नैनीताल जनपद के ग्राम कुमाटी स्थित कुमाऊँ मंडल की सबसे लंबी बाखली 50 लाख रुपए से होगी पुर्नजीवित

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2023। नैनीताल जनपद के रामगढ़ विकासखंड के ग्राम कुमाटी में कुमाऊँ मंडल की सबसे लंबी बाखली यानी घरों की सबसे लंबी श्रृंखला है। प्रदेश भर में हो रहे पलायन की मार इस बाखली और यहां रहने वाले लोगों पर भी पड़ी है। इसी समस्या के दृष्टिगत अब इस बाखली को … Read more

नैनीताल के लिए भी गौरवपूर्ण रहा राष्ट्रपति मुर्मू का प्रथम उत्तराखंड आगमन पर स्वागत कार्यक्रम…

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2022। देश की दूसरी महिला एवं पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का पहली बार उत्तराखंड आगमन पर मुख्यमंत्री आवास के भव्य मैदान में आयोजित स्वागत-सिविक रिसेप्सन एवं उत्तराखंड सरकार की नौ परियोजनाओं के शिलान्यास-लोकार्पण का कार्यक्रम में कार्यक्रम नैनीताल के लिए भी गौरवपूर्ण रहा। इस कार्यक्रम में संचालक (मास्टर ऑफ … Read more

उत्तराखण्ड की पत्रकारिता का इतिहास

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल (History of Journalism in Uttarakhand)। आदि-अनादि काल से वैदिक ऋचाओं की जन्मदात्री उर्वरा धरा रही देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का गौरवपूर्ण अतीत रहा है। कहते हैं कि यहीं ऋषि-मुनियों के अंतर्मन में सर्वप्रथम ज्ञानोदय हुआ था। बाद के वर्षों में आर्थिक रूप से पिछड़ने के बावजूद उत्तराखंड बौद्धिक सम्पदा के मामले में हमेशा समृद्ध रहा। शायद यही कारण हो कि आधुनिक दौर के ‘जल्दी में लिखे जाने वाले साहित्य की विधा-पत्रकारिता’ का बीज देश में अंकुरित होने के साथ ही यहां के सुदूर गिरि-गह्वरों तक भी विरोध के स्वरों के रूप में पहुंच गया।

Gumani Pant or Lokratn or Loknath | Biography | Real Name | Poems | गुमानी  पंत व लोकरत्न व लोकनाथ | जीवनी | परिचय | रचनाएँकुमाउनी के आदि कवि गुमानी पंत (जन्म 1790-मृत्यु 1846, रचनाकाल 1810 ईसवी से) ने अंग्रेजों के यहां आने से पूर्व ही 1790 से 1815 तक सत्तासीन रहे महा दमनकारी गोरखों के खिलाफ कुमाउनी के साथ ही हिंदी की खड़ी बोली में कलम चलाकर एक तरह से पत्रकारिता का धर्म निभाना प्रारंभ कर दिया था। इस आधार पर उन्हें अनेक भाषाविदों के द्वारा उनके स्वर्गवास के चार वर्ष बाद उदित हुए ‘आधुनिक हिन्दी के पहले रचनाकार’ भारतेंदु हरिश्चंद्र (जन्म 1850-मृत्यु 1885) से आधी सदी पहले का पहला व आदि हिंदी कवि भी कहा जाता है।

हालांकि समाचार पत्रों का प्रकाशन यहां काफी देर में 1842 में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित ‘द हिल्स’ नामक उत्तरी भारत के पहले समाचार पत्र के साथ शुरू हुआ, लेकिन 1868 में जब भारतेंदु हिंदी में लिखना प्रारंभ कर रहे थे, नैनीताल से ‘समय विनोद’ नामक पहले देशी (हिंदी-उर्दू) पाक्षिक पत्र ने प्रकाशित होकर एक तरह से हिंदी पत्रकारिता का छोर शुरू में ही पकड़ लिया। यह संयोग ही है कि आगे 1953 में उत्तराखंड का पहला हिंदी दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ भी नैनीताल से ही प्रकाशित हुआ।

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स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का लोकपर्व घी-त्यार, घृत संक्रांति, ओलगिया…

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2025 (Ghrit Sankranti)। प्रकृति एवं पर्यावरण से प्रेम व उसके संरक्षण के साथ ही अभावों में भी हर मौके को उत्साहपूर्वक त्योहारों के साथ ऋतु व कृषि पर्वों के साथ मनाना देवभूमि उत्तराखंड की हमेशा से पहचान रही है। यही त्योहारधर्मिता उत्तराखंड के कमोबेश सही लोक … Read more

हर्षोल्लास से मनाई गई बाबा साहेब की जयंती

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अप्रैल 2022। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 131वीं जयंती गुरुवार को देश-प्रदेश के साथ जिला व मंडल मुख्यालय में भी हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर यहां राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने बाबा साहेब की तल्लीताल दर्शन घर पार्क स्थित विशाल … Read more

