गौरवशाली क्षण ! गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तराखंड की झांकी को मिला देश में प्रथम स्थान

नवीन समाचार, देहरादून, 30 जनवरी 2023। पहली बार राजपथ की जगह बदले नाम ‘कर्तव्य पथ’ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित हुई पहली परेड में उत्तराखंड की झांकी ‘मानसखंड’ को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसके साथ इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया। यह भी पढ़ें : दुःखद ब्रेकिंग: नैनीताल … Read more

नैनीताल में शीतकाल में ऋतुराज बसंत की दस्तक….

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2023। प्रकृति के स्वर्ग सरोवरनगरी नैनीताल में प्रकृति अपनी हर नेमत दिल खोलकर लुटाती है। इन दिनों जहां एक ओर नगर में शीत ऋतु के साथ पतझड़ का दौर चल रहा है, वहीं अगले माह बसंत पंचमी पर आने वाले ऋतुराज बसंत ने भी दस्तक दे दी है। नगर के … Read more

यूपी में उत्तराखंड के लाखों रुपये में भ्रष्टाचार का आरोप, CM धामी से की गई शिकायत…

-बरेली में आयोजित होने वाले उत्तरायणी मेले की आयोजक संस्था के प्रति उत्तराखंड के सीएम को सचेत किया नवीन समाचार, बरेली, 12 नवंबर 2022। उत्तर प्रदेश के बरेली में संभवतया उत्तराखंड से बाहर होने वाले सबसे पुराने उत्तराखंड के त्योहार उत्तरायणी पर आयोजित होने वाले सबसे पुराने उत्तरायणी मेले में भ्रष्टाचार के मामले का जिन्न … Read more

बिग ब्रेकिंग : नैनीताल-हल्द्वानी रोड पर चटका पहाड़, नैनीताल आ रही स्कूटी आई चपेट में, यातायात अवरुद्ध

Screenshot 20221012 101154डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2022। पिछले चार दिनों हुई लगातार बारिश के बाद पहाड़ धूप आने के बाद चटकने लगे हैं। बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर दोगांव से पहले भेड़िया पखांड़ के पास अक्सर भूस्खलन की जद में आने वाली चट्टान का बड़ा हिस्सा सड़क पर गिर गया। एक कार संख्याUK04AH-0806 इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बची, जबकि एक स्कूटी संख्या UK04Y-7102 इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई।

स्कूटी सवार नैनीताल में मॉल रोड स्थित पर्यटन कार्यालय में कार्यरत पीआरडी जवान हरबोला को इस दौरान कमर व पैर आदि में चोटेंआयीं। सुबह का समय होने के कारण हल्द्वानी-नैनीताल तथा पहाड़ों की ओर आने-जाने वाले कर्मचारी व पुलिस के जवान आदि इस दौरान मौके पर काफी देर फंस गए। बाद में हिम्मत दिखाकर कुछ लोगों ने खुद ही पत्थर उठाकर दोपहिया वाहनों के लिए मार्ग खोला। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी लेकर जेसीबी को मौके पर भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक जेसीबी से मार्ग को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी हुई हैँ। रानीबाग एवं भवाली से वाहनों को भीमताल के रास्ते डायवर्ट किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रामगढ़-आलूखेत के लोगों को 9-10 अक्टूबर को फिर याद आया पिछले वर्ष का 18 अक्टूबर

-बारिश से कई परिवार भूस्खलन होने से घर छोड़ने को हुए मजबूर
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्तूबर 2022। पिछले चार दिनों में लगातार हुई तेज वर्षा से हुए नुकसान की खबरें दूरस्थ क्षेत्रों से देर से आ रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष दैवीय आपदा की बुरी मार झेल चुके जनपद के रामगढ़ विकास खंड क्षेत्र में पुनः इस दौरान भारी तबाही हुई है। क्षेत्र के आस्था के केंद्र नवग्रह शनि मंदिर के पास के नाले में भारी मात्रा में मलबा आने से रामगढ़-कैंची मोटरमार्ग में बड़ा गड्ढा हो गया एवं मार्ग अवरुद्ध हो गया। बताया गया है कि पिछले वर्ष भी 18 अक्टूबर को इसी स्थान पर कई घर बरबाद हो गए थे। इस बार भी किशोर टैंट हाउस के स्वामी का घर भूस्खलन की जद में आ गया और उन्हें घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।

