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उत्तराखंड शासन ने फिर किए अधिकारियों के स्थानांतरण, गत दिवस नियुक्त कई अधिकारी भी हटाए

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नवीन समाचार, देहरादून, 15 सितंबर 2021। उत्तराखंड शासन ने बुधवार को फिर 19 आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण कर दिए हैं। कई ऐसे अधिकारियेां के भी फिर से स्थानांतरण कर दिए गए हैं, जिन्हें गत 5 सितंबर को ही स्थानांतरण कर नई तैनातियां दी गई थीं। इनमें नैनीताल के एडीएम व प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह व पूर्व सचिव पंकज उपाध्याय भी शामिल हैं। हरबीर को इस पद से हटा दिया गया है और वापस पंकज प्राधिकरण के सचिव बन गए हैं।

देर रात जारी हुए तबादला आदेश के अनुसार उदय राज सिंह को अपर सचिव पेयजल, गिरधारी सिंह रावत को निदेशक खेल बनाया गया है। रंजना से प्रबंध निदेशक तराई बीज विकास निगम वापस लिया गया, जबकि रोहित मीणा को मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी ग्राम उद्योग बोर्ड बनाया गया है। हरीश चंद्र कांडपाल से अधिशासी निदेशक उत्तराखंड ग्रामीण विकास संस्थान, विनोद गिरी गोस्वामी से निदेशक प्रशासन और मॉनिटरिंग पंतनगर कृषि विश्वविद्यालयव जीवन सिंह से संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं संभाग के पद वापस लिए गए हैं, आरडी पालीवाल को अधिशासी निदेशक उत्तराखंड ग्रामीण विकास संस्थान व अशोक कुमार पांडे को अपर जिलाधिकारी नैनीताल, अभिषेक त्रिपाठी को अपर स्थानिक आयुक्त उत्तराखंड नई दिल्ली, केके मिश्रा को अपर जिलाधिकारी देहरादून और मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी देहरादून बनाया गया है।

वहीं जगदीश लाल से सचिव सेवा का अधिकार आयोग का पद हटाया गया है, तथा गिरीश चंद गुणवंत को नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश व सचिव सेवा का अधिकार की जिम्मेदारी दी गई है। हरवीर सिंह को नैनीताल के एडीएम व प्राधिकरण सचिव से हटाकर संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं संभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रजा अब्बास को उप सचिव सूचना आयोग का व पंकज कुमार उपाध्याय को सचिव जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी तरह दयानंद सरस्वती को कुंभ मेला अधिकारी हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार, जयकिशन को संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत व अनुराग आर्य को डिप्टी कलेक्टर रुद्रप्रयाग बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 61 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां, हरवीर फिर नैनीताल, जिलों को मिले नए डिप्टी कलेक्टर

नवीन समाचार, देहरादून, 5 सितंबर 2021। उत्तराखंड सराकर ने पांच दर्जन भारतीय प्रशासनिक सेवा व प्रांतीय सिविल सेवा यानी आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिये हैं। कई वरिष्ठ आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को नए दायित्व दे दिए हैं। कई वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है जबकि नए पीसीएस अधिकारियों को जिलों में डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है।

इकबाल अहमद को अन्य दायित्वों के साथ अपर सचिव गृह एवं ईवा आशीष श्रीवास्तव को जिला विकास प्राधिकरण टिहरी को अतिरिक्त दायित्व दिया गया है, जबकि वीके कृष्ण कुमार को अपर सचिव गृह के पद से हटाकर उनके पैतृक-पुलिस विभाग के लिए अवमुक्त कर दिया गया है। आनंद स्वरूप से निबंधक सहकारिता, चंद्र सिंह मर्तोलिया से अधिशासी निदेशक राजस्व पुलिस, भूलेख सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा व डॉ. अभिषेक त्रिपाठी से अपर आवास आयुक्त व संयुक्त मुख्य प्रशासक की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।

जबकि आलोक कुमार पांडे को अपर सचिव व निबंधक सहकारिता, उमेश नारायण पांडेय को निदेशक कर्मचारी बीमा आयोग, प्रकाश चंद्र दुम्का को अपर आयुक्त आवास, रामजी शरण शर्मा को जिला विकास प्राधिकरण टिहरी का अतिरिक्त कार्यभार, मोहन सिंह बर्निया को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, हरवीर सिंह को नैनीताल का अपर जिलाधिकारी व जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, वहीं पंकज उपाध्याय को नगर आयुक्त हल्द्वानी, सुंदर लाल सेमवाल को उत्तराखंड सेवा आयोग हरिद्वार का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है, तथा आकांक्षा वर्मा को नगर आयुक्त काशीपुर के पद से हटा दिया गया है।

अपूर्वा पांडे को संयुक्त मजिस्ट्रेट देहरादून, विशाल मिश्रा को नगर आयुक्त देहरादून, अंशुल सिंह को संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की, श्याम सिंह राणा को महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम, किशन सिंह नेगी को नगर आयुक्त कोटद्वार, नारायण सिंह नबियाल को सचिव जिला विकास प्राधिकरण यूएस नगर, अनिल गर्ब्याल को महाप्रबंधक जीएमवीएन, रज्जा अब्बास को संयुक्त सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, विवेक प्रकाश को प्रधान प्रबंधक नादेही चीनी मिल, अवधेश कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार, शैलेंद्र नेगी को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देहरादून व उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा जयवर्धन शर्मा को अल्मोड़ा, वैभव गुप्ता को हरिद्वार, मुक्ता मिश्र को पौड़ी, युक्ता मिश्र को देहरादून, कृष्णनाथ गोस्वामी को चंपावत, स्मृता परमार को पौड़ी, रविंद्र बिष्ट, राहुल शाह व योगेश सिंह को नैनीताल, गोपाल सिंह चौहान को अल्मोड़ा, सीमा विश्वकर्मा को यूएस नगर, राज कुमार पांडेय को बागेश्वर, शालिनी नेगी को उत्तरकाशी, संतोष कुमार पांडेय को चमोली, देवेंद्र नेगी, सोनिया पंत व लक्ष्मीराज चौहान को टिहरी, मीनाक्षी पटवाल को उत्तरकाशी, रिंकू बिष्ट को चंपावत, हरगिरि व परितोष वर्मा को बागेश्वर, अनिल कुमार चन्याल को चंपावत, गोपाल राव व अपूर्वा सिंह को टिहरी, विजय नाथ शुल्क को हरिद्वार, आकाश जोशी व अजयवीर सिंह को पौड़ी, अपर्णा ढोंढियाल को रुद्रप्रयाग, बुशरा अंसारी को अल्मोड़ा, मोनिका को बागेश्वर, प्रेम लाल को टिहरी, संगीता कनौजिया को हरिद्वार, सुंदर सिंह को पिथौरागढ़ का डिप्टी कलेक्टर तथा प्रत्यूष सिंह को यूएस नगर का डिप्टी कलेक्टर एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल के अपर आयुक्त व नैनीताल के एडीएम सहित 8 आईएएस व 27 पीसीएस अधिकारियों के तबादले

नवीन समाचार, देहरादून, 18 अगस्त 2021। शासन ने देर रात 8 आईएएस और 27पीसीएस अधिकारियों को फिर ताश के पत्तों की तरह फेंट दिया है। इस बार धामी सरकार की उम्मीदों पर खरे न उतर पाए या अधिक बोझ न सह पा रहे कई अधिकारियों को ‘हल्का’ किया है, साथ ही जिलों में व्यापक स्तर पर दायित्वों में बदलाव भी किये गये हैं।

आईएएस अधिकारी नितेश कुमार झा से सचिव-निदेशक पंचायत राज का पदभार वापस लिया गया है। सचिव राधिका झा को निवेश आयुक्त, नई दिल्ली व सचिव एसए मुरुगेशन को सचिव ग्राम्य विकास का अतिरिक्त पदभार दिया गया है। जबकि सचिव हरिचंद्र सेमवाल से निदेशक आइसीडीएस, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन से निदेशक शहरी विकास, अपर सचिव नितिन सिंह भदौरिया से अपर सचिव पंचायती राज तथा निदेशक स्वजल, अपर सचिव उदयराज सिंह से पेयजल, नमामि गंगे और निदेशक स्वजल व सचिव विजय कुमार यादव से निदेशक कौशल विकास एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी वापस ली गई है। जबकि अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव को अपर सचिव नियोजन का अतिरिक्त पदभार दिया गया है।

इसके अलावा अपर सचिव प्रशांत कुमार आर्य से श्रम, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, निदेशक कर्मचारी बीमा योजना और निदेशक पर्यटन विकास परिषद का पदभार वापस लेकर मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी की जिम्मेदारी दी गई है। अपर सचिव झरना कमठान से तकनीकी शिक्षा का पदभार वापस लिया गया है, व अपर सचिव मायावाती ढकरियाल को ग्रामीण निर्माण विभाग का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है।

संजय कुमार को अपर आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं संयुक्त निदेशक उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के दायित्व से मुक्त करते हुए श्रम आयुक्त हल्द्वानी बनाया गया है। प्रकाश चंद को प्रधान प्रबंधक शुगर मिल बाजपुर के पदभार से मुक्त करते हुए अपर आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं संयुक्त निदेशक उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के दायित्व पर भेजा गया है। हरिद्वार के एडीएम वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा को नैनीताल का एडीएम प्रशासन एवं कोटद्वार के नगर आयुक्त प्यारे लाल शाह को हरिद्वार का एडीएम-प्रशासन बनाया गया है। पटवारी प्रशिक्षण संस्थान के अधिशासी निदेशक श्रीष कुमार से मौजूदा पदभार वापस लेते हुए अपर सचिव श्रम तथा निदेशक, कर्मचारी बीमा योजना का पदभार सौंपा गया है। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं ललित मोहन रयाल से मौजूदा पदभार वापस लेते हुए निदेशक शहरी विकास का जिम्मा दिया गया है। मेहरबान सिंह बिष्ट को अपर सचिव पेयजल का जिम्मा दिया गया है। मुख्य कार्मिक अधिकारी पंतनगर विश्वविद्यालय विनोद गिरी गोस्वामी को निदेशक, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण हल्द्वानी का पदभार दिया गया है।

अपर स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली इला गिरी का तबादला अपर जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर किया गया है। अधिशासी निदेशक, शुगर मिल किच्छा रुचि तिवारी से मौजूदा पदभार हटाकर निदेशक समेकित बाल विकास का जिम्मा सौंपा गया है। अपर जिलाधिकारी नैनीताल कैलाश सिंह टोलिया को प्रधान प्रबंधक चीनी मिल बाजपुर के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी हरिद्वार भगवत किशोर मिश्रा को अपर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास का जिम्मा दिया गया है। प्रभारी सचिव सूचना आयोग बंशी लाल राणा को संभागीय खाद्य नियंत्रक गढ़वाल संभाग के पद पर स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश नरेंद्र सिंह को अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल का जिम्मा सौंपा गया है।

अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल के पद पर तैनात हरक सिंह रावत को अपर सचिव शहरी विकास की जिम्मेदारी दी गई है। अपर जिलाधिकारी अल्मोड़ा वीएल फिरमाल का तबादला निदेशक दुग्ध विकास एवं निदेशक महिला डेयरी, हल्द्वानी के पद पर किया गया है। संभागीय खाद्य नियंत्रक, गढ़वाल संभाग चंद्र सिंह धर्मशक्तू को निदेशक पंचायती राज के पद पर तैनाती दी गई है। निदेशक दुग्ध विकास एवं निदेशक महिला डेयरी, हल्द्वानी जीवन सिंह नगन्याल को संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं के पद पर तैनात किया गया है।

सचिव हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ललित नारायण मिश्रा को अपर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर के पद पर स्थानांतरित किया गया है। उपायुक्त, राजस्व परिषद विप्रा त्रिवेदी को सामान्य प्रबंधक, गढ़वाल मंडल विकास निगम के पद पर तैनाती दी गई है। अपर जिलाधिकारी पौड़ी शिव कुमार बरनवाल को अपर जिलाधिकारी, प्रशासन देहरादून के पद पर तैनात किया गया है। महाप्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम रामजी शरण शर्मा का तबादला अपर जिलाधिकारी टिहरी के पद पर किया गया है।

संयुक्त सचिव कौशल विकास मोहम्मद नासिर को उपायुक्त राजस्व परिषद के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी देहरादून वीर सिंह को अपर जिलाधिकारी, हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित किया गया है। अपर जिलाधिकारी चम्पावत त्रिलोक सिंह को अधिशासी निदेशक, चीनी मिल किच्छा के पद पर तैनाती दी गई है। अपर मुख्य नगर अधिकारी, देहरादून मोहन सिंह बर्निया को नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश का जिम्मा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी टिहरी शिवचरण द्विवेदी को अपर जिलाधिकारी चम्पावत के पद पर भेजा गया है। सचिव एमडीडीए प्रकाश चंद्र दुम्का को संयुक्त मुख्य प्रशासक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा प्रभारी सचिव सूचना आयोग के पद पर तैनात किया गया है।

नगर आयुक्त, नगर निगम हल्द्वानी चंद्र सिंह मार्तोलिया को अपर जिलाधिकारी अल्मोड़ा तथा अधिशासी निदेशक राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा का जिम्मा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर उत्तम सिंह चौहान को सचिव हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का जिम्मा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर जगदीश चंद्र कांडपाल को नगर आयुक्त, नगर निगम कोटद्वार की जिम्मेदारी दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब शासन ने पीसीएस अधिकारियों के पत्ते फैंटे

नवीन समाचार, देहरादून, 9 अगस्त 2021। उत्तराखंड शासन ने सोमवार को राज्य में 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। पीसीएस अधिकारी उदयराज को अपर सचिव गन्ना-चीनी व हरीश चंद्र कांडपाल को उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण उधम सिंह नगर का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वहीं बंशीधर तिवारी को महानिदेशक विद्यालय शिक्षा व दीप्ति सिंह से श्रमायुक्त का दायित्व वापस लेते हुए उन्हें अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा बनाया गया है।

जय भारत सिंह से नगर आयुक्त हरिद्वार से मुक्त करते हुए उन्हें अपर जिलाधिकारी प्रशासन उधम सिंह नगर बनाया गया है। जगदीश चंद्र कांडपाल से अपर जिलाधिकारी उधमसिंह नगर के दायित्व से मुक्त करते हुए उन्हें बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। एकमात्र कांडपाल हैं जिन्हें कोई दायित्व नहीं दिया गया है। कौस्तुभ मिश्र को डिप्टी कलेक्टर चमोली से डिप्टी कलेक्टर उधमसिंह नगर बनाया गया है।

दयानंद सरस्वती को उप मेलाधिकारी कुम्भ से नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार बनाया गया है। राकेश चंद्र तिवारी को डिप्टी कलेक्टर बागेश्वर से डिप्टी कलेक्टर उधम सिंह नगर बनाया गया है। विनोद कुमार को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल से डिप्टी कलेक्टर देहरादून बनाया गया है। बृजेश कुमार तिवारी को डिप्टी कलेक्टर रुद्रप्रयाग से डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शासन ने 2 आईएएस हल्के किये, तीसरे को दे दिया उनका दोहरा भार..

नवीन समाचार, देहरादून, 6 अगस्त 2021। उत्तराखंड शासन ने 3 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। आईएएस अधिकारी दिलीप जावलकर से स्थानिक आयुक्त व पंकज कुमार पांडे से सचिव राजस्व का प्रभाव हटा दिया गया है। जबकि आईएएस बीवीआरसी पुरुषोत्तम को यह दोनों जिम्मदरियाँ देते हुए सचिव नियोजन व तकनीकी शिक्षा तथा राजस्व एवं स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आखिर हो गया उत्तराखंड की नौकरशाही में बड़ा बदलाव, करीब 3 दर्जन के दायित्व बदले

नवीन समाचार, देहरादून, 31 जुलाई 2021। उत्तराखंड शासन ने शनिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं प्रांतीय सिविल सेवा, वित्त सेवा व सचिवालय सेवा के 34 अधिकारियों के आज स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए नवीन तैनाती के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।

इसी कड़ी में आज राधा रतूड़ी को अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा का अतिरिक्त पदभार दिया गया है जबकि  दिलीप कुमार राजाराम जावलकर सचिव धर्म से एवं संस्कृति से हटाकर स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली भेजे गए हैं। वही एस मुरुगेशन से सचिव लघु सिंचाई हटाया गया है। डॉ. पंकज कुमार पांडे को सचिव गन्ना चीनी एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखंड शुगर फेडरेशन का अतिरिक्त पदभार दिया गया है, जबकि हरीश चंद्र सेमवाल को सचिव लघु सिंचाई एवं धर्म एवं संस्कृति का तथा दीपक रावत को कुंभ मेला अधिकारी हरिद्वार एवं विजय कुमार यादव को निदेशक कौशल विकास एवं प्रशिक्षण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा डॉ. राजेश कुमार स्मार्ट सिटी के सीईओ व विनय शंकर पांडे जिला अधिकारी हरिद्वार तथा उपाध्यक्ष हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण बनाए गए हैं। वहीँ विनोद कुमार सुमन को सचिव प्रभारी सचिवालय प्रशासन, सी रविशंकर से जिलाधिकारी हरिद्वार का जिम्मा ले लिया गया है। अपर सचिव वित्त चिकित्सा चिकित्सा शिक्षा तथा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी। आनंद स्वरूप से जिलाधिकारी पिथौरागढ़ का प्रभार लेकर अपर सचिव ग्राम्य विकास आयुक्त ग्राम विकास तथा निबंधक सहकारिता का जिम्मा सौंपा गया है। आशीष कुमार श्रीवास्तव को अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी विज्ञान एवं तकनीकी निदेशक बनाया गया है। नितिन सिंह भदोरिया से जिलाधिकारी अल्मोड़ा का प्रभार ले लिया गया है। आशीष चौहान को जिलाधिकारी पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वाति भदौरिया को चमोली जिलाधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वंदना सिंह को अल्मोड़ा और हिमांशु खुराना चमोली का जिलाधिकारी बनाया गया है। आशीष भटगाई को मुख्य विकास अधिकारी उधमसिंह नगर, सवीन बंसल को परियोजना प्रबंधक, यूपीएपीयूआरपी बनाया गया है। रामविलास यादव से अपर सचिव समाज कल्याण का प्रभार ले लिया गया है। झरना कमठान को अपर सचिव समाज कल्याण तथा प्रबंध निदेशक बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम बनाया गया है। प्रताप सिंह शाह को अपर सचिव राज्य संपत्ति राज्य संपत्ति अधिकारी और अरुणेंद्र सिंह चौहान को अपर सचिव वित्त बनाया गया है। अभिषेक रोहिल्ला बने आयुक्त नगर निगम देहरादून तथा परियोजना निदेशक उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी। योगेंद्र यादव को मिली अपर सचिव सैनिक कल्याण तथा सिंचाई की जिम्मेदारी।

देव कृष्ण तिवारी को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड,  प्रदीप सिंह रावत को अपर सचिव समाज कल्याण महिला कल्याण आयुक्त निशक्तजन एवं निदेशक महिला कल्याण बनाया गया है। सुरेश जोशी को सचिव समाज कल्याण निदेशक जनजाति निदेशालय एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी ग्राम उद्योग बोर्ड से अवमुक्त कर दिया गया है। अतर सिंह को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वेरी राम को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन तथा तकनीकी शिक्षा, और संजय सिंह टोलिया को मिली निदेशक जनजाति निदेशालय की जिम्मेदारी दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी सरकार का आईएएस अधिकारियों पर चाबुक ! 20 साल के उत्तराखंड में आयाऐसा पहला आदेश

नवीन समाचार, देहरादून, 24 जुलाई 2021। पिछली सरकारों में मौज करने वाले आईएएस अफसरों पर नये सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकुश लगाना शुरू कर दिया है। धामी ने साफ कर दिया है कि वे पोस्टिंग के लिए कोई दबाव न बनाएं। धामी के निर्देश पर सभी आईएएस अधिकारियों को लिखित चेतावनी दे दी गयी है, कि वे अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए अपने राजनीतिक आकाओं से सिफारिश न कराएं। इस आदेश से शासन में हड़कंप मचा हुआ है।

कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया। अखिल भारतीय सेवा के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए यह ऐसा आदेश है, जो संभवतः राज्य के 20 साल के इतिहास में पहली बार जारी हुआ है। सभी आईएएस अधिकारियों को संबोधित इस पत्र में कहा गया है कि वे अपनी सेवा से संबंधित किसी भी प्रकरण के लिए उच्चाधिकारियों पर किसी तरह का राजनीतिक अथवा अन्य तरह का दबाव न बनाएं। आदेश में अखिल भारतीय सेवा के सर्विस रूल १९६८ के नियम-१८ की याद दिलायी गयी है, जिसमें किसी भी तरह की सिफारिश कराना निषिद्ध है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी आईएएस अधिकारी ने इस तरह का दबाव बनाया तो शासन को संबंधित अधिकारी की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित करने को बाध्य होना पड़ेगा। इस आदेश के बाद सरकारों को अपने इशारों पर नचाने वाली आईएएस लाबी में हड़कंप मचने की खबर है। माना जा रहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के पास दबाव बनाने वाले ऐसे कुछ प्रकरण आये हैं और उन्होंने दबाव बनाने वाले इन अफसरों व उनके राजनीतिक आकाओं के आगे न झुकने का मन बना लिया है। वैसे भी यह चर्चा है कि धामी के राज में अधिकारी पहले की तरह उन्मुक्त नहीं हैं और वे बैठकों में भी पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। इस बात की पुष्टि कुछ अफसरों ने की है। आज के आदेश से यह भी माना जा रहा है कि सीएम धामी जिलाधिकारियों को बदलने की तैयारी कर रहे हैं और कार्मिक विभाग के जरिये उन्होंने यह साफ कर दिया है कि कोई भी अधिकारी मनचाही पोस्टिंग या जिलों के हाकिम बनने के लिए किसी तरह का दबाव न बनाए।

