राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती, कुमाऊं की काशी-बागेश्वर

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

तीर्थराज बागेश्वर: पौराणिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक आंदोलनों की साक्षी भूमि डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी  2026 (Bageshwar)। बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र है। नीलेश्वर और भीलेश्वर पर्वतों की उपत्यका में सरयू, गोमती और लुप्त मानी जाने वाली सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर स्थित यह … Read more

🪔🎨🌸कुमाउनी ऐपण: शक, हूण सभ्यताओं के साथ ही तिब्बत, महाराष्ट्र, राजस्थान व बिहार की लोक चित्रकारी की भी मिलती है झलक

Aipan, Even,

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2022 (Kumauni Aipan-Glimpse of Shaka-Hun Civilizations)। लोक कलाएं संबंधित क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ ही उस संस्कृति के उद्भव और विकास की प्रत्यक्षदर्शी भी होती हैं। उनकी विकास यात्रा में आने-जाने वाली अन्य संस्कृतियों के प्रभाव भी उनमें समाहित होती हैं इसलिए वह अपनी … Read more

मुस्लिम युवक ने पहले दूसरे धर्म की नाबालिग को भगाया, जेल से जमानत पर छूटने के 2 माह के भीतर उसका धर्म परिवर्तन कराकर फिर भगाकर कर दिया दुष्कर्म

नवीन समाचार, देहरादून, 18 जुलाई 2024 (Muslim youth kidnapped Minor Hindu girl again)। देहरादून जिले के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक पर पहले दूसरे धर्म की एक नाबालिग को भगाने, और इस मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर बाहर आने के 2 माह के भीतर उसे अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन … Read more

Girl student attacked by another religion youth : छात्रा पर दूसरे संप्रदाय के युवक ने किया हमला, पहले भी 3 बार कर चुका है हमले

Girl student attacked by another religion youth

(Dharm Aastha) ‘उत्तराखंड के भविष्य’ को पढ़ाया जाएगा ‘उत्तराखंड का इतिहास’, भगवान राम के उत्तराखंड से संबंधित स्थानों की भी जानकारी दी जायेगी

Dharm Aastha

भगवान ‘राम की नगरी’ के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’, यहीं हुआ था लव-कुश का जन्म…

Sitavani

कुमाऊं के लोक देवी-देवता

Dharm Astha Hindu

Devi Devta

(Ram Mandir) 22 जनवरी को नैनीताल में मनायी जायेगी ‘दीवाली’, हर घर में जलेंगे दिये और बिजली की लड़ियां

Ram Mandir

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था उत्तराखंड के जागेश्वर व आदि कैलाश-ॐ पर्वत जरूर जायें, जानें सड़क व हेलिकाप्टर से इस यात्रा की पूरी 1-1 जानकारी….

PM Narendra Modi Adi Kailash, Sadak Sangharsh

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 दिसंबर 2023 (Kailash-Aadi Kailash-Om Parvat KMVN-Heli Yatra)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत 12 अक्टूबर 2023 को उत्तराखंड के जागेश्वर व आदि कैलाश की यात्रा के बाद देश भर के श्रद्धालुओं में इन गंतव्यों के प्रति खासा जोश है। इधर आदि कैलाश व ॐ पर्वत के लिए हेलिकाप्टर सेवा भी शुरू की … Read more

परम्परागत तौर पर कैसे मनाई जाती थी दिवाली ? कैसे मनाएं दीपावली कि घर में वास्तव में लक्ष्मी आयें, क्यों भगवान राम की जगह लक्ष्मी-गणेश की होती है पूजा ?

Shubh Deepawali

Diwali Kumaoni

ज्योर्तिलिंग जागेश्वर, यहीं से शुरू हुई थी शिवलिंग की पूजा, यहाँ होती है शिव के बाल व वृद्ध स्वरुप में भी पूजा… पीएम मोदी भी आ चुके

Jageshwar

Jageshwar

कुमाउनी रामलीला का इतिहास: 1830 में कुमाऊं नहीं मुरादाबाद से हुई कुमाउनी रामलीला की शुरुआत

Ramlila

-नृत्य सम्राट उदयशंकर, महामना मदन मोहन मालवीय व भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जैसे लोगों का भी रहा है कुमाउनी रामलीला से जुड़ाव डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में होने वाली कुमाउनी रामलीला की अपनी मौलिकता, कलात्मकता, संगीत एवं राग-रागिनियों में निबद्ध होने के कारण देश भर में अलग पहचान है। … Read more

उत्तराखंड के इस स्थान से एक साथ कर सकते हैं 2-2 कैलाश पर्वतों व ॐ पर्वत के दिव्य दर्शन

Kailash Mansarovar

Kailash Mansarovar Yatra

Nanda Devi Mahotsav : पुष्पवर्षा के बीच मायके से विदा हुईं माता नंदा-सुनंदा…

Nanda Devi Mahotsav

Nanda Devi Mahotsav

Devbhumi-देवभूमि के कण-कण में देवत्व : गुरु पूर्णिमा पर नैनीताल स्थित देश के गिने-चुने मंदिरों में शामिल देवगुरु बृहस्पति के मंदिर में हुई पूजा अर्चना, जानें कहां है यह मंदिर

Devbhumi

Devbhumi : Devidhura, located in Uttarakhand, is known for its unique tradition called Bagwal, where people engage in a stone war for public benefit. This ancient festival involves pelting stones at each other, and the person who bleeds the most is considered lucky as it signifies acceptance by the goddess. Despite its primitive nature, Bagwal has not resulted in any fatalities and is deeply rooted in the history and mythology of the region. Discover the historical significance of Devidhura, the Maa Barahi Devi temple, and the connection to the Mahabharata. Witness the thrilling stone battle and experience the cultural heritage of this fascinating festival.