इनके अलावा ग्राम सभा झूतिया में ललित मोहन आर्य के मकान के आगे की दीवार टूट जाने से उन्हें भी घर छोड़ना पड़ा है। बताया गया है कि करीब 6 माह पूर्व भी सरकारी विभाग ने एक ठेकेदार के जरिए लाखों रुपए खर्च कर इस दीवार का निर्माण किया था। बारिश की वजह से गांव में सब्जी, दालों, पशु चारे की फसलें भी बरबाद हो गई हैं। ग्राम प्रधान सुरेश मेर व सदस्य कृष्णानंद शास्त्री ने मंगलवार को आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना और प्रशासन से जांच कर आपदा प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।

आलूखेत में हुआ भूस्खलन, चार दर्जन लोगों पर छत खोने का खतरा

नैनीताल। नैनीताल नगर के आधार बलियानाला के दूसरी ओर स्थित आलूखेत क्षेत्र में बीते चार दिनों से हुई तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे कुछ घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया और इनमें रहने वाले चार परिवारों के लगभग 4 दर्जन लोगों पर छत खोने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से भूस्खलन के कारण असुरक्षित हुए घरों में रहने वाले लोगों को उनके घरों से हटाकर अस्थायी तौर पर अन्यत्र पुर्नवासित कर दिया है। इधर मंगलवार को विधायक सरिता आर्य ने भी क्षेत्र का भ्रमण किया एवं डीएम, मंडलायुक्त तथा मुख्यमंत्री आदि से बात कर ग्रामीणों की समस्या के स्थायी समाधान करने की प्रार्थना की।

बताया गया है कि नगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित आलूखेत क्षेत्र में रविवार रात बड़ा भूस्खलन हुआ। गौरतलब है कि आलूखेत चूंकि बलियानाला के दूसरी ओर है इसलिए यहां होने वाले भूस्खलन बलियानाला के इस ओर स्थित नैनीताल नगर के लिए भी खतरे की घंटी बजाने वाले माने जाते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : UPDATE : नैनीताल जनपद में पिछले 67 घंटों से लगातार जारी है वर्षा, एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 42 मार्ग हैं बंद, जानें कौन से, और नदियों में कितना बढ़ा है पानी…?

जिले में भारी बारिश, नैनीताल- कालाढूंगी मार्ग बंद हुआ - Haldwani Live

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्तूबर 2022। बीते 67 घंटों से लगातार जारी वर्षा के दौरान नैनीताल में 103, हल्द्वानी मे 95, कोश्या कुटौली में 122, धारी में 75, बेतालघाट में 84, रामनगर में 19 व कालाढुंगी में 69 तथा मुक्तेश्वर में 103 मिमी और पूरे जनपद में औसत तौर पर 81 मिमी बारिश हुई है। इससे मुख्यालय सहित कई इलाकों में विद्युत व पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। साथ ही नैनीताल जनपद में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, 5 राज्य मार्ग, 3 मुख्य जिला मार्ग तथा 33 ग्रामीण मार्गों सहित कुल 42 मार्ग बंद हो गए हैं।

