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होटल व्यवसायी की मौत के मामले में आईपीएस अधिकारी के बाद अब एक आईएएस अधिकारी का नाम भी !

47 year old Ghaziabad Radisson blu owner Amit Jain found dead in home –  Agraleaksनवीन समाचार, देहरादून, 4 दिसंबर 2022। दिल्ली में गाजियाबाद के 500 करोड़ रुपये कीमत के फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू के मालिक अमित जैन ने गत 19 नवंबर को अपने खेलगांव स्थित घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब उत्तराखंड के एक आईपीएस अधिकारी के बाद एक आईएएस अधिकारी का नाम भी सामने आ रहा है। मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार यह आईएएस अधिकारी वर्तमान में स्टडी लीव पर अवकाश में हैं। देखें पूर्व समाचार: होटल व्यवसायी की आत्महत्या के मामले में आया आईपीएस अधिकारी का नाम, विभाग में हड़कंप..

बताया जा रहा है कि वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के कुछ अधिकारी स्टडी लीव पर हैं। इनमें एक आईएएस यूरोप के किसी देश में है। दूसरे आईएएस उत्तर प्रदेश के एक विवि में स्टडी लीव पर अध्ययन कर रहे हैं। और तीसरे आईएएस दक्षिण भारत के एक राज्य में स्टडी लीव पर हैं। जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि जैन की मौत से एक दिन पहले यानी 18 नवंबर को उत्तराखंड के आईपीएस अधिकारी ने जैन से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस दौरान आईपीएस अधिकारी द्वारा जैन पर घाटे में चल रहे होटल में लगाए गए अपने रुपए वापस मांगने के लिए दबाव बनाया था। बताया जा रहा है कि इस होटल में आईपीएस अधिकारी ने अपने करोड़ों रुपए निवेश किए थे। यह भी पढ़ें : नैनीताल: रोडवेज का परिचालक करता था छात्राओं से छेड़खानी, विरोध करने वालों को बस में बैठाता नहीं था, आज लोगों ने धुन दिया…

विदित हो कि 22 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल गांव के सामने एक फ्लैट में गाजियाबाद के एक पांच सितारा होटल के मालिक अमित जैन ने एक सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में पार्टनरशिप के विवाद का जिक्र करते हुए लिखा था कि इस होटल में उत्तराखंड के आईपीएस अधिकारी का हिस्सा है। आरोप है कि उक्त अधिकारी होटल में पार्टनर था और होटल घाटे में चलने के कारण अधिकारी लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था। यह भी पढ़ें : नैनीताल: टैक्सी चालक की धोखाधड़ी पर भड़के पर्यटकों ने किया हंगामा

इस मामले में एडीजी कानून व्यवस्था एवं पुलिस प्रवक्ता वी मुरुगेशन ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक संपर्क नहीं किया है। अलबत्ता उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से दिल्ली पुलिस को एक पत्र भेजा जा रहा है। दिल्ली पुलिस को आरोपित अधिकारी का नाम उजागर करना चाहिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नौकरशाहों के लिए बड़ा समाचार: कई जिलों के पुलिस कप्तान व अधिकारी बदले गए, 16 आईएएस अधिकारियों को बैच के साथ वरिष्ठता तय…

नवीन समाचार, देहरादून, 3 नवंबर 2022। उत्तराखंड में शासन ने छह आइपीएस और चार पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए है। इन तबादलों के जरिए सरकार ने कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले हैं। एक प्रांतीय पुलिस सेवा यानी पीपीएस अधिकारी को भी जिले का पुलिस कप्तान बनाया गया है। साथ ही 16 पदोन्नत आइएएस अधिकारियों को बैच आवंटित कर दिए हैं। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में दिन दहाड़े बड़ी वारदात, पुलिस कर्मी की पत्नी की घर में घुसकर हत्या

सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार के एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत को हटा कर डीआइजी इंटेलिजेंस और कारागार बनाया गया है। जबकि उनकी जगह एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह को हरिद्वार का नया एसएसपी बनाया गया है। इसी तरह रुद्रप्रयाग जनपद के एसपी आयुष अग्रवाल को हटा कर विशाखा भदाणे अशोक को रुद्रप्रयाग का नया एसपी बनाया है। जबकि आयुष अग्रवाल एसटीएफ के नए एसएसपी बनाये गये हैं। यह भी पढ़ें : नैनीताल बैक में नौकरी-नई नियुक्तियों का सुनहरा अवसर, यहां देखें कैसे करे आवेदन…

वहीं बागेश्वर जनपद में एसपी के तौर पर तैनात अमित श्रीवास्तव को पुलिस मुख्यालय का एसपी बनाया गया है और उनकी जगह हिमांशु कुमार वर्मा को बागेश्वर जिले का नया एसपी बनाया है। इसी कड़ी में हरिद्वार के एसपी-ग्रामीण पीपीएस अधिकारी परमेंद्र सिंह डोभाल को चमोली जनपद का नया एसपी बनाया है और उनकी जगह एसटीएफ के एएसपी स्वप्न किशोर को रुड़की में एसपी-ग्रामीण बनाया गया है। यह भी पढ़ें : अंकिता के माता-पिता पहुंचे नैनीताल हाईकोर्ट, की मामले की सीबीआई जांच की मांग

इसी कड़ी में काशीपुर एएसपी चंद्रमोहन सिंह को एएसपी देहरादून भेजा गया है, जबकि ऊधमसिंह नगर जनपद में तैनात एएसपी-अपराध एवं यातायात की जिम्मेदारी संभाल रहे अभय कुमार सिंह को काशीपुर का नया ए एसपी बनाया गया है। यह भी पढ़ें : नैनीताल में पिछले दिनों हुई बाइक, टीवी, मंगलसूत्र, लैपटॉप आदि की चोरियों का खुलासा

16 पदोन्नत आइएएस अधिकारियों को बैच हुए आवंटित
केंद्र सरकार ने अगस्त माह में पीसीएस से आइएएस संवर्ग में पदोन्नत अधिकारियों का बैच निर्धारण कर दिये हैं। इससे उनकी वरिष्ठता भी तय हो गई है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार आइएएस योगेंद्र यादव, उदय राज सिंह, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय व राजेंद्र कुमार को वर्ष 2010, आइएएस ललित मोहन रयाल व करमेंद्र सिंह को 2011, डा आनंद श्रीवास्तव व हरीश चंद्र कांडपाल को 2013, संजय कुमार को 2014 और नवनीत पांडेय को वर्ष 2015 तथा मेहरबान सिंह बिष्ट, आलोक कुमार पांडेय, बंशीधर तिवारी, रुचि मोहन रयाल और झरना कमठान को आइएएस का वर्ष 2016 बैच आवंटित किया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: तीन जिलों के डीएम व दो के एसपी-एसएसपी बदले, डीएम-एसएसपी पर गिरी अंकिता हत्याकांड की गाज !