उल्लेखनीय है कि सीएम धामी ने अपने पूर्ववर्तियों से इतर एक गैर आईएएस अफसर आईपीएस अभिनव कुमार को अपने कार्यालय में अपर प्रमुख सचिव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर आईएएस लाबी को एक संदेश भी दिया है। आईएएस लाबी इतनी मजबूत है कि 2012 में तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा के प्रमुख वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत को अपर मुख्य सचिव बनाने की कोशिशों पर ही पानी फेर दिया था जबकि कई प्रदेशों में अखिल भारतीय सेवा ही नहीं टेक्नोक्रेट भी वहां के शासकीय काम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कार्मिक विभाग के आज के आदेश से एक बात तो साफ हो गयी है कि सीएम धामी ने आईएएस लाबी के बहाने दबाव बनाकर उल्टे सीधे काम कराने वालों के लिए भी संदेश देने की कोशिश की है। इसके साथ ही यह चर्चा शुरू हो गई हैं कि आखिर कौन अधिकारी है, जो दबाव बनाकर मलाईदार कुर्सी की जोड़तोड़ में लगे हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : अब धामी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पत्ते फैंटे…

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जुलाई 2021। उत्तराखंड शासन ने राज्य में मुख्यमंत्री के बदलने के बाद आईएएस अधिकारियों के विभागों में बड़े पैमाने पर बदलाव कर दिया है। 3 पन्नों की तबादला सूची में बृजेश कुमार संत को बीसीएम डीडीए, विजय कुमार यादव को कौशल विकास का सचिव, नीरज खैरवाल को प्रभारी सचिव ग्रामीण निर्माण विभाग, दीपक रावत को प्रबंध निदेशक यूपीसीएल, विनोद कुमार सुमन को सचिव सामान्य प्रशासन व राजेश कुमार को जिलाधिकारी देहरादून बनाया गया है। वहीं रणवीर सिंह चौहान को आयुक्त आबकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा मनीषा पवार को अपर मुख्य सचिव वित्त, आनंद वर्धन को अपर मुख्य सचिव गृह बनाया गया है, जबकि आर मीनाक्षी सुंदरम से शिक्षा वापस ले कर उन्हें सचिव कृषि व कृषि कल्याण बनाया गया है, वहीं नितेश कुमार झा से गृह विभाग हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग दिया गया है। राधिका झा से ऊर्जा विभाग हटा कर उन्हें विद्यालय शिक्षा विभाग दिया गया है। इनके अलावा सौजन्या को सचिव ऊर्जा व रंजीत कुमार सिन्हा को सचिव गृह तथा एस मुरुगेशन को सचिव खेल और कल्याण बनाया गया है। आशीष कुमार श्रीवास्तव को जिलाधिकारी देहरादून के पद से हटाकर अभी कोई नई तैनाती नहीं दी गई है, जबकि हरीश चंद्र सेमवाल को सचिव सिंचाई व पंकज पांडे को सचिव राजस्व बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडलायुक्त पद पर हुई तैनाती, महिला के यौन उत्पीड़न के लिए सुर्खियों में रह चुके हैं नए आयुक्त

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जुलाई 2021। उत्तराखंड शासन ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त पद पर आईएएस सुशील कुमार की तैनाती कर दी है। अभी हाल में यह पद त्यागने वाले सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने उनके स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। सुशील कुमार वर्तमान में सचिव राजस्व, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, आयुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले एवं आयुक्त आबकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि आईएएस सुशील कुमार पिछले दिनों एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों बाद राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाने के कारण सुर्खियों में रहे थे। यूपी के बिजनौर जिले की एक शिक्षिका ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पहले से शादीशुदा होते हुए 19 अगस्त 2012 को उससे उसकी शादी की थी। उनसे उनका एक पांच साल का बेटा भी है। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने बेटे के साथ इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई थी,साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत की थी। महिला आयोग ने पूरे मामले की जांच उच्च अधिकारी से कराने के निर्देश भी दिए थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आईएएस रतूड़ी व ह्यांकी सहित तीन उच्चाधिकारियों के दायित्वों में बदलाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2021। धामी सरकार में मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव के बाद तबादलों की श्रृंखला मुख्यमंत्री के सचिवालय से होते हुए नीचे को बढ़ने लगी है। बुधवार को आईएएस राधा रतूड़ी व अरविंद सिंह ह्यांकी सहित तीन उच्चाधिकारियों के दायित्वों में बदलाव कर दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को मुख्यमंत्री के सचिवालय तथा कार्मिक व सतर्कता विभाग के बड़े ओहदे से हटाकर यूपीसीएल, यूजेवीएनएल व पिटकुल का अध्यक्ष बना दिया गया है, जिस बारे में सरकार अभी 100 यूनिट बिजली देने की एक तरह की घोषणा के बाद कदम वापस खींच चुकी है। वहीं आईएएस अरविंद सिंह ह्यांकी से भी मुख्यमंत्री के सचिव, कुमाऊं मंडल के आयुक्त व उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल के निदेशक के पद्भार वापस लेते हुए उन्हें सचिव कार्मिक एवं सतर्कता तथा स्टाफ ऑफीसर व मुख्य सचिव बनाया गया है। वहीं वित्त सेवा के अधिकारी अरुणेंद्र सिंह चौहान से भी अपर सचिव मुख्यमंत्री का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है।

इसके साथ कुमाऊं मंडल के आयुक्त व उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल के निदेशक के साथ मंडल मुख्यालय में मुख्यमंत्री के सचिव के पद रिक्त हो गए हैं। माना जा रहा है कि आगे जिलाधिकारियों के स्थानांतरण के साथ यहां नई तैनाती हो सकती है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘नाइट वॉचमैन’ धामी ने आते ही खेला ‘मास्टर स्ट्रोक’, एक झटक में बदल देंगे राज्य की प्रशासनिक मशीनरी !

नवीन समाचार, देहरादून, 05 जुलाई 2021। उत्तराखंड में मौजूदा सरकार के तीसरे नेतृत्व परिवर्तन के बाद आगे सीएम पुष्कर धामी को लोग 2022 के चुनाव के दृष्टिकोण से और क्रिकेट की भाषा में ‘नाइट वॉचमैन’ कहे जा रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मास्टर स्ट्रोक’ खेल दिया है। जिन धीमे और प्रशासनिक मशीनरी को सरकार पर हावी होने का कारण बताए जा रहे और अपनी ताजपोशी से ही आरोपों में घिरे राज्य के प्रशासनिक मुखिया मुख्य सचिव ओम प्रकाश को बदला जा रहा है।

उनकी जगह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एसएस संधू यानी सुखबीर सिंह संधू को उत्तराखंड लाया जा रहा है। उन्हें सोमवार को केंद्र से कार्यमुक्त कर दिया गया है। अब किसी भी समय संधू को उत्तराखंड का मुख्य सचिव बनाने की घोषणा हो सकती है।

काम करने में तेजतर्रार माने जाने वाले सुखबीर सिंह संधू के पास व्यापक अनुभव है। सुखबीर सिंह संधू केंद्र सरकार और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश तथा पंजाब सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। 1988 बैच के आईएएस अफ़सर है वर्तमान तक एनएचएआई के चेयरमैन रहे हैं। संधू पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सचिव रहे हैं और उत्तराखंड में लौटने के बाद बीसी खंडूरी, विजय बहुगुणा और हरीश रावत के प्रमुख सचिव रहे हैं। इसके अलावा संधू मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं। उन्होंने अमृतसर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर से इतिहास में मास्टर डिग्री के साथ वह विधि स्नातक भी हैं। वह अब तक केंद्र में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के चेयरमैन थे। 2019 में उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दायित्व सौंपा गया था। इसके साथ राज्य में जल्द ही बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव की भी उम्मीद की जा रही है।

गौरतलब है कि तमाम आरोपों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पुराने सहयोगी के रूप में आईएएस ओम प्रकाश को 2020 में मुख्य सचिव बनाया था, लेकिन करीब 115 दिन मुख्यमंत्री रहे तीरथ सिंह रावत भी उन्हें क्या, राज्य के एक भी जिले के जिलाधिकारी को भी नहीं बदल पाए थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सात पीसीएस अधिकारियों के बदले गए दायित्व, तीन प्रशिक्षु आईएएस को भी मिली तैनाती…

नवीन समाचार, देहरादून, 25 जून 2021। उत्तराखंड में शुक्रवार को 7 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।  इनके अलावा तीन प्रशिक्षु आईएएस को भी तैनाती दी गई है। प्रशिक्षु आईएएस अभिनव शाह को चमोली, जय किशन को रुद्रप्रयाग व नंदन कुमार को पिथौरागढ़ जिलों में डिप्टी कलेक्टर के पद पर भेजा गया है।

पीसीएस अधिकारी रामदत्त पालीवाल को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार के परीक्षा नियंत्रक से हटाकर प्रशिक्षण निदेशालय हल्द्वानी का अपर निदेशक बनाया गया है। जबकि इस पद पर अब तक कार्य कर रहे पीसीएस अधिकारी मोहम्मद नासिर को कौशल विकास विभाग उत्तराखंड शासन का संयुक्त सचिव बनाया गया है। इनके अलावा पीसीएस अधिकारी जगदीश लाल से हरिद्वार के सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है और उन्हें उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। अब तक महाप्रबंधक उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम के साथ-साथ सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे पीसीएस अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का से यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।

अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संबद्ध किये गए पीसीएस अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय को यहां से हटाकर उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम सिडकुल देहरादून का महाप्रबंधक बनाया गया है। नैनीताल के डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे विवेक राय को उपायुक्त गन्ना काशीपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीसीएस अधिकारी पारितोष वर्मा अब तक उपनिदेशक मंडी परिषद रुद्रपुर तथा उपायुक्त गन्ना काशीपुर और क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल, पंतनगर, सितारगंज का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उनसे काशीपुर गन्ना उपायुक्त का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : केएमवीएन व रोडवेज के एमडी तथा नैनीताल के सीडीओ सहित आधा दर्जन से अधिक आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के फिर तबादले

नवीन समाचार, देहरादून, 18 जून 2021। उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को आधा दर्जन से अधिक आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया है। इनमें कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक के पद पर गत 11 जून को जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल के उपाध्यक्ष के अतिरिक्त प्रभार के साथ आईएएस अभिषेक रुहेला को दिये गए दायित्वों में फेरबदल भी शामिल है, जिन्हें दिए गए यह दोनों दायित्व वापस ले लिए गए हैं। रुहेला को अब आईएएस आशीष कुमार चौहान के दायित्वों में से अलग कर उत्तराखंड परिवहन निगम के एमडी का दायित्व दे दिया गया है, जबकि उन्हें दिए गए दोनों पद नैनीताल के मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी को दे दिए गए हैं। इस प्रकार अब श्री भंडारी कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक होंगे और उनके पास जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल के उपाध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। उनके शनिवार को मौजूदा एमडी रोहित मीणा से कार्यभार ग्रहण करने की उम्मीद है, जिन्होंने अभी कार्यभार नहीं छोड़ा है। भंडारी की जगह टिहरी के डिप्टी कलेक्टर संदीप तिवारी को नैनीताल का सीडीओ बनाया गया है।

इसके अलावा आईएएस अंशुल सिंह की यूएस नगर के डिप्टी कलेक्टर पद पर की गई तैनाती को निरस्त कर दिया गया है। आईएएस वरुण चौधरी को चमोली का सीडीओ बनाया गया है। उधर वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी ललित मोहन रयाल से गन्ना एवं चीनी आयुक्त काशीपुर का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर पीसीएस हंसा दत्त पांडेय को यह जिम्मेदारी दे दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शासन ने डिप्टी कलेक्टरों के पत्ते फैंटे, नैनीताल के दो अधिकारियों को अच्छे काम का ‘ईनाम’, दो आईएएस के दायित्वों में भी फेरबदल..