बंद मार्गों में ज्योलीकोट-खैरना-क्वारब राष्ट्रीय राजमार्ग सहित रामनगर-तल्ली सेठी, धानाचूली-ओखलकांडा-खनस्यू, कसियालेख-धारी, गर्जिया-बेतालघाट, काठगोदाम-सिमलियाबैंड, अमृतपुर-बानना-बबियाड़, सैनिटोरियम-सिरोड़, लक्ष्मीखान-प्यूड़ा-क्वारब, कुकरागाड़-डालकन्या, अमृतपुर-जमरानी, रामनगर-भंडारपानी-बेतालघाट, रामनगर-भंडारपानी-रीची, गर्जिया-बेतालघाट-ओड़ाखान, भुजान-बेतालघाट, च्यूड़ी-धूरा-स्यालकोट, चड़िया-च्यूड़ी, तल्ला रामगढ़-हली हरतपा, बिचखाली-पातली, खूपा-जमरानी, झूतिया-टांडा, बतोला-जोशीखोला, तल्ली पाली-मल्ली पाली, नोना ब्यासी, गढ़खेत-पानकटारा, जिनौली-तंडी-सकदीना, बसगांव-तवाखेत, कसियालेख-सूपी, बेतालघाट-घंगरेटी, देवीपुरा-सौड़, शहीद बलवंत भुजान बेतालघाट, बेतालघाट-ओखलढुंगा, धनियाकोट-भुजान, लोहाली, बानना, कौन्ता-हरीशताल, छीड़ाखान-मिडार मार्ग, लोहाली, नलेना-चोपड़ा, बजून-अस्कू, हरतपा-हली, भुजियाघाट-सूर्यागांव, तल्लाकोट-सीम, तुषराड़, डालकन्या-गौन्यारो, खुजेटी-पतलिया, वलना, जोस्यूड़ा मोटर मार्ग शामिल हैं।

इसके अलावा थाना भवाली क्षेत्र अंतर्गत भवाली-अल्मोड़ा मार्ग भी क्वारब चौकी के पास पत्थर आने के कारण बंद हो गया था जिसे जेसीबी के माध्यम से खुलवा दिया गया, लेकिन इस मार्ग पर खैरना से 100 मीटर आगे भौर्या बैंड के पास चट्टान से पत्थर, बोल्डर गिरते रहे। उधर, बारिश से जनपद की नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है। गौला नदी का जल स्तर 17064, कोसी का 12983 व नंधौर का 4635 क्यूसेक हो गया है। अलबत्ता, अब तक जान-माल के किसी नुकसान का समाचार नहीं है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बारिश तो थमी पर 25 सड़कों को बंद कर गई, अल्मोड़ा रोड सुबह बंद होने के बाद खुली, जानें सड़कों की अपडेट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 सितंबर 2022। शनिवार रात्रि से हुई बारिश मानसून की विदाई का इशारा करने के साथ थम गई है, अलबत्ता नैनीताल जनपद की 25 सड़कों को बंद कर गई है। भवाली से अल्मोड़ा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सोमवार सुबह खैरना से आगे भौर्या बैंड के पास पहाड़ से बोल्डर गिरने की वजह से बंद हो गया था, जिसे अब खोल दिया गया है। इसके बाद यहां वाहन धीरे-धीरे गुजर रहे हैं।

इसके अलावा जनपद में रामनगर-तल्ली सेठी-बेतालघाट, फतेहपुर-पीपलछड़ा-अड़िया, मोरनौला-भीड़ापानी-पतलोट, रामनगर-भंडारपानी, बिचखाली-पातली, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता-ककोड़-हरीश ताल, चमोली-बड़ौन, सुनकोट-महतोली, वलना-बलना, खुजेठी-पतलिया-जोस्यूड़ा, खुजेठी-पतलिया, काठगोदाम-सिमलिया-हैड़ाखान, न्योना विनायक-रिखोली, सूखा, हल्ली-हरतपा, नौना-ब्यासी, बानना, बजून-अधौड़ा, भौर्सा-पिनरौ, बेलबसानी, कोटाबाग-देवीपुरा व देवीपुरा-सौड़ मोटरमार्ग बंद हैं।https://fb.watch/fMZ4M0XdEb/