नवीन समाचार, देहरादून, 28 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 4 आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इन तबादलों के जरिए 3 जिलो के डीएम और दो जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बदले गए हैं। खास बात यह भी है कि पौड़ी जिले के डीएम और एसएसपी दोनों को बदल दिया गया है। माना जा रहा है कि अंकिता हत्याकांड को ठीक से नियोजित न कर पाने की गाज उन पर गिरी है। पौड़ी के डीएम व एसएसपी को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है, बल्कि बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। इसे इसी बात का इशारा माना जा रहा है। यह भी पढ़ें : हाथ में फटा पटाखा, महंगे उपचार के बाद भी काटना पड़ गया हाथ

ताजा स्थानांतरण आदेशों के अनुसार आशीष कुमार चौहान को पौड़ी जिले का डीएम बनाया गया है, जबकि उनकी जगह बागेश्वर की डीएम रीना जोशी को डीएम पिथौरागढ़ बनाया गया है। जबकि बागेश्वर के डीएम की जिम्मेदारी अब अनुराधा पाल को दी गई है। यह भी पढ़ें :  सुबह का सुखद समाचार : आज निकलेंगी 891 पदों पर भर्तियां

दूसरी ओर चमोली जिले की एसपी आईपीएस श्वेता चौबे को एसएसपी पौड़ी बनाया गया है, जबकि पौड़ी के एसएसपी यशवंत सिंह को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों को बदले जाने की चर्चा कई दिनों से चल रही थी, किंतु दीपावली एवं प्रधानमंत्री की उत्तराखंड यात्रा होने के कारण इसमें थोड़ा विलंब हुआ। बताया जा रहा है आगे जल्द ही कुछ और जिलों में भी फेरबदल किया जाना बाकी है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पूर्व डीजीपी सहित आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज

-आरक्षित वन में बेनामी संपत्ति पर कब्जे व 25 पेड़ काटने का है आरोप
सिद्धू ने किया पद का दुरुपयोग, जांच में पुष्टि - es dgp bs sidhuनवीन समाचार, देहरादून, 24 अक्तूबर 2022। फर्जी व्यक्ति के नाम पर यानी बेनामी संपत्ति पर देहरादून के राजपुर क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने और पेड़ों के अवैध कटान करने के मामले में राजपुर थाना पुलिस ने तत्कालीन डीजीपी बीएस सिद्धू और तत्कालीन अपर तहसीलदार शूजाउद्दीन सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: दीपावली के रोज 22 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, पहले भी किया था हमला…

शिकायतकर्ता प्रभागीय वन अधिकारी मसूरी वन प्रभाग आशुतोष सिंह ने पुलिस को तहरीर दी है कि तत्कालीन डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस महानिदेशक के पद पर रहते हुए मसूरी रोड स्थित आरक्षित वन क्षेत्र की जमीन पर मेरठ के दो अधिवक्ता दीपक शर्मा व स्मिता दीक्षित के कहने पर फर्जी दस्तावेज बनाए। यह भी पढ़ें : झील में डूबा 33 वर्षीय युवक, दो दिन बाद एसडीआरएफ ने किया शव बरामद

उन्होंने नकली नाथूराम और कुछ गवाहों को दिखा कर 21 मई 2012 को जमीन अपने नाम रजिस्टर करवा दी। जबकि असली नाथूराम की मृत्यु 1983 में ही हो चुकी थी। बीएस सिद्धू ने तत्कालीन अपर तहसीलदार सदर के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा किया। यही नहीं जमीन पर खड़े 25 पेड़ भी काट दिए और बीएस सिद्धू ने वन अधिकारियों व कुछ कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: दो युवक नदी में गिरे, एक की मौत दूसरा, दूसरा भी गंभीर

जांच के बाद पुलिस ने तत्कालीन डीजीपी बीएस सिद्धू, तत्कालीन अपर तहसीलदार शूजाउद्दीन, महेंद्र सिंह, नकली नथुराम, दीपक शर्मा, स्मिता दीक्षित, सुभाष शर्मा और कृष्ण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी सरकार एक और पूर्व नौकरशाह पर शिकंजा कसने की तैयारी में, शासन ने दी मुकदमा दर्ज करने की अनुमति

-उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी, शासन ने दी मुकदमा दर्ज करने की अनुमति, जानें क्या है मामला..
नवीन समाचार, देहरादून, 23 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ जल्द ही मुकदमा दर्ज हो सकता है। शासन ने मसूरी में सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश और पेड़ काटने के आरोप में उनके खिलाफ मुकदमे की मंजूरी दे दी है। इसके बाद वन विभाग मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी में जुट गया है। ‘नवीन समाचार’ के माध्यम से दीपावली पर अपने प्रियजनों को शुभकामना संदेश दें मात्र 500 रुपए में… संपर्क करें 8077566792, 9412037779 पर, अपना संदेश भेजें saharanavinjoshi@gmail.com पर… यह भी पढ़ें : नैनीताल : नैनीताल: दुकानों के आगे बेसुध मिला युवक, मची सनसनी…

उल्लेखनीय है कि पूर्व सिद्धू पर मार्च 2013 में वीरगिरवाली राजपुर के आरक्षित वन क्षेत्र में 1.30 हेक्टेयर जमीन खरीदने और इस जमीन से मार्च 2013 में साल के 25 पेड़ों का अवैध कटान करने और पद का दुरुपयोग करते हुए वन अधिनियम के तहत सरकारी काम करने वाले अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने के आरोप लगे थे। इन आरोपों पर उन्हें उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले 29 अप्रैल 2016 को आरोप पत्र थमाए गये थे। यह भी पढ़ें : नैनीताल : गुलदार का ग्रास बनते-बनते बचा चोर !

हालांकि सिद्धू ने अपने जवाब में आरोप पत्र में लगाए गए तमाम आरोपों को नकार दिया था। इसके बाद कई जांच अधिकारी बदले गए। अक्टूबर 2019 में पूर्व आइएएस डीके कोटिया को यह जांच सौंपी गई। इस बीच कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लगने के बाद वर्ष 2021 में जांच आगे बढ़ी। इस मामले में वन विभाग ने उनके खिलाफ जुर्माना भी काटा था और बाद में जमीन की सिद्धू के नाम की गई रजिस्ट्री भी निरस्त की गई थी। यह भी पढ़ें : हद हो गई, पति ने पत्नी की अश्लील फोटो की वायरल, अब परिवार की लड़कियों की अश्लील फोटो भी वायरल करने की दे रहा धमकी

इस मामले में कुछ समय पूर्व ही वन विभाग ने सिद्धू पर आरक्षित वन क्षेत्र में जमीन कब्जाने और पेड़ काटने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाने की अनुमति शासन से मांगी थी वन सचिव विजय कुमार यादव की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की अनुमति दे दी गई है। यह भी पढ़ें : शिक्षक ने की छात्रा के साथ अश्लील हरकत, गिरफ्तार

साथ ही शासन ने पीसीसीएफ को इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा है। इसके बाद उन्होंने डीएफओ मसूरी को पूरे मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए डीएफओ मसूरी आशुतोष ने बताया कि पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन का पत्र मिल गया है कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से 50 करोड़ की रंगधारी मांगे जाने पर मुकदमा दर्ज….

जबकि इस मामले में सिद्धू ने कहा है कि उनके खिलाफ वन विभाग जुर्माना लगाने की कार्रवाई कर चुका है जो गलत थी। इस मामले में जिला न्यायालय ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति को खारिज कर दिया है। ऐसे में शासन में अगर उनके खिलाफ मुकदमे की अनुमति दे दी है तो वह गलत है। इसके खिलाफ वह आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड: एक आईएएस अधिकारी के घर में हुई चोरी…

नवीन समाचार, देहरादून, 20 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के घर में चोरी की घटना सामने आई है। पश्चिम बंगाल में तैनात आईएएस अधिकारी विभु गोयल के डोईवाला स्थित घर के मुख्य गेट सहित भीतर कमरों में गुरुवार को लगभग आधा दर्जन ताले टूटे हुए मिले। इस पर आसपास के लोग उनके घर के पास एकत्र हो गए और प्रारंभिक जानकारी लेकर गोयल को इसकी जानकारी दी गई। यह भी पढ़ें : नवविवाहिता बहु से 65 वर्षीय ससुर ने किया दुष्कर्म….

