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उत्तराखंड में पहली बार अपनी सीधी भर्ती के 18 पीसीएस अधिकारी बनेंगे आईएएस

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नवीन समाचार, देहरादून, 26 जून 2022। उत्तराखंड के 18 पीसीएस अधिकारी जल्द आईएएस बनेंगे। आगामी 12 अगस्त को पहली बार राज्य में सीधी भर्ती से बने पीसीएस अधिकारियों की डीपीसी होगी। राज्य सरकार ने पहले ही पीसीएस अधिकारियों की पदोन्नति का प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग को भेजा था, जो कुछ दस्वावेजों की वजह से लटका था, लेकिन अब पदोन्नतियों के लिए डीपीसी होने जा रही है। इसके अलावा भी पदोन्नत एवं सीधी भर्ती के पीसीएस अफसरों में वरिष्ठता को लेकर विवाद लगभग 12 साल तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा। सुप्रीम कोर्ट से सीधी भर्ती के अधिकारियो को पहले वरिष्ठता का लाभ देने के आदेश के बाद पदोन्नति के लिए पहली बार यह डीपीसी हो रही है।

जिन पीसीएस अधिाकारियों की डीपीसी होने जा रही है, उनमें ललित मोहन रयाल, आनंद श्रीवास्तव, हरीश चंद्र कांडपाल, संजय कुमार, नवनीत पांडे, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, गिरधारी सिंह रावत, आलोक कुमार पांडेय, बंशीधर तिवारी, रुचि तिवारी, झरना कामठान व रवनीत चीमा शामिल हैं। बताया गया है कि श्रद्धा जोशी सहित दो पीसीएस अधिकारियों के सेवा से त्यागपत्र देने से उनके जूनियर झरना कामठान और रवनीत चीमा को भी आईएएस अधिकारी बनने का मौका मिल रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सूचना सहित दो विभागों में आज खुला पदोन्नतियों का पिटारा…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2022। उत्तराखंड में शुक्रवार का दिन सूचना और सिचाई विभाग के कई अधिकारियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। सूचना विभाग में दो अनुवादक व 8 अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारियों-दीपा रानी गौड़, दिनेश कुमार, गोविंद सिंह बिष्ट, गिरिजा शंकर जोशी, अजनेश राणा, मनोज कुमार सती, वीरेंद्र सिंह राणा, ज्योति सुंदरियाल, अहमद नदीम व जानकी देवी को सूचना अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी के पद पर 44,900-2,42,400 के वेतनमान पर दो वर्ष के लिए परिवीक्षाधीन पदोन्नत किया गया है।

वहीं सिचाई विभाग में डिग्रीधारी कनिष्ठ सिविल अभियंताओं-मदन लाल, प्रकाश पुनेठा, राजवीर सिंह, विजय सिंह, संदीप कुमार, बलवीर सिंह, टिकराज सिंह व चंदन भारद्वाज को सहायक अभियंता-सिविल के पद पर पदोन्नत किया गया है।

इनके अलावा सामान्य श्रेणी के डिप्लोमाधारी मुकेश बहुगुणा, विनोद भंडारी, केशव सिंह, प्रशांत पंत, सुरजीत रावत, गौरव पाठक, अनिल पंवार, मनमोहन बिष्ट, सतीश शर्मा, अंकित कुमार, अनुरुद्ध शर्मा, अखिलेश सिंघलवाल, नरेश चंद्र, सुभाष जोशी, भगवती प्रसाद, बीरेंद्र सिंह, शंकर शम्भू, अरुण नेगी, रमेश चंद्र, मनोज सिंह, विकास कौशिक, संजीव नौटियाल व दीप पांडे को भी कनिष्ठ अभियंता सिविल से सहायक अभियंता सिविल के पद पर पदोन्नत किया गया है।

इनके साथ ही दिव्यांग श्रेणी में भी राजीव अग्रवाल, परवेंद्र मीणा, नवीन चंद्र, दौलत चंद, सुमित आर्य, प्रशांत साह व विपिन को भी सहायक अभियंता-सिविल के पद पर परिवीक्षाधीन पदोन्नति दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सेवानिवृत्ति से आठ दिन पहले उत्तराखंड के एक कद्दावर आईएएस अधिकारी रामविलास यादव गिरफ्तार