इधर जिला मुख्यालय में सुबह कई दिनों के बाद धूप खिलने के बाद आसमान में बादल भी आ-जाकर धूप-छांव का खेल खेल रहे हैं। बीते 24 घंटों में यहां 14.5, जबकि हल्द्वानी में 37, कोश्या-कुटौली में 24, रामनगर में 15 व मुक्तेश्वर में 11.6 मिमी वर्षा हुई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : इधर 24 घंटों में आधा फिट बढ़ा झील का जल स्तर, उधर बही कार… कई सड़कें भी बंद…

jagranडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2022। पहाड़ों पर बीती रात से हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पूरी रात लगातार हुई बारिश से नैनी झील के जल स्तर में बीते 24 घंटों में 6 इंच यानी आधे फिट की बढ़ोत्तरी हुई है, अलबत्ता झील का जल स्तर सितंबर माह के लिए अनुमन्य सीमा से अभी भी 2 फिट 2 इंच कम है। इधर बारिश से जनपद के आधा दर्जन मार्ग, रामनगर-भंडारपानी, बिचखाली-पातली, अमृतपुर-जमरानी, कौंता-कंकोड-हरीश ताल, चमोली-बड़ोन, काठगोदाम-सिमलिया व मलबा आ जाने से यातायात हेतु अवरुद्ध हो गए है। इधर, मुख्यालय के निकट नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर हनुमानगढ़ी के पास भी सड़क पर मलबा आने से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। देखें नैनीताल में रविवार सुबह हो रही बारिश का नजारा:

मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में नैनीताल के स्नोव्यू में 53 मिमी बारिश हुई है। झील नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के बार नैनी झील का जल स्तर अंग्रेजी दौर से चल रही व्यवस्था व तय पैमाने पर कल इसी समय के 9 फिट साढे़ चार इंच से बढ़कर 9 फिट 10 इंच हो गया है। अलबत्ता, जिस तरह नालों से लगातार पानी झील में जा रहा है, इससे शाम तक झील का जल स्तर 10 फिट के स्तर को पार करने की पूरी उम्मीद है। नगर में इस वर्ष अब तक 1364 मिमी वर्षा ही हुई है, जो नगर की औसत 2500 मिमी के आधी से कुछ ही अधिक है।

उधर रामनगर के क्यारी गांव स्थित आइरिश रिसॉर्ट में रुके दिल्ली के चार पर्यटकों की कार संख्या DL9CAX0532 रविवार सुबह चम्बल नाले में बह गई। बताया गया है कि इनमें से दो पर्यटक कार से रामनगर आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी कार जोखिम लेते हुए चम्बल नाले में उतार दी। इस दौरान उनकी कार नाले के पानी में बहने लगी। गनीमत रही कि दोनों ने कार से कूदकर अपनी जान बचा ली, जबकि कार नाले में बहती चली गई। लोग किंकर्तव्यविमूढ़ से बहती हुई कार को देखते रह गए। अलबत्ता काफी देर बाद ग्रामीणों ने तीन ट्रैक्टरों की मदद से कार को नाले से बाहर निकाल दिया, इसके बाद पर्यटक वापस लौट गए। देखें विडियो :

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यह भी पढ़ें : बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक महिला जिंदा दफ्न, कई सड़कें बंद..

नवीन समाचार, देहरादून, 22 सितंबर 2022। प्रदेश में मानसून की विदाई का संकेत देने के साथ मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की संभावना के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच बुधवार रात हुई बारिश से उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड में ग्राम कुमराडा के मुंडरा थोला तोक में एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने से 75 वर्षीय वृद्धा भडडू देवी पत्नी जुरूलाल की मलबे में दबने से मौत हो गई।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार कुछ इलाकों में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई थी। देर शाम गंगोत्री हाईवे हेल्गूगाड़ के पास और यमुनोत्री हाईवे भी रानाचट्टी में और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग फाटा के समीप तरसाली में भारी मलबा आने से बाधित हो गया है। प्रशासन और पुलिस द्वारा केदारनाथ यात्रा के यात्रियों को नजदीकी स्थानों पर रूकने के लिए कहा जा रहा है।