इसके बाद गोयल के रिश्तेदार अपराह्न करीब ढाई बजे उनके घर पर पहुंचे और घर के सभी टूटे ताले बदले। रिश्तेदारों ने बताया कि घर में वर्तमान में कोई नहीं रहता है। गोयल पश्चिम बंगाल में इन दिनों चल रहे पंचायत चुनाव में व्यस्त हैं। घर में कुछ खास सामान भी नहीं है। अलबत्ता इस घटना में चोर घर से कुछ नगदी और चांदी के गिलास चोरी कर ले गए हैं। परिवार फिलहाल इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत नहीं करना चाह रहा है। बताया गया है कि विभु गोयल के पिता अशोक कुमार गोयल भारत रेलवे से स्टेशन मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड में एक और प्रभावशाली व विवादित व्यक्ति का कारनामा उजागर, नाबालिग से की छेड़छाड़, पटवारी की भूमिका भी संदिग्ध

कानपुर में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में चार गिरफ्तारनवीन समाचार, अल्मोड़ा, 4 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड में सुलगते अंकिता हत्याकांड के बीच एक और नाबालिग के साथ एक प्रभावशाली व विवादित व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। दिल्ली सरकार में वरिष्ठ प्रशासन अधिकारी के तौर पर कार्यरत एपी प्रेमनाथ पर एक नाबालिग से मजखाली क्षेत्र स्थित अपनी पत्नी के नाम से संचालित विद्यालय में छेड़छाड़ किए जाने का मुकदमा राजस्व पुलिस में दर्ज हुआ है। मामले में नाबालिग पीड़िता के न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर लिए गए हैं। विवादित अधिकारी और उसकी पत्नी पर सरकारी जमीन कब्जाने, अधिकारियों और एक वरिष्ठ पत्रकार को फंसाने सहित कई अन्य गंभीर आरोप पहले से भी भी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की देर शाम एक नाबालिग पीड़िता अल्मोड़ा के अपर जिलाधिकारी चंद्र सिंह मर्तोलिया के कार्यालय पहुंची और उन्हें अपने साथ घटी पूरी घटना सुनाई। बताया कि मजखाली स्थित डांडा-कांडा गांव में प्लीजेंट वैली फाउंडेशन स्कूल नाम का एक एनजीओ चलाने वाले दिल्ली सरकार के सचिवालय में अधिकारी एवी प्रेमनाथ उस पर पहले से गलत नजर रखता था। चार माह पूर्व उसने पीड़िता की मां को किसी झूठे केस में फंसाकर और वहां से छुड़ाने का झांसा देकर प्लीजेंट वैली में उसका शोषण व उत्पीड़न किया। पटवारी से शिकायत करने की कोशिश की लेकिन दर्ज नहीं हुई। जिसके बाद डीएम और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई।

पीड़िता की बातों की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने राजस्व पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर राजस्व पुलिस ने आरोपित एवी प्रेमनाथ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 66डी, आईटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद मंगलवार को राजस्व पुलिस की टीम ने पीड़िता के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसके 164 के बयान कराए। पुलिस इस मामले जल्द रेगुलर पुलिस को सौंपने की भी तैयारी कर रही है।

उल्लेखनीय है कि एवी प्रेमनाथ का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले उन पर तथा उनकी पत्नी पर डांडा-कांडा गांव में अतिक्रमण व अवैध निर्माण का मामला चल रहा है। इस मामले में एसडीएम ने नोटिस भी जारी किया था। प्रेमनाथ व उनकी पत्नी और एनजीओ संचालक पर सौ नाली जमीन खरीदने संबंधित मुकदमा भी चल रहा है। इसके अलावा दोनों पति-पत्नी व एक अन्य महिला पर अल्मोड़ा के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के खिलाफ झूठी शिकायत करने और साजिश रचने तथा एक वरिष्ठ पत्रकार को हत्या के मामले में फंसाने के आरोप भी लग चुके हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 26 पीसीएस अधिकारियों को मिला पदोन्नति का तोहफा

नवीन समाचार, देहरादून, 21 सितंबर 2022। उत्तराखंड शासन ने बुधवार को 2009 व 2010 में राज्य में हुई सीधी भर्ती के 26 पीसीएस अधिकारियों को बड़ा तोहफा दिया है। उत्तराखंड सिविल सेवा कर्मचारी शाखा के ज्येष्ठ श्रेणी वेतनमान ग्रेड पे 6600 में कार्यरत इन अधिकारियों को उत्तराखंड सिविल सेवा के चयन श्रेणी के वेतनमान 78,800-2,09,200 स्तर 12 सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत 7600 ग्रेड पे में पदोन्नति किए जाने के आदेश जारी हो गए हैं।

सचिव शैलेश बगौली के हस्ताक्षरों से जारी आदेशों के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों में 2009 बैच की सादिया आलम, ललित नारायण मिश्र, अशोक पांडेय, विप्रा त्रिवेदी, अभिषेक त्रिपाठी, शिव कुमार बरनवाल, रामजी शरण शर्मा, मौ. नासिर, इलागिरि, राहुल कुमार व जयभारत सिंह तथा 2010 बैच में जगदीश लाल, वीर सिंह, त्रिलोक सिंह, सुंदर लाल सेमवाल, मोहन सिंह, गिरीश गुणवंत, शिवचरण द्विवेदी, प्रकाश चंद्र दुमका, चंद्र सिंह मर्तोलिया, हेमंत कुमार वर्मा, उत्तम सिंह चौहान, हरवीर सिंह, जगदीश चंद्र कांडपाल, चंद्र सिंह इमलाल व अशोक कुमार जोशी शामिल हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 13 आईएएस-8 पीसीएस सहित 23 अधिकारियों के तबादले, सूचना विभाग के महानिदेशक भी बदले…

UP में 5 IAS अफसरों का ट्रांसफर, 7 PCS को भी नई तैनाती मिली - 5 IAS and 7  PCS officers have been transferred in UP got new posting NTC - AajTakनवीन समाचार, देहरादून, 30 अगस्त 2022। उत्तराखंड सरकार ने 13 आईएएस और 8 पीसीएस सहित कुल 23 अधिकारियों के विभागों मे फेरबदल किए हैं। सरकार ने आईएएस रणबीर सिंह चौहान से अपर सचिव सूचना और महानिदेशक सूचना का पद वापस ले लिया है। उनकी जगह बंशीधर तिवारी को महानिदेशक सूचना बनाया गया है। इसे सूचना विभाग में उच्चाधिकारियों के बीच कथित मतभेद पर विराम लगाने का प्रयास माना जा रहा है।

इसके अलावा अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन से राजस्व का कार्यभार वापस लिया गया है। इसके अलावा आईएएस शैलेश बगौली से सचिव कृषि और कृषक विभाग की जिम्मेदारी वापस ली गई। सचिव कृषि और कृषक विभाग की जिम्मेदारी आईएएस बीवीआरसी पुरुषोतम को दी गई है। आईएएस सचिन कुर्वे को राजस्व विभाग की सचिव बनाया गया है। हालांकि इनसे भी खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के आयुक्त की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया। आईएएस बृजेश कुमार संत को दून मसूरी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से हटा दिया गया।

वहीं, नई जिम्मेदारी के तौर पर सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता बनाया गया है। आईएएस दीपेंद्र कुमार चौधरी को सचिव प्रभारी राजस्व की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए सचिव प्रभारी शहरी विकास का नया दायित्व दिया गया है। आईएएस अधिकारी सोनिका को देहरादून जिलाधिकारी के साथ-साथ मसूरी देहरादून विकास प्रधिकरण के उपाध्यक्ष का प्रभार भी दिया गया। आईएएस कामेंद्र सिंह से सचिव लोक सेवा आयोग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। उन्हें अब अपर सचिव कार्मिक और सर्तकता, समाज कल्याण का प्रभार दिया गया।