रामविलास यादव।नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2022। उत्तराखंड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग की ओर आदेश जारी कर अपर सचिव रामविलास यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद राज्य सतर्कता विभाग ने निलंबित आईएएस अधिकारी डा. रामविलास यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप है। वह 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे। यानी सेवानिवृत्ति से आठ दिन पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

राज्य सतर्कता विभाग के निदेशक अमित सिन्हा के अनुसार पूछताछ के बाद उन्हें देर रात गिरफ्तार किया गया अमित सिन्हा का कहना है कि रिमांड पर लेकर रामविलास यादव से पूछताछ की जाएगी। आज दोपहर 3 बजे उन्हें विजिलेंस न्यायालय में पेश करेगी। उनके 6 बैंक खातों को भी फ्रीज किया जा रहा है।

यह भी गौरतलब है कि इस मामले में विजिलेंस की पूछताछ में निलंबित आईएएस यादव ने अपनी पत्नी पर कुसुम विलास यादव पर भी गिरफ्तारी पर भी कथित तौर पर यह कहकर तलवार लटका दी है कि उन्हें अपनी संपत्ति के बारे में जानकारी नहीं है। यह जानकारी उनकी पत्नी दे सकती है। पत्नी को सब कुछ मालूम है। आईजी अमित सिन्हा ने इस मामले में मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह जवाब देने के लिए नहीं पहुंचीं। कहा कि उनकी पत्नी से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यादव आय से 500 फीसदी अधिक यानी 5 गुनी सम्पति के मामले में आरोपित हैं। वह सवालों का सही तरीके से जवाब नहीं दे रहे थे। इससे पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय की फटकार के बाद वह बुधवार 22 जून को देहरादून के विजिलेंस ऑफिस में अपना जवाब देने के लिए पहुंचे थे। जहां करीब 14 घटों तक उनसे पूछताछ की गई।

भाजपा के प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि पार्टी की पहले से ही भष्ट्राचार के खिलाफ स्पष्ट नीति रही है। भ्रष्टाचार के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कोई भी अधिकारी कितना ही बड़ा क्यों ना हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साथ ही सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की जा रहा विवेचना में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और इस प्रकार अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के संगत प्राविधानों का उल्लंघन करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में काम में लापरवाही बरतने पर जिला स्तरीय अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 22 जून 2022। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने नैनीताल के डीएसओ यानी जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन को काम में लापरवाही बरतने पर अनिवार्य अवकाश पर भेजने की बड़ी कार्रवाई की है।

इसके बाद कुमाऊं संभाग के खाद्य उपायुक्त राहुल शर्मा को डीएसओ नैनीताल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आदेश में कहा है कि विभागीय कार्यों की प्रगति में यह परिलक्षित हुआ है कि बर्मन के सुगम जिले में कार्यरत होने के बावजूद विभागीय प्राथमिकता के कार्यों के संपादन में नैनीताल की प्रगति अपेक्षा अनुरूप नहीं है। इसका असर विभागीय कार्यों व प्रदर्शन पर पड़ रहा है।

जनहित को देखते हुए मनोज कुमार बर्मन को तत्काल प्रभाव से 1 जुलाई, 2022 तक अनिवार्य अवकाश पर भेजा जाता है। अग्रिम आदेशों या नैनीताल जिले में नियमित डीएसओ की तैनाती होने तक शर्मा अतिरिक्त प्रभार देखेंगे। उल्लेखनीय है कि बर्मन को जून 2019 में नैनीताल का डीएसओ बनाया गया था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : विधायक से पंगा लेकर फंसे एसडीएम…, हटाये गए…

BJP विधायक दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ तहरीर देने पर SDM सोहन सिंह सैनी पर गिरी गाज, गढ़वाल कमिश्नर ऑफिस अटैचनवीन समाचार, देहरादून, 29 मई 2022। विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ थाने में तहरीर देने वाले एसडीएम सोहन सिंह सैनी को शासन ने हटा दिया है। उन्हें गढ़वाल मंडल के आयुक्त कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि एसडीएम ने विधायक पर अभद्रता करने, छवि धूमिल करने तथा एससी, एसटी ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए उनसे जान का खतरा बताते हुए पुलिस में तहरीर दी थी। एसडीएम सैनी का कहना था कि उन्हें विधायक ने 21 मई को रात लगभग 10 बजे पुरोला गेस्ट हाउस में बुलाया था। एसडीएम ने उस समय आने में असमर्थता जतायी।