इधर नैनीताल जनपद में भी नथुवाखान-हरतोला-जौरासी, चोपड़ा-चमगांव पुल, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता-ककोड़-हरीशताल तथा कांडा-डोनपरेवा-अमगड़ी मार्ग बंद हो गए हैं। उधर, मौसम विभाग ने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के नैनीताल और चम्पावत जिले में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें होने की संभावना है। जबकि मैदानी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। 24 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश में कमी आएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में बारिश का सिलसिला जारी, 19 मार्ग बंद, एक की मौत भी…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2022। नैनीताल जनपद में मानसून बरसात के माह माने जाने वाले श्रावण माह के सूखे जाने के बाद भाद्रपद माह में जमकर बरस रहा है। यहां तक कि मौसम विभाग की चेतावनी के निपटने के बाद भी जनपद में बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार शाम 4 बजे तक के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में जनपद के मुख्यालय नैनीताल में 28, हल्द्वानी में 60, कालाढुंगी में सर्वाधिक 65, कोश्यां कुटौली में 12, धारी में 3, बेतालघाट में 10, रामनगर में 15 व मुक्तेश्वर में 12.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। देखें सम्बंधित वीडियो :

इस बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन होने से जनपद के 19 मार्ग, अमजड़-मिडार, कांडा डोमास-फफरिया, मल्ला सूपी, जीलोली तड़ी-सकदीना, गड़खेत-पानकटारा, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता ककोड़-हरीश ताल, छीड़खान-अमजड़, सुनकोट, बलना-वलना, खुजेटी-जोस्यूरा, खुजेटी-पतलिया, भौर्सा-पिनरो, बेल-बसानी व फतेहपुर-बेल मोटर मार्ग बद हो गए हैं। बारिश की वजह से जनपद में आज जनपद के बेल-बसानी मार्ग पर बसानी नाले में बहने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं 2 घर अत्यधिक एवं 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के लिए एक सड़क मार्ग हुआ बंद…

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितम्बर 2022। नैनीताल जिले में मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के निरस्त होने के बाद बीती रात से लगातार बरसात जारी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कालाढूंगी से घटगड़ के बीच मलबा आने से नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग अवरूद्ध हो गया है। इसके अलावा मंगोली से कालाढूंगी के बीच भी मार्ग में भी भारी वर्षा होने से मलबा आ गया है। देखें सम्बंधित वीडियो :

इस कारण कालाढूंगी-नैनीताल मोटर मार्ग को वाहनों के आवागमन की लिए बंद कर दिया गया है। नैनीताल पुलिस की ओर से जनता से अनुरोध किया गया है कि सावधानी बरतें तथा अनावश्यक यात्रा करने से बचें। किसी भी आपातकालीन सूचना हेतु नैनीताल पुलिस के जिला नियंत्रण केंद्र के नंबर 9411112979 या 112 पर संपर्क कर सकते हैँ।

उल्लेखनीय है कि आज भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंची धाम से आगे पाडली नाम के स्थान पर एक अन्य गाड़ी पर भी बोल्डर गिरने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि खैरना चौकी प्रभारी दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो यहाँ का नहीं वरन चम्पावत के पास चलथी का है(डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गौला नदी में जलती चिता से बहे तीन में से दो शव मिले, दुबारा किया गया अंतिम संस्कार

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 30 अगस्त 2022। गत 28 अगस्त की शाम चित्रशिला घाट रानीबाग में अंतिम संस्कार के दौरान गौला नदी अचानक पानी बढ़ जाने से अंतिम संस्कार किए जा रहे तीन अधजले शव चिता सहित गौला नदी में बह गए थे। इस बेहद दुःखद स्थिति के बाद पुलिस ने तीन में से दो शव बरामद कर लिए हैं। जबकि तीसरे शव की तलाश जारी है। बरामद किए गए दोनों शवों के दुबारा अंतिम संस्कार भी कर दिए गए हैं।

देखें विडियो :