सविन बंसल को अपर सचिव आपदा प्रबंधन और परियोजना प्रबंधन बनाया है। आईएएस मेहरबान सिंह को सचिव मानवाधिकार आयोग से हटाकर नई जिम्मेदारी दी गई है। आईएएस आनंद श्रीवास्तव से परियोजना प्रबंधन की जिम्मेदारी वापस ली गई है। इसके साथ ही पीसीएस गिरधारी सिंह को सचिव लोक सेवा आयोग हरिद्वार बनाया गया है। आईआएएस जितेंद्र कुमार सोनकर को अपर सचिव युवा कल्याण खेल निदेशक बनाया गया है। पीसीएस अरविंद पांडेय को सचिव मानवधिकार आयोग बनाया गया है। पीसीएस मनीष बिष्ट को उपजिलाधिकारी उधमसिंह नगर बनाया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग-बहुप्रतीक्षित बड़ा समाचार: उत्तराखंड के 17 पीसीएस अधिकारी बने उत्तराखंड

What are different Promotions in Marketing? What is Marketing promotion?नवीन समाचार, देहरादून, 23 अगस्त 2022। उत्तराखंड में आज का सबसे बड़ा समाचार सामने है। उत्तराखंड के 17 पीसीएस अधिकारी आखिरकार आईएएस बन गए हैं। इस बारे में मंगलवार को औपचारिक तौर पर आदेश जारी हो गया है।

आदेश के अनुसार योगेंद्र यादव, उदय राज सिंह, देव कृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडे, राजेंद्र कुमार, ललित मोहन रयाल, कामेद्र सिंह, आनंद श्रीवास्तव, हरीश चंद्र कांडपाल, संजय कुमार, नवनीत पांडे, मेहरबान सिंह बिष्ट, आलोक कुमार पांडे, बंशीधर तिवारी रुचि मोहन रयाल और झरना कमठान आईएएस बन गए हैं। पदोन्नति आदेश में इन अधिकारियों की सूची जन्म तिथि की वरिष्ठता के आधार पर जारी की गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में फिर आधा दर्जन से अधिक आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2022। लगता है उत्तराखंड में तबादलों का मौसम चल रहा है। बुधवार को 6 आईएएस एवं 1 पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन किया गया है।

अनुसचिव हनुमान प्रसाद तिवारी द्वारा बुधवार को जारी आदेशों के अनुसार सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी को आयुक्त परिवहन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान को कृषि एवं कृषक कल्याण, रोहित मीणा को महानिदेशक व आयुक्त उद्योग तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी-खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, सी रविशंकर को अपर सचिव वित्त का अतिरिक्त प्रभार तथा पीसीएस अधिकारी जयभारत सिंह को अपर जिलाधिकारी-प्रशासन व नजूल उधमसिंह नगर का अतिरिक्त प्रभार दिया है।

जबकि डॉ. रंजीत सिन्हा से सचिव नियोजन व डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव से अपर सचिव नियोजक के पदभार हटाए गए हैं। रणवीर सिंह चौहान से महानिदेशक व आयुक्त उद्योग तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी-खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का पदभार भी हटा लिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी 2.0 का अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल, 50 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के पत्ते फेंटे, कई डीएम, सीडीओ, आयुक्त, निदेशक बदले

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2022। उत्तराखंड शासन ने धामी 2.0 में पहली बार, अब तक का अपना सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 50 आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण कर दिए हैं। इनमें दो जिलाधिकारी, पांच सीडीओ सहित सचिवालय से लेकर निदेशालय तक के कई अधिकारी शामिल हैं। रीना जोशी को बागेश्वर और सौरभ गहरवार को टिहरी का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

शनिवार देर रात्रि प्राप्त हुए स्थानांतरण आदेशों के अनुसार वरिष्ठ आईएस अधिकारी सचिन कुर्वे को मंत्री रेखा आर्य के ग्राम्य विकास विभाग से हटा दिया गया है, अलबत्ता, उन्हें पर्यटन जैसा अहम विभाग देकर खासा महत्व दिया गया है। लंबे समय से पयर्टन देख रहे दिलीप जावलकर को वित्त की जिम्मेदारी दी गई है। बीवीआरसी पुरूषोत्तम से निदेशक स्तर के जिम्मेदारी हटाकर उन्हें ग्राम्य विकास दिया गया है। विनोद कुमार सुमन से शहरी विकास, डीएम देहरादून आर राजेश कुमार से स्मार्ट सिटी सीईओ और डीएम यूएसनगर युगल किशोर पंत से एमडी तराई बीज विकास निगम का चार्ज हटा दिया गया है। अलबत्ता, तीनों अधिकारियों के पास बाकी जिम्मेदारियां बनी रहेंगी।

इनके अलावा पहले ही कई विभाग देख रहे रणवीर सिंह चौहान से एमडी सिडकुल और अपर सचिव भाषा हटा दिया गया है। अपर सचिव सोनिका को अन्य जिम्मेदारियों के साथ स्मार्ट सिटी का सीईओ भी बनाया गया है। जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष को अब अपर सचिव पेयजल और निदेशक पंचायतीराज की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनकी जगह हरिद्वार के सीडीओ सौरभ गहरवार को टिहरी का डीएम बनाया गया है।

इनके अलावा अपर सचिव नितिन भदौरिया से आबकारी आयुक्त सहित सभी जिम्मेदारियां वापस लेकर उन्हें पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास की जिम्मेदारी दी गई है। अपर सचिव स्वाति भदौरिया से एमडी जीएमवीएन का कार्यभार वापस ले लिया गया है। जिलाधिकारी बागेश्वर विनीत कुमार को शासन में बुलाते हुए अपर सचिव लोनिवि और वन बनाया गया है। जबकि उनकी जगह शासन से अपर सचिव रीना जोशी को जिलाधिकारी बागेश्वर बनाया है। अपर सचिव रोहित मीणा को एमडी सिडकुल से वापस लेते हुए वित्त की जिम्मेदारी दी गई है।

इनके साथ ही देहरादून की सीडीओ नितिका खंडेलवाल को अपर सचिव ग्राम्य विकास, सीडीओ टिहरी नमामि बंसल को अपर सचिव तकनीकी शिक्षा, नैनीताल के डिप्टी कलेक्टर प्रतीक जैन को सीडीओ हरिद्वार, विशाल मिश्रा को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ ही सीडीओ यूएसनगर भी बनाया गया है। अपूर्वां पांडे को सीडीओ पौड़ी और मनीष कुमार को सीडीओ पौड़ी, आंकाक्षा वर्मा को एमडी सिडकुल, अंशुल सिंह को सीडीओ अल्मोड़ा और सीडीओ अल्मोड़ा नवनीत पांडे को निदेशक शहरी विकास की जिम्मेदारी दी गई है।

इनके अलावा पीसीएस अधिकारियों की बात करें तो 22 पीसीएस अफसरों और तीन सचिवालय सेवा के अफसरों के भी तबादले किये गए हैं। पीसीएस अफसर ललित मोहन रयाल को निदेशक शहरी विकास से हटाकर अपर सचिव कार्मिक एवं सतर्कता का जिम्मा दिया गया है। योगेंद्र यादव को अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा व देव कृष्ण तिवारी से अपर सचिव पशुपालन, उदय सिंह राज से अपर सचिव ग्राम्य विकास हटाया गया है। झरना कमठान को सीडीओ देहरादून बनाया गया है। चंद्र सिंह धर्मशक्तू को प्रबंध निदेशक बहु उद्देश्यीय वित्त विकास निगम व प्रशांत कुमार आर्य को अपर सचिव उच्च शिक्षा बनाया गया है।

इनके साथ ही आशीष भटगाई को अपर सचिव कृषि, प्रकाश चंद्र दुम्का को सचिव उत्तराखंड भवन एवं सनिर्म्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, बीएस चलाल को संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमांऊ, बीएल फिरमाल को निदेशक दुग्ध विकास, संजय कुमार को निदेशक समाज कल्याण, मोहन सिंह बर्निया को सचिव रेरा, बंशीधर तिवारी को एमडी जीएमवीएन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, रवनीता चीमा से निदेशक कर्मचारी बीमा योजना का कार्यभार वापस लिया गया है। हरवीर सिंह को निदेशक सेवायोजन, दीप्ति सिंह को श्रमायुक्त हल्द्वानी, जीवन सिंह नगन्याल को अपर आयुक्त कुमाऊं मंडल, गिरीश चंद्र गुणवंत को अपर निदेशक आईडीडीए, राहुल कुमार गोयल को नगर आयुक्त ऋषिकेश बनाया गया है।