नवीन समाचार, देहरादून, 11 जून 2021। उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को दो आईएएस और 10 पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया है। आईएएस हरबंस सिंह से सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा हटा दिया गया है, वहीं आईएएस चंद्रेश कुमार यादव को आयुष एवं आयुष शिक्षा का प्रभारी सचिव बनाया गया है। पीसीएस अधिकारी पंकज उपाध्याय को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल के अतिरिक्त प्रभार में अच्छा कार्य करने का ईनाम इसी पद पर पूर्ण-मूल तैनाती के रूप में मिला है। जबकि पीसीएस अधिकारी प्रत्यूष सिंह को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी से सचिव जनपद स्तरीय विकास प्राधिकरण यूएस नगर भेजा गया है। उनकी जगह लालकुआं की एसडीएम ऋचा सिंह अब हल्द्वानी की नगर मजिस्ट्रेट होंगी। रुद्रप्रयाग के डिप्टी कलेक्टर नंदन सिंह नगन्याल अब नैनीताल स्थित उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी के उप निदेशक होंगे। वहीं अब तक उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी का काम देख रहे जितेंद्र कुमार अब पौड़ी के डिप्टी कलेक्टर होंगे। वहीं पौड़ी के डिप्टी कलेक्टर मनीष कुमार सिंह को इसी पद पर नैनीताल व पिथौरागढ़ के डिप्टी कलेक्टर तुषार सैनी को ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा के डिप्टी कलेक्टर राहुल साह को रुद्रप्रयाग, पौड़ी के डिप्टी कलेक्टर योगेश सिंह को रुद्रप्रयाग, टिहरी के डिप्टी कलेक्टर रवींद्र जुंवाठा को चमोली भेजा गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 24 आईएएस सहित 30 अधिकारियों के दायित्व बदले…

नवीन समाचार, देहरादून, 05 अप्रैल 2021। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सचिवालय में तैनात 24 आईएएस सहित 30 अधिकारियों के दायित्वों में सोमवार को बड़ा फेरबदल किया है। सोमवार देर शाम सीएम की हरी झंडी के बाद कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से सैनिक कल्याण हटा कर आयुक्त समाज कल्याण और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु कोे खनन वापस लेकर ग्रामीण निर्माण की जिम्मेदारी दी है। वहीं प्रमुख सचिव एल फैनई को सैनिक कल्याण सौंपा गया है। सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम से महानिदेशक शिक्षा वापस उन्हें खनन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जबकि सीएम ने अपने सचिव शैलेश बगोली से परिवहन वापस ले लिया है। सचिव डी सैंथिल पांडियन को कौशल विकास एवं सेवायोजन अतिरिक्त दिए हैं, जबकि नितेश कुमार झा से सिंचाई व लघु सिंचाई वापस ले लिया है। डा. पंकज कुमार पांडेय को चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की नई जिम्मेदारी दी गई है। डा. रंजीत कुमार सिन्हा से कौशल विकास एवं सेवायोजन हटाकर परिवहन, एसए मुरुगेशन से सिडकुल व आयुक्त उद्योग हटाकर सिंचाई व लघु सिंचाई, बृजेश कुमार संत से ग्रामीण निर्माण हटा निदेशक खनन तो चंद्रेश कुमार को आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद की नई जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा प्रभारी सचिव वी षणमुगम से सामान्य प्रशासन वापस लेकर नियोजन व निदेशक आडिट, नीरज खैरवाल को उरेडा व विनय शंकर को पांडेय को महानिदेशक (शिक्षा) की अतिरिक्त कार्यभार दिया है। सुरेंद्र नारायण पांडेय से ऊर्जा एवं उरेडा हटाकर आवास आयुक्त, अपर मुख्य प्रशासक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण सौंपा है। ये सभी विभाग विनोद कुमार सुमन से वापस लिए हैं। वहीं अपर सचिव सविन बंसल से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त व एनएचएम निदेशक हटाकर सिडकुल व महानिदेशक उद्योग, युगल किशोर पंत से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा हटा पर्यटन एवं धर्मस्व व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद, रणवीर सिंह चौहान से परिवहन एवं प्रबंध निदेशक परिवहन, डा.अहमद इकबाल से निदेशक आडिट, सोनिका से पर्यटन, धर्मस्व एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद वापस लिया है। सोनिका को एनएचएम निदेशक व आयुक्त स्वास्थ्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है। इसी कड़ी में अपर सचिव आशीष कुमार चौहान को परिवहन निगम में प्रबंध निदेशक, वंदना सिंह को निबंधक सहकारिता की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है। पीसीएस व अपर सचिव डा. मेहरबान सिंह बिष्ट से खनन व निदेशक खनन वापस लेकर सिंचाई व लघु सिंचाई दिया है। ये दोनों विभाग उदय राज सिंह से वापस लिए हैं। झरना कामठान से बाल अधिकार संरक्षण आयोग में सचिव पद वापस लेकर आलोक कुमार पांडेय को दिया है। वहंी सचिवालय सेवा संवर्ग के अपर सचिव प्रदीप रावत से अपर सचिव सीएम की जिम्मेदारी लेकर मदन मोहन सेमवाल को दे दी है।

यह भी पढ़ें : मारपीट के बाद घायल अपर मेलाधिकारी ने अस्पताल से सीधे हमलावर संतों के पास पहुंचकर दिखाया बड़ा दिल…

नवीन समाचार, हरिद्वार, 02 अप्रैल 2021। कुंभ मेले के पहले दिन बृहस्पतिवार की रात्रि हुई मारपीट को भुलाकर अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने शुूक्रवार को बड़ा दिल दिखाकर सबका दिल जीत लिया। घटना में घायल होने के बावजूद हरबीर सिंह आज अस्पताल से सीधे उन्हीं नाराज साधु-संतों के उसी अखाड़े में पहुंचे, जहां उनके साथ मारपीट हुई थी। ऐसे में हतप्रभ रहे संतों ने भी दिल खोलकर हरबीर सिंह का स्वागत किया।

यह भी पढ़ें : हरिद्वार में अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह के साथ संतों ने की मारपीट

इस दौरान हरबीर सिंह ने कहा कि वह एक अधिकारी हैं। जनता से संवाद करना उनका काम है और वह यहां अपना यही काम करने आए हैं। काम के दौरान ऐसी समस्याएं कई बार आती हैं। वह किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं रखते हैं। वह संतों के आक्रोश को समझते हैं। पूरा सरकारी अमला संतों की समस्याओं के समाधान में लगा हुआ है। लिहाजा किसी भी बात का बतंगड़ बनाकर मेले को खराब नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पहले की तरह ही पूरी ऊर्जा से मेले में अपनी ड्यूटी करेंगे। उन्होंने कहा कि अखाड़ों की समस्याओं का समाधान जल्द ही कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीती रात्रि अव्यवस्थाओं, रात बैरागी कैंप में लाइट नहीं होने को लेकर बैरागी अखाड़े के संतों में प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश था। संत लगातार प्रशासन और सरकार के कार्यों पर उंगली उठा रहा है। इस पर हरबीर सिंह को बुलाया गया था। इस दौरान उनकी संतों के साथ तकरार हुई। संतों ने सिंह के साथ मारपीट कर दी थी। इस घटना में हरबीर सिंह को चोट भी आई। गौरतलब है कि इस घटना के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी और तमाम संतों ने इस घटना की निंदा की थी। एक दिन बाद ही हरबीर सिंह खुद उन्हीं संतों के पास पहुंच गए, जिन्होंने हमला किया था।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में फिर होगी ‘पीके’ की इंट्री ? राज्य की नौकरशाही सशंकित….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मार्च 2021। उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के उपरांत नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री सचिवालय से बदलावों की शुरुआत कर राज्य की नौकरशाही व जनता में सुखद संदेश दिया था। उनके द्वारा पिछली त्रिवेंद्र सरकार का बंटाधार करने वाले अफसरों को किनारे कर उत्तराखंड मूल के अधिकारियों को जिस तरह अपने निकट की बड़ी जिम्मेदारियां दीं, उससे पिछले चार सालों में उपेक्षित होने के बाद अपनी क्षमताओं का राज्य हित में यथाशक्ति उपयोग करने से पीछे हट रहे काबिल नौकरशाहों के साथ ही जनता में भी अच्छा संदेश गया। लेकिन दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान हुए एक घटनाक्रम के बाद राज्य की नौकरशाही एक बार पुनः सशंकित हो गई है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद राज्य के सियासी गलियारों में 1986 बैच के आईएएस अधिकारी ‘पीके’ यानी प्रभात कुमार सारंगी को लेकर एक बार फिर चर्चा सुनाई दे रही है। इससे राज्य की नौकरशाही में भी हलचल है। इन चर्चाओं की शुरूआत मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान उत्तराखंड सदन में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की पीके सारंगी से मुलाकात से हुई है। मुख्यमंत्री रावत राज्य में नौकरशाही में अपने हिसाब से बदलाव की कोशिश में हैं। ऐसे में सारंगी से उनकी कथित मुलाकात से सूबे की नौकरशाही भी सचेत हो गई है। सारंगी वर्तमान में दिल्ली में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य स्थानिक आयुक्त हैं। वह अप्रैल 2022 में सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में कुछ लोग उन्हें प्रदेश में अहम भूमिका के रूप में भी देख रहे हैं। वैसे भी मौजूदा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और सारंगी दोनों पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के करीबी रहे हैं। ऐसे में पीके सारंगी से उनकी मुलाकात के सियासी मायने निकलना लाजिमी है। बता दें कि हाल में मौजूदा सीएम ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की किचन कैबिनेट में शामिल रहे कुछ सलाहकारों और आईएएस व पीसीएस अफसरों को किनारे कर दिया है।
याद दिलाना समयाचीन होगा कि सारंगी ही वह अधिकारी थे जो वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री बने भुवन चंद्र खंडूड़ी के सचिव एवं सबसे अधिक करीबी थे। इस बीच ‘पीके’ व ‘सारंगी का बजना’ खास अर्थ में प्रयोग किये जाते थे और आखिर करीब दो वर्ष में ही खंडूड़ी जब इतने अलोकप्रिय हो गए कि उन्हें जून 2009 में पदच्युत होना पड़ा, तो इसके लिए खंडूड़ी की अकड़ू छवि के साथ ही पीके सारंगी और भ्रष्टाचार को भी बड़ा कारण माना गया। वहीं खंडूड़ी जब अपने दूसरी बार मुख्यमंत्री बन कर ‘जरूरी’ हुए तो तब सारंगी उनके साथ नहीं थे। ऐसे में अब जबकि खंडूड़ी को अपना गुरु मानने वाले मुख्यमंत्री रावत सारंगी से मिले हैं तो राज्य में चर्चाओं का बाजार गर्म होना और राज्यवासियों व नौकरशाहों का चिंतित होना लाजमी ही है।