बताया गया है कि तीन शवों में एक शव तल्ला गेठिया निवासी प्रताप राम का, दूसरा शव विजयपुर गौलापार निवासी लीलाधर और तीसरा शव रावड़ी आनसिंह कठघरिया निवासी गोविंद सिंह रौतेला का था। इधर गौला नदी में पानी घटने के बाद कुछ लोगों ने हल्द्वानी के राजपुरा के पास नदी में तैरती लाशें देखीं तो पुलिस को सूचना दी। इस पर आरक्षी ललित कुमार और सुरेश देवड़ी तथा पुलिस के तैराक मनोज ने मौके पर पहुंच कर प्रताप राम और लीलाधर के शव बाहर निकाल लिए।

पुलिस ने बताया कि प्रताप राम का शव करीब पांच प्रतिशत और लीलाधर का शव करीब बीस प्रतिशत जला हुआ था। जबकि करीब 80 फीसदी जल चुके गोविंद सिंह रौतेला के शव की तलाश की जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में भारी बारिश से रानीबाग में अंतिम संस्कार के लिए लाये गए 3 शव बहे, 3 सड़कें भी हुईं बंद

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 28 अगस्त 2022। नैनीताल जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में रविवार को दोपहर से भारी बारिश हुई। इससे नदियों का जल स्तर बढ़ गया। जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी भारी बारिश की वजह से तय समय से तीन घंटे बाद पहुंच पाए। वहीं खबरों के अनुसार गौला नदी का जल स्तर बढ़ने से रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गेठिया, गौलापार और कठघरिया क्षेत्र से अंतिम संस्कार के लिए लाये गए तीन शव बह गए।

गौला नदी का जल स्तर बढ़ने से काठगोदाम स्थित गौला बैराज से 14000 क्यूसेक से अधिक पानी नदी में छोड़ना पड़ा। भारी बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन भी हुए। इस कारण जनपद में तीन सड़कें-अमृतपुर जमरानी, कौंता-ककोड़ व तल्ली पाली-मल्ली पाली सूखा मलबा आने से बंद हो गये। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मुनस्यारी के लिये NDRF अलर्ट पर, सीएम ने ट्वीट किया, कैलाश यात्री तीसरे दिन भी फंसे

पिथौरागढ़-मुनस्यारी क्षेत्र में रविवार रात्रि व सोमवार सुबह बादल फटने जैसी घटना के बाद एसडीआरएफ जहां मौके पर बचाव व राहत कार्यों में जुटी है, वहीं एनडीआरएफ को भी अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवे दल के 31सदस्य तीसरे दिन भी पिथौरागढ़ में फंसे हुए है, जबकि 29 सदस्य 2 दिन पहले ही सेना के हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुँच गए हैं।

1500 भारतीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भारी बारिश से नेपाल में भी फंसे

नेपाल में भारी बारिश की वजह से कैलाश मानसरोवर जा रहे 1575 भारतीय तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। इनमें से 525 तीर्थयात्री नेपाल के सिमीकोट, 550 लोग हिलसा और 500 लोग तिब्बत की तरफ रुके हुए हैं। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने फंसे तीर्थयात्रियों कोमेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कहा है। भारतीय अफसरों ने सभी टूर ऑपरेटरों से कहा  कि तिब्बत की तरफ फंसे हुए लोगों तक भी जरूरी सेवाएं पहुंचाई जाएं। विदेश मंत्रालय ने हॉटलाइन नंबर भी जारी किए: +977-9851107006, +977-9851155007, +977-9851107021, +977-9818832398। कन्नड़भाषियों के लिए +977-9823672371, तेलुगु के लिए +977-9808082292, तमिल के लिए +977-9808500642 और मलयालम के लिए +977-9808500644।

इस वर्ष सामान्य से अधिक हो सकती है मानसूनी वर्षा

जी हां, इस वर्ष उत्तराखंड में मानसूनी वर्षा सामान्य से अधिक हो सकती है। मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने ऐसी संभावना जताई है। यह खबर कृषि, बागवानी, मौसम, पर्यावरण, जैव विविधता व जल विद्युत परियोजनाओं सहित अनेकानेक आयामों के लिये तो अच्छी है, पर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रवासियों को जान-माल के नुकसान के साथ इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसलिए खासकर जान बचाने के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें : भारी पड़ी पहली मानसूनी बारिश, पिथौरागढ़ में 3 को छुट्टी घोषित, एक महिला की मौत की मलबे में दबकर मौत