अगले दिन वह विधायक से मिलने गये तो उन्होंने गेस्ट हाउस में मिलने से इनकार कर दिया और बाजार में मिलने की बात कही। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि विधायक ने अगले दिन पुरोला बाजार में हंगामा किया, और उनके समर्थकों ने एसडीएम पुरोला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और अभद्रता की। इधर विवाद बढ़ने पर शासन ने रविवार को एसडीएम सैनी को पुरोला से हटाने के आदेश जारी कर दिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गरमाएगी राजनीति: यूपी के भूमाफिया-गैंगस्टर के साथ उत्तराखंड के तीन वरिष्ठ नौकरशाहों के परिजनों के खिलाफ यूपी में मुकदमा दर्ज

Big breaking :-उत्तराखंड मे गजब हाल यशपाल तोमर के साथ यूपी पुलिस ने  उत्तराखंड के आईएएस और आईपीएस के रिश्तेदारों को बनाया गया सह अभियुक्त, धामी  ज़ी ...नवीन समाचार, देहरादून, 24 मई 2022। उत्तराखंड की नौकरशाही में खलबली मचाने योग्य बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले भू माफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर के साथ जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में उत्तराखंड के वरिष्ठ नौकरशाहों के परिजन भी शामिल बताए जा रहे हैं। यूपी के दादरी में पुलिस की प्राथमिकी में उत्तराखंड के दो वरिष्ठ आईएएस और एक वरिष्ठ आईपीएस के परिजनों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

उन पर दलित की पट्टे वाली जमीन को डरा धमकाकर खरीदने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस पार्टी ने प्रवक्ता गरिमा दसौनी के जरिए चंपावत उपचुनाव के मैदान में उतरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी इस मामले में लपेटने की कोशिश की है। आगे इस मामले में उत्तराखंड की राजनीति गरमाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को अवगत करवाने के बाद ही इस मामले में नई प्राथमिकी दर्ज हुई है। और चूंकि मामला उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीबी नौकरशाहों के परिजनों से जुड़ा है, इसलिए उन्हें भी इस मामले की जानकारी दी गई है। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि यशपाल तोमर इन नौकरशाहों के संपर्क में कैसे आया। चूंकि जमीनें नौकरशाहों के नाम पर नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं। ऐसे में परिवारजन ही बताएंगे कि वह यशपाल के संपर्क में कैसे आए। ऐसे में जांच के आगे बढ़ने पर सीधे तौर पर उत्तराखंड के तीन नौकरशाहों के नाम सामने आ सकते है।

मामले के अनुसार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव द्वारा की गई जांच के आधार पर ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव के लेखपाल शीतला प्रसाद ने भू-माफिया यशपाल तोमर, त्रिदेव पुत्र पिताम्बर, कर्मवीर पुत्र प्यारे लाल, बैलु पुत्र राम स्वरूप, कृष्ण पाल पुत्र छोटे, एम भास्करन पुत्र मनी अय्यम पिल्लई, केएम संत ऊर्फ खचरेमल पुत्र रेवती प्रसाद, गिरीश वर्मा पुत्र राम प्रसाद वर्मा और सरस्वती देवी पत्नी राम स्वरूप राम सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ शनिवार को दादरी कोतवाली में में दलितों की पट्टों की जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में मामला दर्ज कराया गया है। मामले में नामजद तीन लोग-एम भास्करन, केएम संत तथा सरस्वती देवी उत्तराखंड के तीन नौकरशाहों के परिवार से बताए जा रहे हैं।

आरोपों के अनुसार जिन अधिकारियों के परिजनों के नाम प्राथमिकी में शामिल हैं, वे सभी हरिद्वार में बतौर डीएम और एसएसपी तैनात रहे हैं। आरोपों के अनुसार हरिद्वार में यशपाल तोमर को मदद के बदले नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में जमीने दिलाने में अधिकारियों के रिश्तेदारों को जमीनें मिलीं हैं। मुख्य आरोपी यशपाल तोमर के खिलाफ उत्तराखंड के कनखल, ज्वालापुर एवं शहर कोतवाली में भी 13 मई 2022 को जमीनों के जबरन खरीद और फर्जीवाड़े के चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।