यह भी पढ़ें : सीएम तीरथ बढ़े सरकार के ‘मेकओवर’ की ओर, नैनीताल का ‘मेकओवर’ करने वाले आईएएस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी

नवीन समाचार, देहरादून, 16 मार्च 2021। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जनोन्मुखी सरकार चलाने का संदेश देने के साथ सरकार की छवि बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा करने से पहले अधिकारियों की अपनी तरह से तैनाती करने की ओर बढ़ते सबसे पहले सूचना विभाग के मुख्यालय में बदलाव किया है। पीसीएस अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट को हटाकर कलाप्रेमी और गायक आईएएस अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को सूचना विभाग की कमान सोंपी गई है। चौहान नैनीताल जनपद में भी रहे हैं। यहां उनका गाया गीत ‘ये नैनीताल है’ नैनीताल सिटी एंथम के रूप में बेहद लोकप्रिय है, और नगर के सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर बजाया जाता है। यूट्यूब पर उनके गाये गीत ये क्या हुआ, तेरे बिना जिया जाये ना, रुक जाना नहीं व ढलता सूरज ढलता है आदि भी काफी लोकप्रिय हुए हैं।
सुनें-देखें आईएएस रणवीर सिंह चौहान का गाया नैनीताल सिटी एंथम

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सीएम रावत ने राज्य मूल के आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली व अमित नेगी को निजी सचिव नियुक्त करने के बाद सर्वधर्म से आने वाले वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव सुरेंद्र कुमार, केके मदान, भूपेंद्र सिंह बसेड़ा, निजी सचिव कबीर अंसारी व अपर निजी सचिव सुनील कुमार अपने निजी स्टाफ में नियुक्त कर भरोसा जताया था। अब एक और राज्य मूल के आईएएस अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी देकर सीएम ने अपनी सरकार को जनोन्मुखी बनाने की ओर एक और बड़ी पहल की है।

 

यह भी पढ़ें : जिलों से आठ पीसीएस अधिकारियों को हटाया

नवीन समाचार, देहरादून, 15 मार्च 2021। उत्तराखंड शासन ने कुंभ मेले के दृष्टिगत राज्य के जिलों में तैनात आठ पीसीएस अधिकारियों को कुंभ मेले में भेज दिया है। टिहरी के डिप्टी कलेक्टर रविंद्र कुमार जुवांठा, पौड़ी के मनीष कुमार सिंह, उत्तरकाशी के आकाश जोशी, यूएस नगर के नरेश चंद्र दुर्गापाल, नैनीताल के प्रत्यूष सिंह, बागेश्वर के प्रमोद कुमार के साथ ही देहरादून से देवानंद व अवधेष कुमार सिंह को कुंभ मेला भेजा गया है।

 

यह भी पढ़ें : TSR 2.0 में क्या बेलगाम नौकरशाही पर लगेगी लगाम ! आज हो सकती है स्थिति साफ !!

नवीन समाचार, देहरादून, 12 मार्च 2021। उत्तराखंड सचिवालय में आज कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत बदलाव की शुरुआत सचिवालय में बदलाव के साथ कर सकते हैं। आईएएस अधिकारी शैलेश बगोली को उनका सचिव नियुक्त किया गया है। अब सीएम रावत ने ऐसे संकेत दिए हैं कि शुक्रवार को सचिवालय में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। इस मामले में आज अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी। अब देखने वाली बात ये होगी कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में नियुक्त रहे किन अधिकारियों की सचिवालय में मौजूदगी बनी रहेगी और कौन-कौन से नए चेहरे शामिल होंगे। इस बात की चर्चा तेज है कि त्रिवेंद्र सरकार में बेलगाम कही जा रही नौकरशाही में क्या बदलाव किए जाएंगे। सीएम तीरथ सिंह रावत ने शैलेश बगौली को अपना सचिव बनाकर इसके सकारात्मक पहले ही संकेत दे दिए हैं।

इसलिए अधिकारियों में डर बना हुआ है। सीएम तीरथ सिंह रावत के नए सचिव के तौर पर शैलेश बगौली के पद संभालने के बाद से कई नामी अधिकारियों को लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म है। कयास लाए जा रहे हैं कि सचिवालय में कौन रहेगा और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। वहीं जिला स्तर पर भी अधिकारियों को अपनी कुर्सी बचाने की चिंता सता रही है। इस पर आज स्थिति साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है। आज सीएम की अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ये साफ हो जाएगा कि सचिवालय में किन नए चेहरों को जगह मिलेगी और कौन बाहर जाएगा।

यह भी पढ़ें : कभी बचपन में आए थे नैनीताल घूमने, अब आईएएस बन बने एसडीएम

आईएस अधिकारी प्रतीक जैन

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 फरवरी 2021। 2018 बैच के युवा आईएस अधिकारी प्रतीक जैन ने बुधवार को नैनीताल के एसडीएम पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उल्लेखनीय है कि श्री जैन को नैनीताल जनपद में ही डिप्टी कलेक्टर के तौर पर पहली नियुक्ति मिली है। अब तक वे कोश्याकुटौली तहसील के एसडीएम पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कार्यभार ग्रहण करने के मौके पर राजस्थान के अजमेर निवासी आईएएस जैन ने पत्रकारों को बताया कि वह बचपन में नैनीताल घूमने आये थे, तब उन्होंने सोचा नही था कि उन्हें यहां काम करने का मौका मिलेगा। इसलिए यहां नियुक्ति मिलने पर काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग: नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा व चंपावत आदि डीएम सहित कई आईएएसस अधिकारियों के तबादले

नवीन समाचार, देहरादून, 08 फरवरी 2021। उत्तराखंड शासन ने नैनीताल व पौड़ी सहित कई जिलाधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, साथ ही कई आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया है। नैनीताल के डीएम सविन बंसल को हटाकर शासन में भेजा गया है। उन्हें चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा में अपर सचिव एवं आयुक्त तथा स्वास्थ्य तथा निशन एनएचएम का निदेशक बनाया गया है। जबकि उनकी जगह पौड़ी के डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल को प्रदेश के प्रतिष्ठित नैनीताल जनपद का जिलाधिकारी बनाया गया है। धीराज यहां पूर्व में केएमवीएन के एमडी तथा मुख्य विकास अधिकारी एवं तत्कालीन झील विकास प्राधिकरण के सचिव भी रह चुके हैं।

वहीं पिथौरागढ़ के डीएम विजय कुमार जोगदांडे को उनकी जगह पौड़ी का डीएम जबकि आईएएस आनंद स्वरूप को उनकी जगह पिथौरागढ़ का डीएम बनाया गया है। इसी तरह अल्मोड़ा के डीएम नितिन भदौरिया को शासन में भेजा गया है तथा चंपावत के डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय को अल्मोड़ा का डीएम और हरिद्वार के सीडीओ विनीत तोमर को चंपावत का डीएम बनाया गया है। वहीं आईएएस सोनिका ने एनएचएम के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार हटाया गया है। उधर पिथौरागढ़ के सीडीओ सौरभ गहरवार को हरिद्वार का सीडीओ, डिप्टी कलेक्टर देहरादून अनुराधा पाल को सीडीओ पिथौरागढ़ बनाया गया है। वहीं आइएएस आर मीनाक्षी सुंदरम से विद्यालयी शिक्षा के महानिदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है, जबकि पीसीएस अधिकारी देव कृष्ण तिवारी को अपर सचिव सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग सहित अन्य पदभार दिये गये हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 01 जनवरी 2020। जी हां, नया साल तो वाकई पहले दिन ही राज्य के 8 आईएएस व 5 पीसीएस अधिकारियों के लिए सबसे पहले शुभ हुआ है। उत्तराखंड शासन ने 2005 बैच के 5 आईएएस अधिकारियों को ‘सुपर टाइम स्केल’ में पदोन्नत कर दिया है। आईएएस रंजीत कुमार सिन्हा, एसए मुरुगेशन, विनोद प्रसाद रतूड़ी, सुशील कुमार और हरि चंद्र सेमवाल को साल के पहले दिन पदोन्नति मिली है। माना जा रहा है कि जल्द ही पदोन्नतियों के बाद उन्हें नई बड़ी जिम्मेदारियां भी मिल जाएंगे। वहीं 3 आईएएस अधिकारियों को केंद्र में संयुक्त सचिव के पद पर भेजा जा रहा है। इनमें आईएएस अधिकारी सौजन्या, उनके पति आईएएस अधिकारी दिलीप जावलकर और आईएएस अधिकारी सचिन कुर्वे शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि सचिन कुर्वे पर किस्मत और व्यवस्था कुछ अधिक ही मेहरबान है। वह अभी महाराष्ट्र में प्रतिनियुक्ति काट कर आये हैं। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू रहने के दौरान वे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के सचिव भी रहे।
इनके अलावा आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार एडीजी एवं विम्मी सचदेवा आईजी पर पर पदोन्नत हुई हैं। वहीं आईपीएस निवेदिता कुकरेती, पी रेणुका देवी व बरिंदरजीत सिंह को पे बेंड मैट्रिक्स मिल गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 01 दिसम्बर 2020। प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को लोक सभा महासचिव का कार्यभार ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि 1986 बैच के आईएएस अधिकारी सिंह कुमाऊं से दूसरे जिलाधिकारी हैं जो इस पद पर पहुंचे हैं। वह 2001-2002 में नैनीताल के डीएम रह चुके हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि श्री सिंह ने कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के संयुक्त मजिस्ट्रेट पाली पद से अपनी प्रशासनिक सेवा की शुरूआत की थी।

लोक सभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह, पूर्व महासचिव अनूप मिश्रा व राज्य सभा के महासचिव देशदीपक वर्मा।

उनसे पहले उत्तर प्रदेश कैडर के 1978 बैच के आईएएस अधिकारी अनूप मिश्रा कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के 28 जनवरी 1985 से 21 अगस्त 1986 तक डीएम रहे, पहले अधिकारी थे जो लोक सभा महासचिव का यह पद पूर्व में एक दिसंबर 2014 से 30 नवंबर 2017 संभाल चुके हैं। तत्कालीन लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनकी तैनाती की थी। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सभा के वर्तमान महासचिव देश दीपक वर्मा भी अल्मोड़ा के डीएम रह चुके हैं। उप्र संवर्ग के 1978 बैच के आईएएस वर्मा ने एक सितंबर 2017 में राज्य सभा के महासचिव का कार्यभार संभाला था। इस संयोग पर कुमाऊं मंडल के प्रशासनिक हल्कों में खुशी महसूस की जा रही है।