इनके साथ ही अतर सिंह को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन बनाया गया है। उनसे अपर सचिव लोनिवि का जिम्मा वापस लिया गया है। लक्ष्मण सिंह को अपर सचिव खनन, ओमकार सिंह को अपर सचिव गोपन एवं पंचायती राज का जिम्मा दिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में पहली बार अपनी सीधी भर्ती के 18 पीसीएस अधिकारी बनेंगे आईएएस

नवीन समाचार, देहरादून, 26 जून 2022। उत्तराखंड के 18 पीसीएस अधिकारी जल्द आईएएस बनेंगे। आगामी 12 अगस्त को पहली बार राज्य में सीधी भर्ती से बने पीसीएस अधिकारियों की डीपीसी होगी। राज्य सरकार ने पहले ही पीसीएस अधिकारियों की पदोन्नति का प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग को भेजा था, जो कुछ दस्वावेजों की वजह से लटका था, लेकिन अब पदोन्नतियों के लिए डीपीसी होने जा रही है। इसके अलावा भी पदोन्नत एवं सीधी भर्ती के पीसीएस अफसरों में वरिष्ठता को लेकर विवाद लगभग 12 साल तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा। सुप्रीम कोर्ट से सीधी भर्ती के अधिकारियो को पहले वरिष्ठता का लाभ देने के आदेश के बाद पदोन्नति के लिए पहली बार यह डीपीसी हो रही है।

जिन पीसीएस अधिाकारियों की डीपीसी होने जा रही है, उनमें ललित मोहन रयाल, आनंद श्रीवास्तव, हरीश चंद्र कांडपाल, संजय कुमार, नवनीत पांडे, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, गिरधारी सिंह रावत, आलोक कुमार पांडेय, बंशीधर तिवारी, रुचि तिवारी, झरना कामठान व रवनीत चीमा शामिल हैं। बताया गया है कि श्रद्धा जोशी सहित दो पीसीएस अधिकारियों के सेवा से त्यागपत्र देने से उनके जूनियर झरना कामठान और रवनीत चीमा को भी आईएएस अधिकारी बनने का मौका मिल रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सूचना सहित दो विभागों में आज खुला पदोन्नतियों का पिटारा…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2022। उत्तराखंड में शुक्रवार का दिन सूचना और सिचाई विभाग के कई अधिकारियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। सूचना विभाग में दो अनुवादक व 8 अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारियों-दीपा रानी गौड़, दिनेश कुमार, गोविंद सिंह बिष्ट, गिरिजा शंकर जोशी, अजनेश राणा, मनोज कुमार सती, वीरेंद्र सिंह राणा, ज्योति सुंदरियाल, अहमद नदीम व जानकी देवी को सूचना अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी के पद पर 44,900-2,42,400 के वेतनमान पर दो वर्ष के लिए परिवीक्षाधीन पदोन्नत किया गया है।

वहीं सिचाई विभाग में डिग्रीधारी कनिष्ठ सिविल अभियंताओं-मदन लाल, प्रकाश पुनेठा, राजवीर सिंह, विजय सिंह, संदीप कुमार, बलवीर सिंह, टिकराज सिंह व चंदन भारद्वाज को सहायक अभियंता-सिविल के पद पर पदोन्नत किया गया है।

इनके अलावा सामान्य श्रेणी के डिप्लोमाधारी मुकेश बहुगुणा, विनोद भंडारी, केशव सिंह, प्रशांत पंत, सुरजीत रावत, गौरव पाठक, अनिल पंवार, मनमोहन बिष्ट, सतीश शर्मा, अंकित कुमार, अनुरुद्ध शर्मा, अखिलेश सिंघलवाल, नरेश चंद्र, सुभाष जोशी, भगवती प्रसाद, बीरेंद्र सिंह, शंकर शम्भू, अरुण नेगी, रमेश चंद्र, मनोज सिंह, विकास कौशिक, संजीव नौटियाल व दीप पांडे को भी कनिष्ठ अभियंता सिविल से सहायक अभियंता सिविल के पद पर पदोन्नत किया गया है।

इनके साथ ही दिव्यांग श्रेणी में भी राजीव अग्रवाल, परवेंद्र मीणा, नवीन चंद्र, दौलत चंद, सुमित आर्य, प्रशांत साह व विपिन को भी सहायक अभियंता-सिविल के पद पर परिवीक्षाधीन पदोन्नति दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सेवानिवृत्ति से आठ दिन पहले उत्तराखंड के एक कद्दावर आईएएस अधिकारी रामविलास यादव गिरफ्तार

रामविलास यादव।नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2022। उत्तराखंड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग की ओर आदेश जारी कर अपर सचिव रामविलास यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद राज्य सतर्कता विभाग ने निलंबित आईएएस अधिकारी डा. रामविलास यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप है। वह 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे। यानी सेवानिवृत्ति से आठ दिन पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

राज्य सतर्कता विभाग के निदेशक अमित सिन्हा के अनुसार पूछताछ के बाद उन्हें देर रात गिरफ्तार किया गया अमित सिन्हा का कहना है कि रिमांड पर लेकर रामविलास यादव से पूछताछ की जाएगी। आज दोपहर 3 बजे उन्हें विजिलेंस न्यायालय में पेश करेगी। उनके 6 बैंक खातों को भी फ्रीज किया जा रहा है।

यह भी गौरतलब है कि इस मामले में विजिलेंस की पूछताछ में निलंबित आईएएस यादव ने अपनी पत्नी पर कुसुम विलास यादव पर भी गिरफ्तारी पर भी कथित तौर पर यह कहकर तलवार लटका दी है कि उन्हें अपनी संपत्ति के बारे में जानकारी नहीं है। यह जानकारी उनकी पत्नी दे सकती है। पत्नी को सब कुछ मालूम है। आईजी अमित सिन्हा ने इस मामले में मीडिया को बताया कि उनकी पत्नी को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह जवाब देने के लिए नहीं पहुंचीं। कहा कि उनकी पत्नी से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यादव आय से 500 फीसदी अधिक यानी 5 गुनी सम्पति के मामले में आरोपित हैं। वह सवालों का सही तरीके से जवाब नहीं दे रहे थे। इससे पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय की फटकार के बाद वह बुधवार 22 जून को देहरादून के विजिलेंस ऑफिस में अपना जवाब देने के लिए पहुंचे थे। जहां करीब 14 घटों तक उनसे पूछताछ की गई।

भाजपा के प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि पार्टी की पहले से ही भष्ट्राचार के खिलाफ स्पष्ट नीति रही है। भ्रष्टाचार के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कोई भी अधिकारी कितना ही बड़ा क्यों ना हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साथ ही सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की जा रहा विवेचना में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और इस प्रकार अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के संगत प्राविधानों का उल्लंघन करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में काम में लापरवाही बरतने पर जिला स्तरीय अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 22 जून 2022। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने नैनीताल के डीएसओ यानी जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन को काम में लापरवाही बरतने पर अनिवार्य अवकाश पर भेजने की बड़ी कार्रवाई की है।

इसके बाद कुमाऊं संभाग के खाद्य उपायुक्त राहुल शर्मा को डीएसओ नैनीताल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आदेश में कहा है कि विभागीय कार्यों की प्रगति में यह परिलक्षित हुआ है कि बर्मन के सुगम जिले में कार्यरत होने के बावजूद विभागीय प्राथमिकता के कार्यों के संपादन में नैनीताल की प्रगति अपेक्षा अनुरूप नहीं है। इसका असर विभागीय कार्यों व प्रदर्शन पर पड़ रहा है।