इनमें एक मामला कनखल में कांग्रेसी नेता तोष जैन के घर में घुसकर हत्या की धमकी देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया है। ज्वालापुर में दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर भरत चावला ने रंगदारी एवं जबरन भूमि कब्जाने समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। इसके बाद एसटीएफ ने गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे के चलते ही उसकी 153 करोड़ की भूमि एसटीएफ कुर्क कर चुकी है और चौथा मुकदमा शहर कोतवाली में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट को गुमराह कर चौपहिया वाहन रिलीज कराने के संबंध में एसटीएफ ने दर्ज कराया था।

आरोपों के अनुसार अरबपति भू-माफिया और गैंगस्टर यशपाल तोमर की जमीनों पर कब्जे के जरिए खड़ा हुआ अकूत संपत्ति का साम्राज्य पश्चिमी यूपी से लेकर उत्तराखंड तक फैला हुआ है। तोमर ने अवैध तरीके से अरबों की जमीनों पर कब्जा किया और इस खेल में खाकी, खादी से लेकर सुरा और सुंदरियों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ। यूपी पुलिस के कुछ इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर तो जांच के लपेटे में आ ही चुके हैं, अब बड़ा दावा किया जा रहा कि उत्तराखंड के कुछ ब्यूरोक्रेट भी यशपाल तोमर के जमीनों के काले समंदर में गोते लगा चुके हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा खुलासा: उत्तराखंड के एक अधिकारी के पास आय से 375 गुना अधिक संपत्ति

नवीन समाचार, देहरादून, 22 अप्रैल 2022। जी हां, विश्वास नहीं करेंगे। पर यह सच है। उत्तराखंड के एक आईएफएस यानी भारतीय वन सेवा के अधिकारी के पास आय से 375 गुना अधिक संपत्ति है। बात राज्य के विवादित आईएफएस अधिकारी किशन चंद की हो रही है। उनके खिलाफ विजिलेंस की जांच में यह खुलासा होने के साथ चार्जशीट तैयार कर ली गई है और न्यायालय में दाखिल करने से पहले फाइल को अनुमति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। जबकि, राज्य सरकार ने अधिकारी पर अभियोग चलाने की अनुमति दे दी है।

IFS किशन चन्द पर मुकदमा चलाने की राज्य सरकार ने दी अनुमतिउल्लेखनीय है कि आईएफएस किशन चंद के खिलाफ विजिलेंस ने वर्ष 2019 में आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में जांच शुरू की थी। अब विजिलेंस यह जांच पूरी कर चुकी है। विजिलेंस ने जांच में उनके पास करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। इनमें से सात करोड़ रुपये की संपत्ति किशन चंद के नाम पर और बाकी अपने परिजनों के नाम पर खरीदी गई गई है। किशनचंद ने अपने बेटे के नाम पर अभिषेक स्टोन क्रशर लगाया है, और पिरान कलियर में पत्नी के नाम से बृज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के साथ ही पत्नी के नाम पर एक ट्रस्ट भी बनाया गया है। अपने नाम संपत्ति खरीदने से किशनचंद ने लोन लिया लेकिन अभी तक नहीं लौटाया है।

किशनचंद ने इस ट्रस्ट में लोगों से बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह धन उन्होंने हरिद्वार के डीएफओ के पद पर रहते हुए जमा कराया है। इस दौरान उन्होंने लैंसडाउन वन प्रभाग में लोगों को नौकरी देने की एवज में उनकी जमीनें अपने अपने नाम कराई थी। इसके साथ ही देहरादून बसंत विहार में 2.40 करोड़ का मकान भी उन्होंने खरीदा है। मकान के लिए 60 लाख का ऋण स्कूल के ट्रस्ट से लिया गया है। पत्नी के खाते से 1.80 करोड़ लिए गए। इस पैसे को एक दिन पहले अलग-अलग लोगों से जमा करवाया गया।

विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि आईएफएस अधिकारी होने के कारण उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक है। इसलिए फाइल को केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग ‘नवीन समाचार’ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर

नवीन समाचार, देेहरादून, 19 अप्रैल 2022। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दुसरे कार्यकाल में पहली बार 22 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया है। देखें स्थानांतरण की पूरी सूची :