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Imageनवीन समाचार, देहरादून, 20 नवम्बर 2020। उत्तराखंड के अगले पुलिस महानिदेशक पद के लिए शुक्रवार को तस्वीर साफ हो गई है। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार उत्तराखंड के अगले पुलिस महानिदेशक होंगे। वह 30 नवंबर को रिटायर हो रहे वर्तमान पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की जगह लेंगे। राज्यपाल की मंजूरी के बाद शुक्रवार को उनकी नियुक्ति के आदेश जारी हो गए हैं। उन्हें उनसे वरिष्ठ 1986 बैच के आईपीएस एमए गणपति पर तरजीह मिली है, जो 1990 बैच के एक अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी विनय कुमार के साथ उस तीन सदस्यीय पैनल में शामिल थे, जिसमें से ही प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक पद पर आईपीएस अशोक कुमार को प्रदेश के पुलिस मुखिया पद का दायित्व मिला है। उ अशोक कुमार वर्तमान में महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 18 नवम्बर 2020। उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को पुनः 3 आईएएस एवं 2 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। आज की तबादला सूची में एक बार पुनः आईएएस अधिकारी वंदना सिंह का तीसरी बार तबादला कर दिया गया है। उनसे पिछले दिनों कुमाऊं मंडल विकास निगम के एमडी एवं नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद का दायित्व वापस ले लिया गया है। जबकि इस पद से स्थानांतरित किए गए आईएएस रोहित मीणा को उनके पूर्व पद पर ही वापस स्थानांतरित कर दिया गया है। श्री मीणा को अल्मोड़ा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया था। अब उनकी जगह उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत नवनीत पांडेय को अल्मोड़ा का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। जबकि वंदना सिंह से ग्राम्य विकास विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं इस पद की अब तक जिम्मेदारी निभाने रामविलास से जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। जबकि अकादमी में संयुक्त निदेशक पद की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल के अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल को दी गई है। उल्लेखनीय है कि कुमाऊँ मंडल विकास निगम के अध्यक्ष केदार जोशी एवं कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी आदि श्री मीणा के तबादले का विरोध कर रहे थे, और उन्होंने उन्हें इसी पद पर बनाए रखने की मांग की उनका तबादला निरस्त होने को इसी का परिणाम माना जा रहा है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 12 नवम्बर 2020। उत्तराखंड सरकार ने बृहस्पतिवार को प्रदेश में चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। सप्ताह भर खाली रहने के बाद रुद्रप्रयाग जिले में डीएम की तैनाती कर दी गई है। अल्मोड़ा जिले के सीडीओ मनुज गोयल को रुद्रप्रयाग का नया डीएम बनाया गया है।

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वहीं उनकी जगह नैनीताल मुख्यालय में तैनात कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक तथा जनपद के जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे रोहित मीणा को अल्मोड़ा जिले का नया सीडीओ बनाया गया है। और उनकी जगह गत दिनों रुद्रप्रयाग जिले के डीएम के पद से हटाई गईं वंदना सिंह को निगम का नया प्रबंध निदेशक तथा जिला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सोंपी गई है। वहीं आईएएस अधिकारी हरि चंद्र सेमवाल को आबकारी सचिव का पदभार वापस लेकर उन्हें इन दिनों चर्चा में चल रहे महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास पूर्व से मौजूद पंचायती राज के सचिव तथा निदेशक पद की जिम्मेदारियां बनी रहेंगी।
वंदना भारतीय सिविल सेवा परीक्षा 2012 में आठवां स्थान हासिल किया.इधर वंदना सिंह जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की पहली महिला उपाध्यक्ष होने के साथ ही कुमाऊं मंडल विकास निगम की भी उत्तराखंड बनने के बाद पहली महिला प्रबंध निदेशक होंगी। वह पूर्व में नैनीताल की एसडीएम भी रह चुकी हैं। उनसे पहले आराधना जौहरी निगम की पहली व एकमात्र महिला प्रबंध निदेशक रह चुकी हैं।
वहीं, कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ रोहित मीणा को प्रबंध निदेशक पद से हटाए जाने से खुश नहीं है। महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि वह महासंघ की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर श्री मीणा को निगम में बनाए रखने व उनका स्थानांतरण निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीणा निगम में अच्छा कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना की विपरीत परिस्थतियों के बावजूद कर्मचारियों को लगातार वेतन के साथ ही दीपावली पर बोनस दिया गया। 37 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इसके अलावा नियमितीकरण पर भी सहमति बन गई थी।

यह भी पढ़ें : एक जिले की डीएम सहित दो आईएएस अधिकारियों से दायित्व हटाए

नवीन समाचार, देहरादून, 6 नवम्बर 2020। उत्तराखंड शासन ने दो आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव कर दिया है। संयोग से दोनों आईएएस अधिकारी महिला हैं। इनमें एक रुद्रप्रयाग की डीएम वंदना सिंह हैं, जिन्हें डीएम के पद से हटाकर शासन में अपर मुख्य सचिव कार्मिक के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार से औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग, राजकीय मुद्रणालय रुड़की एवं मुख्य कार्यकारी निदेशक खादी ग्रामोद्योग विभाग के दायित्व छीन लिए गए हैं। इस घटनाक्रम को उत्तराखंड में अफसरशाही व सत्ता के बीच हालिया दिनों में तनातनी बढ़ने की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों महिला आईएएस अधिकारियों को आदेशों की अवहेलना के कारण उनके पदों से हटाया गया हैं भारी पड़ गया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गत दिवस सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक बुलाई थी। जिसमे सभी संबंधित अधिकारियों व जिलों के डीएम को प्रत्यक्ष व वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शामिल होने की सूचना दे दी गई थी। बैठक में रुद्रप्रयाग की डीएम वंदना सिंह तय समय पर उपस्थित नहीं हुईं। वहीं अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार से कुछ समय पहले एक विभागीय अधिकारी का तबादला करने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने इसमें हीलाहवाली की। माना जा रहा है कि अधिकारियों को कड़ा संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने इन दो महिला आईएएस अधिकारियों को हटाने का कदम उठाया है।

यह भी पढ़ें : गौरव की बात : उत्तराखंड के एक पहाड़ी भुला’ आईएएस टीम मोदी में हुए शामिल, आईएएस मंगेश पीएम कार्यालय में अंडर सेक्रेटरी नियुक्त

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 13 सितंबर 2020। प्रधानमंत्री कार्यालय में तीन आईएएस अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने तीनों की नियुक्ति पर मुहर लगाई है। इसमें उत्तराखंड के टिहरी के डीएम मंगेश घिल्डियाल भी शामिल हैं। उन्हें पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी पद पर नियुक्त किया गया है। इस मामले में पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग विभाग ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को 12 सितंबर को पत्र भेजा था।
इनके अलावा मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रघुराज राजेंद्रन को पीएमओ में डायरेक्टर और आंध्र प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी आम्रपाली काटा को डेप्युटी सेक्रेटरी की जिम्मेदारी मिली है।
2011 में IAS की परीक्षा में मंगेश ने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया था। जिला अधिकारी के तौर पर बागेश्वर जिले में उनकी पहली नियुक्ति हुई थी। इसके बाद
घिल्डियाल रुद्रप्रयाग जिले के डीएम रहे, जहां वे केदारनाथ के पुनर्निमाण और चार धाम रोड के निर्माण से जुड़ी काम को देख रहे थे। ये दोनों प्रॉजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किए थे।
कौन हैं मंगेश घिल्डियाल
– मंगेश 16 मई 2017 को रुद्रप्रयाग के 23वें जिलाधिकारी बने थे। गढ़वाल के पौड़ी के टांडिया गांव में उनका जन्म हुआ था।
– उनके पिता प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर थे। आठवीं तक की पढ़ाई गांव में करने के बाद वे देहरादून चले आए।
– यहां उन्होंने नौवीं से लेकर ग्रैजुएशन तक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कुमाऊं यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रैजुएशन और फिर इंदौर के देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से एमटेक किया।
– इसी दौरान ‘लेजर टेक्नीक’ पर रिसर्च के लिए उन्हें साइंटिस्ट के रूप में नियुक्ति मिली। उन्होंने 2010 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा बिना कोचिंग के ही दी।
– एग्जाम में मंगेश को 131वीं रैंक मिली जिसके बाद उनका सिलेक्शन पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, हैदराबाद के लिए हो गया।
– इसके बाद भी वे सिविल परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे। 2011 में उन्होंने दोबारा सिविल सेवा एग्जाम दिया और चौथा स्थान प्राप्त किया।
– इसके बाद उन्होंने अपना कैडर उत्तराखंड चुना। पहली पोस्टिंग चमोली में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में मिली।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक आईएएस के नाम पर होगा स्पेन के एक अनछुए पर्वत व मार्ग का नाम

नवीन समाचार, देहरादून, 16 अगस्त 2020। उत्तराखंड के एक आईएएस अधिकारी, अभी हाल में तक उत्तरकाशी के डीएम रहे आशीष चौहान के द्वारा किया गया एक सराहनीय कार्य, उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। सुदूर स्पेन देश के एक अनछुए शिखर का नाम वहां की सरकार के द्वारा डीएम आशीष के नाम पर magistrate point/tip तथा मार्ग का नाम via Ashish रखा गया है। डीएम आशीष चौहान ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक magistrate के रूप में उन्हें मिले इस सम्मान के लिए स्पेन सरकार व उनके पर्वतारोही दल का आजीवन आभारी व कृतज्ञ रहने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के कार्यकाल के दौरान उन्होंने एक स्पेनिश पर्वतारोही की सहायता की थी। इसी स्पेनिश पर्वतारोही नेआज उन्होंने यह सूचना दी है कि उनके द्वारा स्पेन के एक Virgin यानी अनछुए शिखर पर सफल आरोहण के पश्चात उसका नाम magistrate point/tip तथा मार्ग का नाम via ashish रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें गौरव की अनुभूति हो रही है ।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : आईपीएस अधिकारी को जान का खतरा, लगाई सुरक्षा की गुहार

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 3 अगस्त 2020। ऊधमसिंह नगर के एसएसपी के पद से हटाकर आईआरबी रामनगर के सेनानायक बनाये जाने के बाद प्रदेश के डीजीपी सहित उच्चाधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय की शरण लेने वाले आईपीएस अधिकारी बरिंदरजीत सिंह ने अब नैनीताल के डीएम एवं एसएसपी को पत्र लिखकर जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
आईपीएस अधिकारी बरिंदरजीत सिंह ने पत्र में ऊधमसिंहनगर जनपद में तैनाती के दौरान कई मामलों का खुलासा करने के चलते अपराधी किस्म के लोगो से जान का खतरा बताते हुए नैनीताल के डीएम और एसएसपी को पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की है। इससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचना तय है।

यह भी पढ़ें : पूर्व एसएसपी ने खोला डीजीपी सहित तीन उच्चाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 जुलाई 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में एक आईपीएस अधिकारी ने अपने असमय और अकारण ट्रांसफर को चुनौती दी है, इस पर उच्च न्यायालय ने तीन हफ्ते में पुलिस और सरकार से जवाब देने को कहा है। मामले में अब 21 अगस्त को सुनवाई होगी। आईपीएस बरिंदरजीत सिंह ने उन्होंने डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार और जगतराम जोशी को पार्टी बनाकर आरोप लगाया कि ऊधमसिंह नगर में तैनाती के दौरान डीजीपी अनिल रतूड़ी द्वारा उन्हें महत्वपूर्ण मामलों में निष्पक्ष जांच करने से रोका गया। इसके बावजूद निष्पक्ष जांच जारी रखने के लिए उन्हें चेतावनी तक दी गई। जब उन्होंने पत्राचार किया तब चेतावनी वापस ले ली गई लेकिन उत्पीडन जारी रहा। उन्होंने कहा कि 12 साल की सेवा में ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठ होने का इनाम आठ तबादले करके दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड पुलिस विभाग में पिछले दिनों एसएसपी स्तर के ट्रांसफर हुए थे। इस पर असमय और अकारण हुए तबादले के विरोध में आईपीएस बरिंदर जीत सिंह ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पिछले दिनों उधमसिंह नगर जिले के एसएसपी के पद से बेवजह हटाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें अकारण कोरोना काल में बेहतर कार्य करने के बावजूद हटाया गया जबकि वो योजना के तहत काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हटाकर नैनीताल जिले में इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) प्रथम के सेनानायक पद पर ट्रांसफर कर दिया गया जो सरासर गलत है।

कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी सहित 20 पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले

यह भी पढ़ें : एक दर्जन आईएएस, पीसीएस व आईपीएस अधिकारियों के विभाग बदले

नवीन समाचार, देहरादून, 14 जुलाई 2020। उत्तराखंड शासन ने मंगलवार को एक दर्जन से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारी के विभागों में फेरबदल कर दिया है। आदेश के अनुसार आईएएस सौजन्या से महानिरीक्षक निबंधन व आयुक्त कर कर पदभार हटा लिया गया है, वहीं आईएएस विजय कुमार यादव को अपर सचिव वन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि आईएएस दीपेंद्र कुमार चौधरी को अपर सचिव उच्च शिक्षा, आईएएस अहमद इकबाल को महानिरीक्षक निबंधन व आयुक्त कर, आईएएस सोनिका को अपर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण और आईएएस गौरव कुमार को नगर आयुक्त काशीपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वहीं पीसीएस अधिकारियों की बात करें तो झरना कमठान को अपर सचिव तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी, अभिषेक त्रिपाठी को एडिशनल मिशन डायरेक्टर एनएचएम का अतिरिक्त प्रभार, गिरीश चंद्र गुणवंत को अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल और नागरिक आपूर्ति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जबकि प्रकाश चंद्र से नगर आयुक्त काशीपुर का पदभार हटाया गया है। वहीं पीसीएस प्यारे लाल शाह को नगर आयुक्त कोटद्वार के पद पर तैनाती दी गई है। जबकि आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार वीके को अपर पुलिस महानिरीक्षक कारागार की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अतर सिंह से अपर पुलिस महानिदेशक कारागार के पद से हटाया गया है।

यह भी पढ़ें : पूर्व आईएएस राजीव रौतेला को सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा मिला सेवा विस्तार

-उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेशक पद पर मिला फरवरी 21 तक सेवा विस्तार
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। कुमाऊं मंडल के आयुक्त रहे सेवानिवृत्त आईएएस राजीव रौतेला को उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेशक पद पर दूसरा सेवा विस्तार मिल गया है। पहले उन्हें उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 31 मार्च के बाद तीन माह की अवधि के लिए 30 जून तक सेवा विस्तार दिया गया था। अब अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के हस्ताक्षरों से उन्हें पुनः शासन ने 28 फरवरी तक उन्हें सेवा विस्तार दे दिया है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल के आयुक्त सहित 16 आईएएस एवं पांच पीसीएस के तबादले, दो जिलों के डीएम भी बदले

नवीन समाचार, देहरादून, 21 मई 2020। उत्तराखंड शासन ने बृहस्पतिवार को आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण कर दिये हैं। खासकर ऊधमसिंह नगर के डीएम डा. नीरज खैरवाल से कुमाऊं मंडल के आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है, और उनकी जगह पूर्व में नैनीताल के डीएम रहे व वर्तमान में शासन में कई विभागों के सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी को कुमाऊं मंडल के आयुक्त बना दिया है। वहीं टिहरी के जिलाधिकारी व टिहरी बांध परियोजना के पुर्नवास निदेशक वी षणमुगम को हटाकर शासन में भेज दिया गया हैै। जबकि उनके स्थान पर रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल को टिहरी का डीएम बनाया गया है। पिथौरागढ़ की सीडीओ आईएएस वंदना को रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा आईएएस ओम प्रकाश से कई विभाग हटा लिये गये हैं, जबकि बाध्य प्रतीक्षा में खाली चल रहे दीपेंद्र चौधरी को दायित्व मिल गये हैं। आरके सुधांशु व आर मीनाक्षी सुंदरम का वजन भी बढ़ा है। वहीं अमित नेगी के विभागों में कटौती की गई है। शैलेश बगौली को परिवहन आयुक्त की जगह आपदा प्रबंधन में सचिव, नितेझ झा को चिकित्सा व चिकित्सा शिक्षा की जगह सिंचाई व पेयजल, हदबंश सिंह चुघ को पंचायती राज से वन एवं पर्यावरण का दायित्व मिला है। बृजेश संत को पंचायती राज सचिव भी हो गये हैं।
वहीं पीसीएस अधिकारियों की बात करें तो डा. अभिषेक त्रिपाठी से एनएचएम तथा प्रदीप रावत से राज्य संपत्ति अधिकारी के दायित्व वापस ले लिये गये हैं। अरविंद पांडे को रुद्रप्रयाग के एडीम अरविंद पांडे को यहां से हटाकर देहरादून का एडीएम प्रशासन व रामजी शरण शर्मा को देहरादून में इसी पद से रुद्रप्रयाग भेजा गया है। झरना कमठान को महिला सशक्तीकरण हटाकर एनएचएम का अतिरिक्त मिशन डायरेक्टर बनाया गया है।

यह भी पढ़ें : मुंबई की गायिका ने उत्तराखंड के पूर्व आईएएस अधिकारी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में की शिकायत

नवीन समाचार, देहरादून, 7 मई 2020। मुंबई में रहने वाली उत्तराखंड मूल की एक महिला गायिका ने नैनीताल जनपद के रहने वाले एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ई-मेल के जरिए महिला गायिका ने पुलिस मुख्यालय में शिकायत की है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि महिला ने बुधवार को ईमेल के जरिये शिकायत की थी। शिकायत फेसबुक के जरिये भेजे गये संदेशों को लेकर है। आज बृहस्पतिवार को उन्होंने मामले की जांच नैनीताल के एसएसपी को भेज दी है। उनसे महिला पुलिस अधिकारी से आरोपों की जांच करने को कहा गया है। भवाली की सीओ अनुषा बडोला जांच कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें : डा. नीरज खैरवाल को कुमाऊं मंडलायुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2020। ऊधमसिंह नगर जनपद के जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल एक अप्रैल से कुमाऊं मंडल के आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला के मंगलवार 31 मार्च को अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर शासन ने डा. खैरवाल को यह अतिरिक्त दायित्व देतेे हुए उनसे अविलंब पदभार ग्रहण करने को कहाा है। उल्लेखनीय है कि डा. खैरवाल तराई बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक पद का दायित्व भी संभाल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : डेढ़ वर्ष से काबिज वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी को 31 मार्च तक सरकारी आवास खाली करने का अल्टीमेटम

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मार्च 2020। डीएम सविन बंसल ने नैनीताल जनपद में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बड़े जिम्मेदार पद पर रहे एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी को भीमताल स्थित सरकारी आवास को 31 मार्च तक खाली करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी से आवास किराये के 1.40 लाख रुपये वसूलने को भी कहा गया है तथा 31 मार्च तक आवास खाली नहीं करने पर सार्वजनिक भू-गृहादि अधिनियम के तहत कार्यवाही की चेतावनी भी दी है। जिला प्रशासन से हुई पुष्टि के अनुसार वर्तमान में जनपद के सीमावर्ती जनपद में जनपद के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत इन अधिकारी को भीमताल में टाइप-4 का आवास आवंटित था। लेकिन करीब डेढ़ वर्ष पूर्व स्थानांतरण होने के बावजूद उन्होंने आवास खाली नहीं किया है।

यह भी पढ़ें : 4 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के बदले दायित्व, 2 आईएएस अब भी बे’काम

नवीन समाचार, देहरादून, 24 फरवरी 2020। सोमवार को सरकार ने देवस्थानम बोर्ड के गठन के बाद से ही पहले सीईओ को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए गढ़वाल मंडल के आयुक्त को सीईओ को प्रभार दे दिया है। अब जल्द ही बोर्ड में उपाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों की नियुक्त होगी। बोर्ड का उपाध्यक्ष कैबिनेट स्तर का हिंदू मंत्री ही हो सकता है। इसके अलावा शासन ने सोमवार को दो आईएएस समेत एक पीसीएस अफसर का तबादला आदेश भी जारी किया। प्रभारी सचिव खेल एवं युवा कल्याण ब्रजेश संत से निदेशक युवा कल्याण का प्रभार हटा दिया गया है। अब संत के पास सचिव खेल एवं युवा कल्याण के अलावा निदेशक खेल का ही प्रभार रहेगा। वहीं मुख्य विकास अधिकारी देहरादून गिरधारी सिंह रावत का तबादला निदेशक युवा कल्याण के पद पर किया है। वहीं आईएएस नितिका खंडेलवाल से अपर निदेशक प्रशिक्षण निदेशालय हल्द्वानी का प्रभार हटा दिया है। उनका तबादला मुख्य विकास अधिकारी देहरादून के पद पर किया है। वहीं दो आईएएस सचिन कुर्वे और दीपेंद्र चौधरी को अभी तक काम नहीं सौंपा। सचिव स्तर के सचिन को डेपुटेशन से लौटे तीन सप्ताह से अधिक का समय हो गया है। वहीं जिलाधिकारी हरिद्वार के पद से हटाए गए दीपेंद्र चौधरी को भी बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के डीएम रहे उत्तराखंड के एक वरिष्ठ आईएएस बने मुख्यमंत्री के और दूसरे प्रधानमंत्री के सलाहकार

डा. राकेश कुमार

नवीन समाचार, नई दिल्ली/देहरादून, 22 फरवरी 2020। उच्च प्रशासनिक हलकों से आ रही खबरों के अनुसार उत्तराखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री जबकि दूसरे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रधानमंत्री के सलाहकार बन गए हैं। यह संयोग है कि दोनों आईएएस अधिकारियों का संबंध नैनीताल और उत्तराखंड से है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 अगस्त 2004 से 30 सितंबर 2006 तक नैनीताल के जिलाधिकारी रहे भारत सरकार के यूएनडीपी में वरिष्ठ सलाहकार के पद पर भी तैनात 1992 बैच के आईएएस अधिकारी डा. राकेश कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मंजूरी भी मिल गई है। इसके साथ ही डा. कुमार को मुख्यमंत्री के मानद सलाहकार के पद की नई जिम्मेदारी भी मिल गई है। यह भी बताया जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री के मानद सलाहकार के साथ ही यूएनडीपी में मुख्य सलाहकार की भूमिका भी साथ में निभाएंगे।