जनहित को देखते हुए मनोज कुमार बर्मन को तत्काल प्रभाव से 1 जुलाई, 2022 तक अनिवार्य अवकाश पर भेजा जाता है। अग्रिम आदेशों या नैनीताल जिले में नियमित डीएसओ की तैनाती होने तक शर्मा अतिरिक्त प्रभार देखेंगे। उल्लेखनीय है कि बर्मन को जून 2019 में नैनीताल का डीएसओ बनाया गया था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : विधायक से पंगा लेकर फंसे एसडीएम…, हटाये गए…

BJP विधायक दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ तहरीर देने पर SDM सोहन सिंह सैनी पर गिरी गाज, गढ़वाल कमिश्नर ऑफिस अटैचनवीन समाचार, देहरादून, 29 मई 2022। विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ थाने में तहरीर देने वाले एसडीएम सोहन सिंह सैनी को शासन ने हटा दिया है। उन्हें गढ़वाल मंडल के आयुक्त कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि एसडीएम ने विधायक पर अभद्रता करने, छवि धूमिल करने तथा एससी, एसटी ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए उनसे जान का खतरा बताते हुए पुलिस में तहरीर दी थी। एसडीएम सैनी का कहना था कि उन्हें विधायक ने 21 मई को रात लगभग 10 बजे पुरोला गेस्ट हाउस में बुलाया था। एसडीएम ने उस समय आने में असमर्थता जतायी।

अगले दिन वह विधायक से मिलने गये तो उन्होंने गेस्ट हाउस में मिलने से इनकार कर दिया और बाजार में मिलने की बात कही। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि विधायक ने अगले दिन पुरोला बाजार में हंगामा किया, और उनके समर्थकों ने एसडीएम पुरोला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और अभद्रता की। इधर विवाद बढ़ने पर शासन ने रविवार को एसडीएम सैनी को पुरोला से हटाने के आदेश जारी कर दिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गरमाएगी राजनीति: यूपी के भूमाफिया-गैंगस्टर के साथ उत्तराखंड के तीन वरिष्ठ नौकरशाहों के परिजनों के खिलाफ यूपी में मुकदमा दर्ज

Big breaking :-उत्तराखंड मे गजब हाल यशपाल तोमर के साथ यूपी पुलिस ने  उत्तराखंड के आईएएस और आईपीएस के रिश्तेदारों को बनाया गया सह अभियुक्त, धामी  ज़ी ...नवीन समाचार, देहरादून, 24 मई 2022। उत्तराखंड की नौकरशाही में खलबली मचाने योग्य बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले भू माफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर के साथ जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में उत्तराखंड के वरिष्ठ नौकरशाहों के परिजन भी शामिल बताए जा रहे हैं। यूपी के दादरी में पुलिस की प्राथमिकी में उत्तराखंड के दो वरिष्ठ आईएएस और एक वरिष्ठ आईपीएस के परिजनों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

उन पर दलित की पट्टे वाली जमीन को डरा धमकाकर खरीदने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस पार्टी ने प्रवक्ता गरिमा दसौनी के जरिए चंपावत उपचुनाव के मैदान में उतरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी इस मामले में लपेटने की कोशिश की है। आगे इस मामले में उत्तराखंड की राजनीति गरमाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को अवगत करवाने के बाद ही इस मामले में नई प्राथमिकी दर्ज हुई है। और चूंकि मामला उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीबी नौकरशाहों के परिजनों से जुड़ा है, इसलिए उन्हें भी इस मामले की जानकारी दी गई है। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि यशपाल तोमर इन नौकरशाहों के संपर्क में कैसे आया। चूंकि जमीनें नौकरशाहों के नाम पर नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं। ऐसे में परिवारजन ही बताएंगे कि वह यशपाल के संपर्क में कैसे आए। ऐसे में जांच के आगे बढ़ने पर सीधे तौर पर उत्तराखंड के तीन नौकरशाहों के नाम सामने आ सकते है।

मामले के अनुसार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव द्वारा की गई जांच के आधार पर ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव के लेखपाल शीतला प्रसाद ने भू-माफिया यशपाल तोमर, त्रिदेव पुत्र पिताम्बर, कर्मवीर पुत्र प्यारे लाल, बैलु पुत्र राम स्वरूप, कृष्ण पाल पुत्र छोटे, एम भास्करन पुत्र मनी अय्यम पिल्लई, केएम संत ऊर्फ खचरेमल पुत्र रेवती प्रसाद, गिरीश वर्मा पुत्र राम प्रसाद वर्मा और सरस्वती देवी पत्नी राम स्वरूप राम सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ शनिवार को दादरी कोतवाली में में दलितों की पट्टों की जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में मामला दर्ज कराया गया है। मामले में नामजद तीन लोग-एम भास्करन, केएम संत तथा सरस्वती देवी उत्तराखंड के तीन नौकरशाहों के परिवार से बताए जा रहे हैं।

आरोपों के अनुसार जिन अधिकारियों के परिजनों के नाम प्राथमिकी में शामिल हैं, वे सभी हरिद्वार में बतौर डीएम और एसएसपी तैनात रहे हैं। आरोपों के अनुसार हरिद्वार में यशपाल तोमर को मदद के बदले नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में जमीने दिलाने में अधिकारियों के रिश्तेदारों को जमीनें मिलीं हैं। मुख्य आरोपी यशपाल तोमर के खिलाफ उत्तराखंड के कनखल, ज्वालापुर एवं शहर कोतवाली में भी 13 मई 2022 को जमीनों के जबरन खरीद और फर्जीवाड़े के चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।

इनमें एक मामला कनखल में कांग्रेसी नेता तोष जैन के घर में घुसकर हत्या की धमकी देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया है। ज्वालापुर में दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर भरत चावला ने रंगदारी एवं जबरन भूमि कब्जाने समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। इसके बाद एसटीएफ ने गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे के चलते ही उसकी 153 करोड़ की भूमि एसटीएफ कुर्क कर चुकी है और चौथा मुकदमा शहर कोतवाली में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट को गुमराह कर चौपहिया वाहन रिलीज कराने के संबंध में एसटीएफ ने दर्ज कराया था।

आरोपों के अनुसार अरबपति भू-माफिया और गैंगस्टर यशपाल तोमर की जमीनों पर कब्जे के जरिए खड़ा हुआ अकूत संपत्ति का साम्राज्य पश्चिमी यूपी से लेकर उत्तराखंड तक फैला हुआ है। तोमर ने अवैध तरीके से अरबों की जमीनों पर कब्जा किया और इस खेल में खाकी, खादी से लेकर सुरा और सुंदरियों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ। यूपी पुलिस के कुछ इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर तो जांच के लपेटे में आ ही चुके हैं, अब बड़ा दावा किया जा रहा कि उत्तराखंड के कुछ ब्यूरोक्रेट भी यशपाल तोमर के जमीनों के काले समंदर में गोते लगा चुके हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा खुलासा: उत्तराखंड के एक अधिकारी के पास आय से 375 गुना अधिक संपत्ति

नवीन समाचार, देहरादून, 22 अप्रैल 2022। जी हां, विश्वास नहीं करेंगे। पर यह सच है। उत्तराखंड के एक आईएफएस यानी भारतीय वन सेवा के अधिकारी के पास आय से 375 गुना अधिक संपत्ति है। बात राज्य के विवादित आईएफएस अधिकारी किशन चंद की हो रही है। उनके खिलाफ विजिलेंस की जांच में यह खुलासा होने के साथ चार्जशीट तैयार कर ली गई है और न्यायालय में दाखिल करने से पहले फाइल को अनुमति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। जबकि, राज्य सरकार ने अधिकारी पर अभियोग चलाने की अनुमति दे दी है।