शासन के आदेश के अनुसार राज्य के मुख्य सचिव एसएस संधू को वर्तमान दायित्व के साथ मुख्य स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त दायित्व मिला है। राधा रतूडी से अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा वैकल्पिक ऊर्जा, उच्च शिक्षा अध्यक्ष,उत्तराखंड परिवहन निगम और आयुक्त समाज कल्याण विभाग लेकर उन्हें अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, गृह और कारागार के साथ उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे। मनीषा पंवार से अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास, एवं कृषि उत्पादन आयुक्त हटाकर अवस्थापना आयुक्त एवं अध्यक्ष उत्तराखंड परिवहन निगम की जिम्मेदारी दी गई है। आनन्द वर्धन के अपर मुख्य मुख्यमंत्री एवं वन पर्यावरण जलवायु संरक्षण, परिवर्तन परियोजना निदेशक अवस्थापना विकास आयुक्त के दायित्व को बदलकर उन्हें अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास, राजस्व, शहरी विकास, आवास मुख्य प्रसाशक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण और कृषि प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रमेश कुमार सुधांशु को प्रमुख सचिव गृह और कारागार हटा कर आयुक्त समाज कल्याण अतिरिक्त दायित्व मिला है। अभिनव कुमार को विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सूचना ,खेल युवा कल्याण के साथ वर्तमान जिम्मेदारी यथावत रहेंगे। इसके साथ ही आर मीनाक्षी सुंदरम को सचिव मुख्यमंत्री, उर्जा एवं वैकल्पिक उर्जा, वित्त अध्यक्ष उत्तराखंड भवन, कर्मकार कल्याण बोर्ड की जिम्मेदारी मिली है।

सरकार के आदेश के अनुसार शैलेश बगोली से सचिव शहरी बदलकर सचिव कार्मिक, सतर्कता मंत्रिपरिषद, कॄषि, कॄषक कल्याण, उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा नितेश कुमार झा से सचिव तकनीकी शिक्षा बदलकर सचिव ग्रामीण निर्माण और राधिका झा को वर्तमान के साथ साथ सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, शिक्षा की अहम जिम्मेदारी मिली है। अरविंद सिंह ह्यांकी से सचिव कार्मिक औऱ सतर्कता बदलकर सचिव परिवहन का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही सचिन कुर्वे को वर्तमान दायित्व बदलकर सचिव ग्राम्य विकास, खादय नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले सहित अन्य जिमेदारी दी गई है। रविनाथ रमन को सचिव विद्यालयी शिक्षा और वीबीआरसी पुरुषोत्तम को सचिव पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, सहकारिता, महिला डेयरी, सौजन्या को वर्तमान के साथ सचिव लघु, सूक्ष्म उद्योग की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह डॉ पंकज कुमार पाण्डेय से वर्तमान दायित्व को बदलकर सचिव उद्योगिक विकास, खनन और डॉ रंजीत कुमार सिन्हा से सचिव परिवहन पुनर्गठन को हटाकर सचिव आपदा प्रबंधन पुनर्वास,राज्य आपदा सहित अन्य जिम्मेदारी दी गई है। हरीश चन्द्र सेमवाल को वर्तमान के साथ सचिव आबकारी आयुक्त सचिव और चंद्रेश यादव को सचिव पुनर्गठन संस्कृति शिक्षा मिला है। विजय कुमार यादव से सचिव वन पर्यावरण, जलवायु को बदलकर शेष यथावत रहेगा। दीपेंद्र कुमार चौधरी से सचिव प्रभारी खेल, उच्च शिक्षा,युवा कल्याण हटाकर सचिव सैनिक कल्याण और राजस्व की जिम्मेदारी मिली है।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महिला चिकित्सक के इस्तीफा मामले में नया मोड़, सीएम धामी के संज्ञान लेने के बाद राज्य की नौकरशाही में हड़कंप

नौकरशाही:सचिन कुर्वे-आशीष जोशी को कामकाज देने में देरी क्यों? - News Space

नवीन समाचार, देेहरादून, 1 अप्रैल 2022। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज पांडेय की पत्नी से कथित विवाद के बाद दून अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. निधि उनियाल के तबादले के प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही उनका अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में संबद्धीकरण निरस्त कर दिया है। इससे राज्य की नौकरशाही में हड़कंप मच गया है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अखबारों और इंटरनेट मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए महिला चिकित्सक को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किए जाने के आदेश को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधु से मामले की उच्च स्तरीय जांच करने को कहा है। प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव मनीषा पवार से कहा है कि वे इस प्रकरण की तथ्यात्मक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपे।