आईएएस अधिकारी भास्कर खुल्बे

वहीं मूलरूप से अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैंण के निवासी एवं 1979 में नैनीताल के डीएसबी परिसर से उच्च शिक्षा लेने वाले 1983 बैच के आईएएस अधिकारी भास्कर खुल्बे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार बनाया गया है। इतने महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाले वे प्रदेश के पहले आईएएस अधिकारी बताए जा रहे हैं। खुल्बे पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के करीबी अधिकारी भी रहे हैं। श्री खुल्बे के पिता ठेकेदार स्वर्गीय ख्यालीराम खुल्बे तल्लीताल रिक्शा स्टैंड के ऊपर रहते थे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 फरवरी 2020। उत्तराखंड के सीधी भर्ती के 18 पीसीएस अधिकारी अपनी वरिष्ठता की जंग जीत गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने नैनीताल उच्च न्यायालय के वर्ष 2011 के आदेश को निरस्त करते हुए तदर्थ नियुक्ति पाकर एसडीएम बने 48 अधिकारियों को जूनियर माना है। इसके साथ ही सीधी भर्ती के अधिकारियों के आइएएस बनने की राह भी खुल गई है। वरिष्ठता विवाद के चलते ही पिछले कई सालों से यह मामला लटका था।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश से अलग होकर वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, तब पूर्ववर्ती प्रदेश से पीसीएस अधिकारी बहुत कम संख्या में उत्तराखंड आए थे। अधिकारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने तहसीलदार व कार्यवाहक तहसीलदारों को तदर्थ पदोन्नति देकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बना दिया था। यह सिलसिला वर्ष 2003 से 2005 तक चला। उसी दौरान वर्ष 2005 में सीधी भर्ती से 20 पीसीएस अधिकारियों का चयन हुआ। इनमें से दो का अखिल भारतीय सेवा में चयन होने के चलते संख्या 18 रह गई। विवाद की स्थिति तब पैदा हुई, जब उत्तराखंड शासन ने अधिकारियों की पदोन्नति के लिए वर्ष 2010 में एक सीधी भर्ती व एक तदर्थ पदोन्नति का फॉर्मूला तैयार कर आपत्तियां मांगीं। सीधी भर्ती के अधिकारियों ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि तदर्थ पदोन्नति वाले अधिकारियों को वर्ष 2007 में कन्फर्म किया गया है और वे 2005 बैच के अधिकारी हैं। शासन ने भी इसी के अनुरूप पदोन्नति निर्धारित कर दी। इस आदेश के खिलाफ तदर्थ पदोन्नति वाले अधिकारी नैनीताल हाईकोर्ट चले गए और कोर्ट ने वर्ष 2011 में आदेश जारी कर यह माना कि वरिष्ठता क्रम तदर्थ पदोन्नति से ही गिना जाएगा। हालांकि, इस आदेश से नाखुश सीधी भर्ती के अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर दी। आठ साल से अधिक समय तक चले इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एल नागेश्वर राव व दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि तदर्थ पदोन्नति के समय को वरिष्ठता के लिए शामिल नहीं किया जा सकता। लिहाजा, वर्ष 2007 में कन्फर्म किए जाने के समय से ही 48 अधिकारियों की वरिष्ठता तय की जाएगी। तदर्थ पदोन्नति पाकर एसडीएम बने 48 अधिकारियों और सीधी भर्ती के 18 पीसीएस अधिकारियों के बीच विवाद का कारण कट-पेस्ट कर तैयार की गई सेवा नियमावली बनी। हिंदी की नियमावली में तदर्थ पदोन्नति को स्पष्ट करने वाले शब्द छूट गए थे और अंग्रेजी की नियमावली को कोर्ट ने नहीं माना। हुआ यह कि उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद उत्तराखंड में नियमावलियों को अंगीकार कर लिया गया। वहीं, कुछ में कट-पेस्ट कर उसे लागू कर दिया गया। पीसीएस अधिकारियों की सेवा नियमावली को लेकर यही कट-पेस्ट भारी पड़ गया। जब सेवा नियमावली अंग्रेजी व हिंदी में तैयार की गई थी। हिंदी वाली नियमावली में तदर्थ संबंधी शब्द छूट गए थे, जबकि अंग्रेजी में तैयार की गई नियमावली में तदर्थ पदोन्नति पर स्थिति साफ की गई थी। हालांकि, जब यह मामला कोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने कहा कि हिंदी राजभाषा है, लिहाजा इसी को अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। इस बीच राज्य सरकार ने हिंदी की नियमावली की खामी को दूर कर दिया। यही कारण है कि सीधी भर्ती वाले पीसीएस अधिकारी अब सुप्रीम कोर्ट से न्याय प्राप्त करने में सफल हो गए।

कभी आईसीएस अधिकारी होते थे नैनीताल में तैनात

नवीन जोशी, नैनीताल। नवोदित राज्य उत्तराखण्ड के राजनेताओं पर राज्य को नौकरशाहों के हाथों में सोंपने और उनके हाथों में खेलने के आरोप लगते रहते हैं। लेकिन लगता है राज्य के राजनेताओं ने इस समस्या का निदान ढूंढ लिया है। परेशानी सीधे आऐ `कमीशंड´ आईएएस अधिकारियों के सामने कम ज्ञान के राजनेताओं की `न चलने´ से थी, सो राज्य को देश का `भाल´बनाने में जुटी राज्य की निशंक सरकार ने इसके तोड़ में प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण राज्य के `फील्ड´ के पद पहले से `उपकृत´ प्रमोटेड आईएएस अधिकारियों को सोंप दिऐ हैं। इसे  जनता से सीधे जुड़े प्रशासन व पुलिस के कार्य अनुभवी हाथों को देने की नयी पहल बताया जा रहा है। प्रदेश के 13 जिलों व दो मण्डलों के 30 सर्वोच्च पदों में से केवल नौ पद सीधे कमीशन से चुने गऐ नौकरशाहों के हाथ में हैं, जबकि शेष 20 पद अनुभवी पदोन्नत अधिकारियों के हाथ में दिऐ गऐ हैं। कुमाऊं मण्डल में तो हालात यह हैं कि यहाँ पुलिस व प्रशाशन के 14 पदों में से 12 पर पदोन्नत अधिकारी तैनात किये गए हैं. 
कुमाऊं के मण्डल मुख्यालय से ही बात शुरू करें तो आजादी से पूर्व तक यहां जिले की जिम्मेदारी भी `डिप्टी कमिश्नर´ यानी उपायुक्त को सोंपी जाती थी, जो आइसीएस (भारतीय सिविल सेवा) अधिकारी होते थे। नैनीताल जिले आईसीएस अधिकारी डब्लू ई बाब्स 1927 में पहले डिप्टी कमिश्नर थे। देश की आजादी यानी 1947 तक यहां आईसीएस अधिकारी ही कार्यरत रहे। एमए कुरैशी जिले के 15वें डिप्टी कमिश्नर के रूप में आखिरी आईसीएस अधिकारी थे। 1948 में आरिफ अली शाह से यहां आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा के)अधिकारियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो वर्तमान में 58 जिलाधिकारियों तक चल रहा है। इसी तरह मण्डलायुक्त पद की बात करें तो 1952 तक आईसीएस अधिकारी ही यहां आयुक्त के पद पर कार्यरत रहे। केएल मेहता आजादी के बाद मण्डल के पहले आयुक्त थे, जो 1948 तक रहे, उनके बाद 1952 तक रहने वाले आरटी शिवदासानी दूसरे आईसीएस आयुक्त थे। तीसरे आयुक्त राम रूप सिंह से यहां आईएएस अधिकारियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो मण्डल के 35वें आयुक्त एस राजू तक जारी रहा। इधर 1994 बैच के प्रोन्नत आईएएस अधिकारी कुणाल शर्मा को मण्डल के 36वें आयुक्त की जिम्मेदारी मिली है। श्री शर्मा 1976 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। मंडल के ही दूसरे पुलिस के सर्वोच्च पद I.G. कुमाऊं जीवन चन्द्र पाण्डेय भी प्रमोटेड I.A.S. अधिकारी ही हैं.  अब बात जिलों की। मण्डल में नैनीताल डीएम शैलेश बगौली एवं अल्मोड़ा के एसपी वीके कृष्णकुमार के अतिरिक्त सभी जिलों में डीएम एवं एसपी, एसएसपी पदोन्नत आईएएस अथवा आईपीएस अधिकारी हैं। उधर ढ़वाल मण्डल के आयुक्त की जिम्मेदारी भी कुमाऊं आयुक्त 1994 बैच के आईएएस अधिकारी अजय नबियाल को मिली है, जबकि मण्डल के देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली व टिहरी जिलों के डीएम तथा रुद्रप्रयाग, पौड़ी एवं हरिद्वार जिलों के पुलिस अधीक्षक भी पदोन्नत पुलिस अधिकारी ही हैं। 

इस सब के पीछे यह माना जा रहा है कि एक तो पदोन्नत आईएएस अधिकारी सरकार की कृपा पर ही पदोन्नत होते हैं, इसलिए वह सीधे आऐ आईएएस अधिकारियों की तरह सरकार से अलग नहीं जा पाते। उनके तेवरों में भी काफी अन्तर होता है। सत्ता पक्ष के राजनेता उनसे वह काम करा सकते हैं, जिन्हें आईएएस अधिकारियों से कराना अक्सर `टेढ़ी खीर´ साबित होता है। परंपरा रही है कि सीधे आऐ तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों को ही `फील्ड´ के डीएम व आयुक्त जैसे पद दिऐ जाऐं, जबकि सचिवालय में अधिक गम्भीरता से निर्णय लेने के लिए `दीर्घकालीन योजनाकारों´ के रूप में पदोन्नत आईएएस अधिकारियों को सचिवालय में रखा जाता है। लेकिन इधर सीधे आऐ आईएएस अधिकारियों को परंपरा से उलट सचिवालय के कम महत्वपूर्ण विभागों के `आइसोलेशन´ में डाल दिया गया है। इस नई कवायद को राज्य में ताकतवर मानी जाने वाली `आईएएस लॉबी´ के `पेट में लात’ माना जा रहा सो जल्द उनके ‘पेट में दर्द´ शुरू हो सकता है। इस बाबत सत्तारुड़ दल के नेताओं की सुनें तो उनका कहना है कि पदोन्नत अधिकारी अपने राज्य के हैं, सो वह जनता के दुःख-दर्द अधिक दूर कर सकते हैं, जबकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह सत्तारुड़ों के लिए वसूली अच्छी करते हैं, साथ ही जैसे चाहो हंक जाते हैं, I.A.S. अधिकारियों की तरह ‘दुलत्ती’ नहीं मारते।  बहरहाल, आगे राजनेताओं व नौकरशाहों के इस `द्वन्द्व´ को खुलकर मैदान में आते देखना रोचक हो सकता है। इस बाबत राज्य के एक वरिष्ठ I.A.S. का कहना था कि राज्य सरकार की यह कवायद भाजपा सरकार के ‘मिशन 2012’ का हिस्सा है। सरकार को लगता है कि पदोन्नत अधिकारियों को अपने तरीके से हांक कर मां मांफिक कार्य करवा लिए जाएँ. अधिकारी भाजपाईयों की सुनें. लेकिन इसी अधिकारी का कहना था कि सरकार का यह दांव शर्तिया उलटा पड़ने वाला है। जिलों व मंडलों के  I.A.S. अधिकारी अपने प्रभाव से शासन में बैठे अपने से कमोबेश कम वरिष्ठ इन मूलतः पीसीएस  अधिकारियों से करा लिया करते थे, किन्तु अब स्थिति उल्टी होने से जिले व मंडल बेहद कमजोर हो जायेंगे, और उनके कार्य शासन में अटके रहेंगे। अपनी उपेक्षा से क्षुब्ध होने के कारण भी वे ‘बिशन’ (सिंह चुफाल-भाजपा अध्यक्ष) के  ‘मिशन 2012’ को कभी सफल न होने देने की कसमें खा रहे हैं।

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‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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