IFS किशन चन्द पर मुकदमा चलाने की राज्य सरकार ने दी अनुमतिउल्लेखनीय है कि आईएफएस किशन चंद के खिलाफ विजिलेंस ने वर्ष 2019 में आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में जांच शुरू की थी। अब विजिलेंस यह जांच पूरी कर चुकी है। विजिलेंस ने जांच में उनके पास करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। इनमें से सात करोड़ रुपये की संपत्ति किशन चंद के नाम पर और बाकी अपने परिजनों के नाम पर खरीदी गई गई है। किशनचंद ने अपने बेटे के नाम पर अभिषेक स्टोन क्रशर लगाया है, और पिरान कलियर में पत्नी के नाम से बृज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के साथ ही पत्नी के नाम पर एक ट्रस्ट भी बनाया गया है। अपने नाम संपत्ति खरीदने से किशनचंद ने लोन लिया लेकिन अभी तक नहीं लौटाया है।

किशनचंद ने इस ट्रस्ट में लोगों से बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह धन उन्होंने हरिद्वार के डीएफओ के पद पर रहते हुए जमा कराया है। इस दौरान उन्होंने लैंसडाउन वन प्रभाग में लोगों को नौकरी देने की एवज में उनकी जमीनें अपने अपने नाम कराई थी। इसके साथ ही देहरादून बसंत विहार में 2.40 करोड़ का मकान भी उन्होंने खरीदा है। मकान के लिए 60 लाख का ऋण स्कूल के ट्रस्ट से लिया गया है। पत्नी के खाते से 1.80 करोड़ लिए गए। इस पैसे को एक दिन पहले अलग-अलग लोगों से जमा करवाया गया।

विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि आईएफएस अधिकारी होने के कारण उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक है। इसलिए फाइल को केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग ‘नवीन समाचार’ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर

नवीन समाचार, देेहरादून, 19 अप्रैल 2022। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दुसरे कार्यकाल में पहली बार 22 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया है। देखें स्थानांतरण की पूरी सूची :

शासन के आदेश के अनुसार राज्य के मुख्य सचिव एसएस संधू को वर्तमान दायित्व के साथ मुख्य स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त दायित्व मिला है। राधा रतूडी से अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा वैकल्पिक ऊर्जा, उच्च शिक्षा अध्यक्ष,उत्तराखंड परिवहन निगम और आयुक्त समाज कल्याण विभाग लेकर उन्हें अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, गृह और कारागार के साथ उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे। मनीषा पंवार से अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास, एवं कृषि उत्पादन आयुक्त हटाकर अवस्थापना आयुक्त एवं अध्यक्ष उत्तराखंड परिवहन निगम की जिम्मेदारी दी गई है। आनन्द वर्धन के अपर मुख्य मुख्यमंत्री एवं वन पर्यावरण जलवायु संरक्षण, परिवर्तन परियोजना निदेशक अवस्थापना विकास आयुक्त के दायित्व को बदलकर उन्हें अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास, राजस्व, शहरी विकास, आवास मुख्य प्रसाशक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण और कृषि प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रमेश कुमार सुधांशु को प्रमुख सचिव गृह और कारागार हटा कर आयुक्त समाज कल्याण अतिरिक्त दायित्व मिला है। अभिनव कुमार को विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सूचना ,खेल युवा कल्याण के साथ वर्तमान जिम्मेदारी यथावत रहेंगे। इसके साथ ही आर मीनाक्षी सुंदरम को सचिव मुख्यमंत्री, उर्जा एवं वैकल्पिक उर्जा, वित्त अध्यक्ष उत्तराखंड भवन, कर्मकार कल्याण बोर्ड की जिम्मेदारी मिली है।

सरकार के आदेश के अनुसार शैलेश बगोली से सचिव शहरी बदलकर सचिव कार्मिक, सतर्कता मंत्रिपरिषद, कॄषि, कॄषक कल्याण, उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा नितेश कुमार झा से सचिव तकनीकी शिक्षा बदलकर सचिव ग्रामीण निर्माण और राधिका झा को वर्तमान के साथ साथ सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, शिक्षा की अहम जिम्मेदारी मिली है। अरविंद सिंह ह्यांकी से सचिव कार्मिक औऱ सतर्कता बदलकर सचिव परिवहन का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही सचिन कुर्वे को वर्तमान दायित्व बदलकर सचिव ग्राम्य विकास, खादय नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले सहित अन्य जिमेदारी दी गई है। रविनाथ रमन को सचिव विद्यालयी शिक्षा और वीबीआरसी पुरुषोत्तम को सचिव पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, सहकारिता, महिला डेयरी, सौजन्या को वर्तमान के साथ सचिव लघु, सूक्ष्म उद्योग की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह डॉ पंकज कुमार पाण्डेय से वर्तमान दायित्व को बदलकर सचिव उद्योगिक विकास, खनन और डॉ रंजीत कुमार सिन्हा से सचिव परिवहन पुनर्गठन को हटाकर सचिव आपदा प्रबंधन पुनर्वास,राज्य आपदा सहित अन्य जिम्मेदारी दी गई है। हरीश चन्द्र सेमवाल को वर्तमान के साथ सचिव आबकारी आयुक्त सचिव और चंद्रेश यादव को सचिव पुनर्गठन संस्कृति शिक्षा मिला है। विजय कुमार यादव से सचिव वन पर्यावरण, जलवायु को बदलकर शेष यथावत रहेगा। दीपेंद्र कुमार चौधरी से सचिव प्रभारी खेल, उच्च शिक्षा,युवा कल्याण हटाकर सचिव सैनिक कल्याण और राजस्व की जिम्मेदारी मिली है।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महिला चिकित्सक के इस्तीफा मामले में नया मोड़, सीएम धामी के संज्ञान लेने के बाद राज्य की नौकरशाही में हड़कंप

नौकरशाही:सचिन कुर्वे-आशीष जोशी को कामकाज देने में देरी क्यों? - News Space

नवीन समाचार, देेहरादून, 1 अप्रैल 2022। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज पांडेय की पत्नी से कथित विवाद के बाद दून अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. निधि उनियाल के तबादले के प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही उनका अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में संबद्धीकरण निरस्त कर दिया है। इससे राज्य की नौकरशाही में हड़कंप मच गया है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अखबारों और इंटरनेट मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए महिला चिकित्सक को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किए जाने के आदेश को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधु से मामले की उच्च स्तरीय जांच करने को कहा है। प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव मनीषा पवार से कहा है कि वे इस प्रकरण की तथ्यात्मक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपे।

बताया गया है कि बृहस्पतिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव पंकज कुमार पांडेय की पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर दून अस्पताल प्रशासन ने डॉ. उनियाल से पांडेय के आवास पर जाकर उनकी पत्नी का इलाज करने के लिए कहा था। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए डॉ. उनियाल ने पहले तो पांडेय के घर पर जाने से मना कर दिया, लेकिन बाद में अस्पताल प्रशासन के जोर देने पर वह वहां चली गईं। वहां इलाज के दौरान डॉ. उनियाल और पांडेय की पत्नी में विवाद हो गया, जिसके बाद अधिकारी की पत्नी ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और डॉ. उनियाल नाराज होकर अस्पताल लौट आईं।

इस घटना के कुछ देर बाद डॉ. उनियाल को उनका तबादला अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में किए जाने संबंधी पत्र थमा दिया गया। महिला चिकित्सक ने अपने उच्चाधिकारियों को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ने उनसे अधिकारी की पत्नी से माफी मांगने को कहा था और इससे इनकार करने पर उनका तबादला कर दिया गया। प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ और अन्य संगठनों के महिला चिकित्सक के समर्थन में आगे आने से मामले ने तूल पकड़ लिया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उफ्फ उत्तराखंड में ऐसे हनकबाज नौकरशाह ! उसकी पत्नी की वजह से एक काबिल महिला चिकित्सक को देना पडा इस्तीफा !!