बताया गया है कि बृहस्पतिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव पंकज कुमार पांडेय की पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर दून अस्पताल प्रशासन ने डॉ. उनियाल से पांडेय के आवास पर जाकर उनकी पत्नी का इलाज करने के लिए कहा था। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए डॉ. उनियाल ने पहले तो पांडेय के घर पर जाने से मना कर दिया, लेकिन बाद में अस्पताल प्रशासन के जोर देने पर वह वहां चली गईं। वहां इलाज के दौरान डॉ. उनियाल और पांडेय की पत्नी में विवाद हो गया, जिसके बाद अधिकारी की पत्नी ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और डॉ. उनियाल नाराज होकर अस्पताल लौट आईं।

इस घटना के कुछ देर बाद डॉ. उनियाल को उनका तबादला अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में किए जाने संबंधी पत्र थमा दिया गया। महिला चिकित्सक ने अपने उच्चाधिकारियों को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने उनसे अधिकारी की पत्नी से माफी मांगने को कहा था और इससे इनकार करने पर उनका तबादला कर दिया गया। प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ और अन्य संगठनों के महिला चिकित्सक के समर्थन में आगे आने से मामले ने तूल पकड़ लिया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उफ्फ उत्तराखंड में ऐसे हनकबाज नौकरशाह ! उसकी पत्नी की वजह से एक काबिल महिला चिकित्सक को देना पडा इस्तीफा !!

नवीन समाचार, देहरादून, 1 अप्रैल 2022। लगातार चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे उत्तराखंड राज्य में चिकित्सकों पर व्याप्त व्यवस्थागत दबाव एक उच्चाधिकारी की हरकतों से बेपर्दा हो गए हैं। दून मेडिकल कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. निधि उनियाल के स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय की पत्नी से माफी मांगने से इनकार पर स्वास्थ्य सचिव ने उनका तबादला अल्मोड़ा मेडिकल कालेज कर दिया है। इससे नाराज होकर डॉ. निधि ने बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस प्रकार एक नौकारशाह की हनक से राज्य ने एक काबिल चिकित्सक को खो दिया है।

डा. निधि उनियाल ने स्वास्थ्य सचिव को जो इस्तीफा लिखा है उसमें आरोप लगाए गए हैं कि उनसे बृहस्पतिवार सुबह स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय की पत्नी के इलाज के लिए उनके घर जाने को कहा गया था। वह दो चिकित्साकर्मियों के साथ वहां गई तो उन्होंने उनकी सारी जांचें की। ब्लड प्रेशर नापने की मशीन कार में छूट गई थी तो उसके आने में देर लगी। इस पर सचिव की पत्नी ने उन्हें और चिकित्सकों के पेशे को भला-बुरा कहा। उन्होंने आपत्ति की और लौट गईं।

उनके लौटने के बाद उन्हें डा. पांडे की पत्नी से माफी मांगने को कहा गया। डा. पंकज पांडेय की पत्नी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। चूंकि उनकी गलती नहीं थी तो उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इसके बाद शाम को स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय ने बिना कारण का उल्लेख किए उनका तबादला सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा कर दिया।

तबादला आदेश में बहाना बनाया गया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस पाठक्रम प्रारम्भ करने के लए मेडिकल कालेज व बेस चिकित्सालय के सुचारू संचालन के लिए डा. निधि उनियाल को राज्यहित व कार्यहित में अग्रिम आदेशों तक सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में सम्बद्ध किया जाता है। उनके वेतन का आहरण सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पद के सापेक्ष किया जाएगा।

डा. निधि उनियाल ने तबादले को स्वास्थ्य सचिव द्वारा किया गया उत्पीड़न बताते हुए दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर जनरल मेडिसिन पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, देहरादून के मेडिकल कालेज और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी भेजी है। अब देखने वाली बात होगी प्रदेश सरकार इस मामले में हनकबाज नौकरशाह के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाती है या राज्य में चिकित्सकों की कमी के बीच एक और चिकित्सक को खोने से परहेज नहीं करती। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चुुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई ऊधमसिंह नगर के एसएसपी को हटाया

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2022। चुनाव आयोग ने रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी यानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर को हटा दिया है। उनकी जगह डीआईजी बरिंदरजीत सिंह को ऊधमसिंह नगर का नया एसएसपी बनाया गया है।

माना जा रहा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद जिला मुख्यालय में गौवंशीय पशु को काटे जाने की घटना होने की गाज एसएसपी पर गिरी है। गौरतलब है कि नए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह पूर्व में भी ऊधमसिंह नगर के एसएसपी रह चुके हैं। जुलाई 2020 में जब उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष से हुई तकरार के तत्काल बाद हटाया गया था, और यही उन्हें हटाए जाने की वजह भी बताई जा रही थी।

