपद सिद्धांत डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। संचार अथवा जनसंचार की प्रक्रिया केवल वक्ता एवं श्रोता अथवा श्रोताओं के समूह पर स्वतंत्र रूप से निर्भर नहीं रहती है, वरन इन कारकों की अंर्तक्रिया या परस्पर संवाद भी संचार की प्रक्रिया पर प्रभाव डालती है। जनसंचार माध्यमों के प्रभावों को … Read more

पत्रकारिता : संकल्पना, प्रकृति और कार्यक्षेत्र, महिला पत्रकार, पत्रकारिता की उत्पत्ति का संक्षिप्त इतिहास, प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार, वृद्धि और विकास

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। जब भी हम पत्रकारिता की बात करते हैं, तो बात करते ही सर्वप्रथम हमारे मुंह से पहला स्वर निकलता है-‘पत्र’। पत्र शब्द सामान्य तौर पर प्रिंट पत्रकारिता का आभास कराता है, किंतु इस शब्द में ही मूलतः ‘पत्रकार’ शब्द से व्युत्पन्न ‘कारिता’ प्रत्यय जोड़ने से जो ‘पत्रकारिता’ शब्द … Read more

आपकी, डिजिटल-सोशल मीडिया की ताकत के आगे झुकी व्यवस्था : घर जाने के बाद फिर एम्स वापस आये महाराज के परिजन

नवीन समाचार, देहरादून, 1 जून 2020। जून माह व सप्ताह के पहले दिन उत्तराखंड में डिजिटल-सोशल मीडिया की ताकत का असर देखने को मिला। यहां एम्स ऋषिकेश प्रशासन ने केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए एक दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भर्ती काबीना मंत्री सतपाल महाराज के 5 … Read more

न्यू मीडिया (इंटरनेट, सोशल मीडिया, ब्लॉगिंग आदि) : इतिहास और वर्तमान

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न्यू मीडिया-New Media डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। आज का दौर ‘न्यू मीडिया’ का है। वह दौर गया जब समाचारों को जल्दी में लिखा गया इतिहास कहने के साथ ही ‘News Today-History Tomorrow’ कहा जाता था, अब तो ‘News This Moment-History Next Moment’ का दौर है। बिलों को जमा करने, नौकरी-परीक्षा के फॉर्म … Read more

कुमाऊं के ब्लॉग व न्यूज पोर्टलों का इतिहास

(इस पोस्ट में यदि कुछ तथ्यात्मक सुधार अपेक्षित हों तो जरूर टिप्पणी के माध्यम से या ईमेल saharanavinjoshi@gmail.com के जरिये सुझाएँ )

कुमाऊं के ब्लॉग :

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। ब्लॉगिंग को नये मीडिया का मुख्य आधार कहा जाता है, और वेब पत्रकारिता की शुरुआत सोशल मीडिया से भी पहले ब्लॉगिंग से ही मानी जाती है। निस्संदेह देश में आलोक कुमार के हिन्दी ब्लॉग ‘नौ दो ग्यारह’ से 21 अप्रैल 2003 को हिंदी ब्लॉगिंग की शुरुआत होने के बाद से ही ब्लॉगिंग साफ तौर पर पत्रकारिता से सीधे जुड़े होने के बजाय ब्लॉगरों की मनोभावनाओं-अभिव्यक्तियों को उजागर करने का माध्यम ही रही। शुरुआत में देश के बड़े शहरों व विदेशों में रहे लोगों ने ही ब्लॉगिंग की शुरुआत की, क्योंकि वहां उन्हें वहां के निवासी अपनी भाषाओं में ब्लॉगिंग करते नजर आते थे। जबकि भारत में ब्लॉगिंग में उस दौर में इंटरनेट के साथ ही हिंदी में लिखने के लिए हिन्दी फांट की समस्या और उसके लेखन की विधियां तथा लोगों के बीच तकनीकी जानकारी का अभाव जैसी बड़ी बाधाएं थीं। इस दौरान अल्मोड़ा के अक्टूबर 2004 से ब्लोगर पर सक्रिय प्रशांत जोशी ने अंग्रेजी में Almoraboy’s Pensieve, Maya Thomas WeddingSweet Memoirs नाम से अंग्रेजी में कुमाऊं में ट्रेकिंग व अन्य विषयों पर ब्लॉग शुरू किये।

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संचार, समाचार लेखन, संपादन, विज्ञापन, फीचर व ब्रांड प्रबंधन

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संचार डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। संचार एक तकनीकी शब्द है जो अंग्रेजी के कम्यूनिकेशन का हिन्दी रूपांतरण है। इसका अर्थ होता है, किसी सूचना या जानकारी को दूसरों तक पहुंचाना। इसके माध्यम से मनुष्य के सामाजिक संबंध बनते और विकसित होते हैं। मानवीय समाज की समस्त प्रक्रिया संचार पर आधारित है। इसके … Read more

विश्व व भारत में पत्रकारिता का इतिहास

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। मानव सभ्यता करीब 150-200 करोड़ वर्ष पुरानी मानी जाती है। उत्तराखंड के कालागढ़ के निकट मिले करीब 150 करोड़ वर्ष पुराने ‘रामा पिथेकस काल’ (Ramapithecus age) के माने जाने वाले एक मानव जीवाश्म से भी इसकी पुष्टि होती है। लेकिन मानव में संचार के जरूरी मूलभूत ज्ञानेंद्रियों का … Read more

विश्व व भारत में रेडियो-टेलीविज़न का इतिहास तथा कार्यप्रणाली

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। जब से मानव पृथ्वी पर आया है, तभी से वह स्वयं को भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करता रहा है। प्रारम्भ में वह संकेतों या ध्वनि के माध्यम से अपनी बात दूसरों तक पहुँचाता रहा, समय बीतते उसने भाषा की खोज की और आसानी से अपनी बात कहने … Read more