नवीन समाचार, देहरादून, 1 अप्रैल 2022। लगातार चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे उत्तराखंड राज्य में चिकित्सकों पर व्याप्त व्यवस्थागत दबाव एक उच्चाधिकारी की हरकतों से बेपर्दा हो गए हैं। दून मेडिकल कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. निधि उनियाल के स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय की पत्नी से माफी मांगने से इनकार पर स्वास्थ्य सचिव ने उनका तबादला अल्मोड़ा मेडिकल कालेज कर दिया है। इससे नाराज होकर डॉ. निधि ने बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस प्रकार एक नौकारशाह की हनक से राज्य ने एक काबिल चिकित्सक को खो दिया है।

डा. निधि उनियाल ने स्वास्थ्य सचिव को जो इस्तीफा लिखा है उसमें आरोप लगाए गए हैं कि उनसे बृहस्पतिवार सुबह स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय की पत्नी के इलाज के लिए उनके घर जाने को कहा गया था। वह दो चिकित्साकर्मियों के साथ वहां गई तो उन्होंने उनकी सारी जांचें की। ब्लड प्रेशर नापने की मशीन कार में छूट गई थी तो उसके आने में देर लगी। इस पर सचिव की पत्नी ने उन्हें और चिकित्सकों के पेशे को भला-बुरा कहा। उन्होंने आपत्ति की और लौट गईं।

उनके लौटने के बाद उन्हें डा. पांडे की पत्नी से माफी मांगने को कहा गया। डा. पंकज पांडेय की पत्नी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। चूंकि उनकी गलती नहीं थी तो उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इसके बाद शाम को स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज पांडेय ने बिना कारण का उल्लेख किए उनका तबादला सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा कर दिया।

तबादला आदेश में बहाना बनाया गया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस पाठक्रम प्रारम्भ करने के लए मेडिकल कालेज व बेस चिकित्सालय के सुचारू संचालन के लिए डा. निधि उनियाल को राज्यहित व कार्यहित में अग्रिम आदेशों तक सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में सम्बद्ध किया जाता है। उनके वेतन का आहरण सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पद के सापेक्ष किया जाएगा।

डा. निधि उनियाल ने तबादले को स्वास्थ्य सचिव द्वारा किया गया उत्पीड़न बताते हुए दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर जनरल मेडिसिन पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, देहरादून के मेडिकल कालेज और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी भेजी है। अब देखने वाली बात होगी प्रदेश सरकार इस मामले में हनकबाज नौकरशाह के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाती है या राज्य में चिकित्सकों की कमी के बीच एक और चिकित्सक को खोने से परहेज नहीं करती। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चुुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई ऊधमसिंह नगर के एसएसपी को हटाया

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2022। चुनाव आयोग ने रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी यानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर को हटा दिया है। उनकी जगह डीआईजी बरिंदरजीत सिंह को ऊधमसिंह नगर का नया एसएसपी बनाया गया है।

माना जा रहा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद जिला मुख्यालय में गौवंशीय पशु को काटे जाने की घटना होने की गाज एसएसपी पर गिरी है। गौरतलब है कि नए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह पूर्व में भी ऊधमसिंह नगर के एसएसपी रह चुके हैं। जुलाई 2020 में जब उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष से हुई तकरार के तत्काल बाद हटाया गया था, और यही उन्हें हटाए जाने की वजह भी बताई जा रही थी।

इसके अलावा आईएएस अधिकारी हरिश्चंद्र सेमवाल को भी आबकारी आयुक्त व आबकारी सचिव के पद से हटाया गया है। उन्हें हाल ही में यह जिम्मेदारी दी गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धीराज, सविन, रणवीर सहित 7 आईएएस अधिकारियों को नए वर्ष पर बड़ा तोहफा

नवीन समाचार, देहरादून, 24 दिसंबर 2021। नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल, पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल, सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित 2009 बैच के 7 आईएएस अधिकारियों-डॉ. राघव लंगर, सी रविशंकर, ज्योति यादव व युगल किशोर पंत को सरकार नए वर्ष पर प्रोन्नति का बड़ा तोहफा देने जा रही है।

इन अधिकारियों को एक जनवरी 2022 से सलेक्शन ग्रेड 1,23,100-2,15,900 (अपुनरीक्षित वेतनमान 37,400-67,000) सहित ग्रेड पे 8,700 में प्रोन्नत किया जा रहा है। सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी की ओर से इस आशय के आदेश जारी हो गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आईएएस दीपक रावत ने संभाला कुमाऊं कमिश्नर पद का कार्यभार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 दिसंबर 2021। 2007 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक रावत ने बृहस्पतिवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। तत्पश्चात् आयुक्त कार्यालय में मण्डलायुक्त व एटीआई का कार्यभार ग्रहण किया। आयुक्त कार्यालय में पहुंचने पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर आयुक्त प्रकाश चन्द्र, कुमाऊँ मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक नरेन्द्र भण्डारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पिंचा, हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

इस दौरान मण्डलायुक्त श्री रावत ने कहा कि वे नैनीताल एवं बागेश्वर के जिलाधिकारी रहते और प्रदेश के ही निवासी होने के नाते वह कुमाऊं मंडल और यहां की समस्याअेां को बेहतर तरीके से जानते हैं। चुनाव आसन्न हैं, इसलिए विधानसभा चुनाव को पूर्ण पारदर्शिता एवं निश्पक्षता से कराना भी उनकी प्राथमिकता होता। उन्होंने कहा कि कोविड की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जाएँगी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जो क्षति हुई है उन कार्याें को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किये जायेगा।

श्री रावत ने कहा कि जनता के प्रति प्रशासन की जवाबदेही बनी रहे, जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निवारण किया जायेगा। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जो भी विकास योजनाऐं वर्तमान में संचालित है उनको अन्तिम छोर के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जायेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन,सड़क, विद्युत, पेयजल एंव आमजन मानस से जुड़ी जो भी मूलभूत सुविधायें है उन पर प्रशासन की पूरी टीम  प्राथमिका के साथ कार्य करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं आजीविका और रोजगार की ओर विशेष ध्यान दिया जायेगा।इसके उपरांत उन्होंने मुख्यालय में नगर की आराध्य देवी माता नयना के दर्शन कर आर्शीवाद भी प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि दीपक पूर्व में बागेश्वर, नैनीताल एवं हरिद्वार के जिलाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वह पिटकुल व उरेडा के प्रबंध निदेशक के पद पर थे। उन्हें इन पदभार से मुक्त कर कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। कई मौकों पर अचानक छापेमारी करना उनकी पहचान रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग : दीपक रावत होंगे कुमाऊं मंडल के नए आयुक्त

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 दिसंबर 2021। पूर्व में बागेश्वर, नैनीताल एवं हरिद्वार के जिलाधिकारी रहे आईएएस दीपक रावत कुमाऊं मंडल के नए आयुक्त यानी कुमाऊं कमिश्नर होंगे। उनकी नई नियुक्ति के आदेश हालांति मंगलवार की तिथि में जारी हुआ हैं, लेकिन इस पर पेंच फंसा हुआ था। इधर बुधवार सुबह दोपहर करीब 12 बजे उनका स्थानांतरण आदेश सामने आया।

सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी के हस्ताक्षरों से जारी तबादला आदेश के अनुसार उन्हें पिटकुल व उरेडा के प्रबंध निदेशक के पदभार से मुक्त करते हुए कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के निदेश पद पर नियुक्त किया गया है। आदेश प्राप्त होने के बाद श्री रावत ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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