इसके अलावा आईएएस अधिकारी हरिश्चंद्र सेमवाल को भी आबकारी आयुक्त व आबकारी सचिव के पद से हटाया गया है। उन्हें हाल ही में यह जिम्मेदारी दी गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धीराज, सविन, रणवीर सहित 7 आईएएस अधिकारियों को नए वर्ष पर बड़ा तोहफा

नवीन समाचार, देहरादून, 24 दिसंबर 2021। नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल, पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल, सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित 2009 बैच के 7 आईएएस अधिकारियों-डॉ. राघव लंगर, सी रविशंकर, ज्योति यादव व युगल किशोर पंत को सरकार नए वर्ष पर प्रोन्नति का बड़ा तोहफा देने जा रही है।

इन अधिकारियों को एक जनवरी 2022 से सलेक्शन ग्रेड 1,23,100-2,15,900 (अपुनरीक्षित वेतनमान 37,400-67,000) सहित ग्रेड पे 8,700 में प्रोन्नत किया जा रहा है। सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी की ओर से इस आशय के आदेश जारी हो गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आईएएस दीपक रावत ने संभाला कुमाऊं कमिश्नर पद का कार्यभार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 दिसंबर 2021। 2007 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक रावत ने बृहस्पतिवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। तत्पश्चात् आयुक्त कार्यालय में मण्डलायुक्त व एटीआई का कार्यभार ग्रहण किया। आयुक्त कार्यालय में पहुंचने पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर आयुक्त प्रकाश चन्द्र, कुमाऊँ मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक नरेन्द्र भण्डारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पिंचा, हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

इस दौरान मण्डलायुक्त श्री रावत ने कहा कि वे नैनीताल एवं बागेश्वर के जिलाधिकारी रहते और प्रदेश के ही निवासी होने के नाते वह कुमाऊं मंडल और यहां की समस्याअेां को बेहतर तरीके से जानते हैं। चुनाव आसन्न हैं, इसलिए विधानसभा चुनाव को पूर्ण पारदर्शिता एवं निश्पक्षता से कराना भी उनकी प्राथमिकता होता। उन्होंने कहा कि कोविड की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जाएँगी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जो क्षति हुई है उन कार्याें को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किये जायेगा।

श्री रावत ने कहा कि जनता के प्रति प्रशासन की जवाबदेही बनी रहे, जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निवारण किया जायेगा। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जो भी विकास योजनाऐं वर्तमान में संचालित है उनको अन्तिम छोर के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जायेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन,सड़क, विद्युत, पेयजल एंव आमजन मानस से जुड़ी जो भी मूलभूत सुविधायें है उन पर प्रशासन की पूरी टीम  प्राथमिका के साथ कार्य करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं आजीविका और रोजगार की ओर विशेष ध्यान दिया जायेगा।इसके उपरांत उन्होंने मुख्यालय में नगर की आराध्य देवी माता नयना के दर्शन कर आर्शीवाद भी प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि दीपक पूर्व में बागेश्वर, नैनीताल एवं हरिद्वार के जिलाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वह पिटकुल व उरेडा के प्रबंध निदेशक के पद पर थे। उन्हें इन पदभार से मुक्त कर कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। कई मौकों पर अचानक छापेमारी करना उनकी पहचान रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग : दीपक रावत होंगे कुमाऊं मंडल के नए आयुक्त

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 दिसंबर 2021। पूर्व में बागेश्वर, नैनीताल एवं हरिद्वार के जिलाधिकारी रहे आईएएस दीपक रावत कुमाऊं मंडल के नए आयुक्त यानी कुमाऊं कमिश्नर होंगे। उनकी नई नियुक्ति के आदेश हालांति मंगलवार की तिथि में जारी हुआ हैं, लेकिन इस पर पेंच फंसा हुआ था। इधर बुधवार सुबह दोपहर करीब 12 बजे उनका स्थानांतरण आदेश सामने आया।

सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी के हस्ताक्षरों से जारी तबादला आदेश के अनुसार उन्हें पिटकुल व उरेडा के प्रबंध निदेशक के पदभार से मुक्त करते हुए कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेश पद पर नियुक्त किया गया है। आदेश प्राप्त होने के बाद श्री रावत ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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