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नैनीताल: भारी बारिश के बीच कार पर गिरा मलबा, कार कबाड़ में तब्दील…April 1, 2023 हजारों श्रद्धालुओं ने कैंची धाम में दर्शनों से की नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत, बिना पर्व उमड़े 15 हजार श्रद्धालु..April 1, 2023 उत्तराखंड : बहुचर्चित प्रश्न पत्र लीक मामले में 50 हजार रुपए का ईनामी पूर्व भाजपा नेता गिरफ्तारApril 1, … Read more

उत्तराखंड के कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ने के लिए इस बड़ी कोशिश में है सरकार

-इस हेतु प्रयासरत वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कंडी मार्ग बन कर रहेगी, बरसात पूर्व व बाद वन्य जीवों के आवागमन पर राष्ट्रीय वन्य जीव संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है सर्वे, सितंबर तक आ जाएगी सर्वे रिपोर्ट
Roadनैनीताल, 2 जुलाई 2018। उत्तराखंड के कुमाऊं व गढ़वाल मंडलों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार एक बड़ी कोशिश में है। राज्य बनने के 18 वर्ष होने तक भी राज्य के कुमाऊं मंडल वासियों को राज्य की राजधानी जाने के लिए यूपी के रास्ते जाना पड़ता है। जबकि लालढांग-चिलरखाल-कालागढ़-रामनगर के रास्ते पहले से मौजूद पथरीली कंडी रोड को पक्का करने का विकल्प मौजूद है। लेकिन राज्य में कई सरकारें व मुख्यमंत्री आने-जाने के बावजूद इस दिशा में कार्य नहीं हो पाया है। अब राज्य वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत इस हेतु प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। सोमवार को उन्होंने नैनीताल में कहा कि कंडी रोड हर हालत में ‘ग्रीन रोड’ के रूप में बन कर रहेगी, चाहे इसके लिए एनजीटी अथवा सुप्रीम कोर्ट में भी क्यों ना जाना पड़े। बताया कि मार्ग पर वन्य जीवों के आवागमन को देखने के लिए बरसात से पूर्व एक सर्वे करा लिया गया है, आगे बरसात के बाद भी एक और सर्वे कराया जाएगा। उम्मीद है कि इन सर्वे की रिपोर्ट सितंबर माह तक आ जाएगी। इससे तय होगा कि कहां सड़क जमीन पर, जमीन के नीचे या ऊंचाई में बनानी है। बताया कि पहली बार सर्वे में सड़क विभाग के साथ ही राष्ट्रीय वन्य जीव संस्थान को भी साथ में रखा गया है, ताकि बाद में किसी तरह की समस्या न आये। कहा कि सड़क इस तरह बनेगी कि वन्य जीवों का प्राकृतिक आवागमन भी प्रभावित नहीं होगा, और उनकी सुरक्षा भी बनी रहेगी।

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177 साल के नैनीताल में कुमाउनी रेस्टोरेंट की कमी हुई पूरी

-पूरी तरह कुमाउनी थीम पर स्थापित किया गया है 1938 में स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट

-अब यहां लीजिये कुमाउनी थाली के साथ ही पहाड़ी शिकार सहित अनेक पहाड़ी जड़ी-बूटी युक्त व्यंजनों का भी स्वाद

नवीन जोशी, नैनीताल। 1841 में अपनी बसासत से ही अंग्रेजी रंग में रंगी ‘छोटी बिलायत’ भी कहलाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल में अंग्रेजी व्यंजनों के साथ ही चायनीज, तिब्बती, स्पेनिश, इलैलियन सहित अनेक विदेशी व्यंजनों के रेस्टारेंट मौजूद हैं और कई रेस्टारेंट दक्षिण भारतीय, बंगाली तथा गुजराती थालियां भी परोसते हैं, किंतु यदि सैलानी कुमाऊं मंडल के इस मुख्यालय में कुमाउनी व्यंजन खाना चाहें तो उन्हें कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड के पर्यटक आवास गृह में रहना व वहां के रेस्टारेंट में खाना होता है, अथवा टी-स्टॉल तरह के छोटे रेस्टोरेंटों में आलू के गुटके, छोले व रायते जैसे कुछ कुमाउनी व्यंजनों से ही गुजारा करना पड़ता है। लेकिन अब सही मायनों में 177 साल की सरोवरनगरी को एक पूरी तरह कुमाउनी रंग में रंगा व कुमाउनी लजीज व्यंजन परोसने वाला रेस्टोरेंट मिल गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन से जुड़े नगर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता व व्यवसायी रुचिर साह ने 1938 में अपने दादा द्वारा स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट को कुमाउनी रंग में रंग डाला है। 

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देवभूमि के कण-कण में ‘देवत्व’: विश्व हिंदी सम्मेलन के संयोजक व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार डा. अशोक ओझा के हाथों हुआ विमोचन

नैनीताल। अमेरिका में हिंदी के जरिये रोजगार के अवसर विषयक कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदी सम्मेलन के संयोजक, अमेरिकी सरकार समर्थित स्टारटॉक हिंदी कार्यक्रम के निदेशक व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार डा. अशोक ओझा, उत्तराखंड मुक्त विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के निदेशक डा. गोविंद सिंह, कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी, कला संकायाध्यक्ष प्रो. … Read more