मुनस्यारी में बादल फटा, संपर्क कटा, नैनीताल बाईपास सहित 15 सड़कें बंद

Tag: गौला नदी के तेज बहाव में फंसा गजराज - Uttarakhand City Newsनैनीताल। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश कड़े झटके के साथ आई है। यहां पहली मानसूनी बारिश ही पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, बंगापानी और धारचूला तहसीलों में बादल फटने की घटना के साथ नमूदार हुई है। भारी बारिश की वजह से मुन्स्यारी में सोमवार को कुमाऊं विवि की परीक्षाएं कम परीक्षार्थियों के पहुंच पाने के बाद रद्द करनी पड़ी, वहीं डीएम सी रविशंकर ने मौसम विभाग की अगले 24 घंटों में तेज बारिश की चेतावनी पर इन तीन तहसीलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए है। भारी बारिश से मुन्स्यारी के गैला में एक महिला की भी मौत हो गई है। मुनस्यारी बाजार एसडीएम कार्यालय सहित पूरी तरह से पत्थरों से पट गया है, तथा मुन्स्यारी के दानी बगड़-सेराघाट में हिमालया हाइड्रो का बांध भी टूट गया है। बारिश की वजह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवे दल के सदस्य भी अलग हो गए हैं। 59 में से 28 यात्री हेलीकाप्टर से गुंजी पहुँच गए हैं, जबकि शेष 31 पिथौरागढ़ में ही अटक गए हैं। अब वे मौसम साफ़ होने के बाद ही आगे जा सकते हैं। बारिश कुमाऊँ मंडल के मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में लगातार जारी है। थल-मुनस्यारी रोड पर नाचनी से आगे 30 मीटर सड़क रामगंगा नदी में समा गई है।

मुनस्यारी में बादल फटने के दौरान का नजारा

भारी बारिश से कई सड़कों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के साथ ही भारी तबाही हुई है। दानी बगड़ में हिमालया हाइड्रो का बांध टूटने से सड़क सहित तीन से चार वाहन बह गए हैं। मुन्स्यारी मेू दो मकानों की दीवार भी ढह गई है। कई लोगों ने रविवार की पूरी रात जागकर काटी। वही बंगापानी तहसील क्षेत्र में हुई तेज बारिश से गोरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र की मंदाकिनी, सेरा और गोरी आदि नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशाने के करीब आ गया है। बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के बाद भूस्खलन से अवरुद्ध है। वहीं, बद्रीनाथ हाईवे भी लामबगड़ के पास अवरुद्ध हो गया।
इधर नैनीताल जिले में मानसून के आगमन साथ रविवार रात्रि मुख्यालय सहित आसपास के पहाड़ों पर अच्छी बारिश हुई, जिसे जिले की 15 सड़कें नहीं झेल पायीं, और बंद हो गयीं। खासकर मुख्यालय का अभी हाल ही में बना रूसी बाइपास भी बंद हो गया, तथा बेतालघाट के भुजान से एक मार्ग को छोड़कर दोनों ओर के चार में से तीन मार्ग बंद हो गये।
जिला आपदा कक्ष के अनुसार सोमवार सुबह 9 बजे तक जनपद में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा मुख्यालय में स्नोव्यू स्थित केंद्र पर रिकार्ड की गयी। जबकि हल्द्वानी-काठगोदाम में 112 मिमी, कोश्यां कुटौली में 30, धारी में 27.5, बेतालघाट में 40, रामनगर में 40.6, कालाढुंगी में 97 व मुक्तेश्वर में 16.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। बारिश की वजह से जनपद के प्रमुख जिला मार्ग भुजान बेतालघाट व गर्जिया-बेतालघाट के साथ ही बेतालघाट को जोड़ने वाले शहीद बलवंत सिंह मार्ग, रिखौली मोटर मार्ग, ओखलढूंगा तल्ली सेठी, छड़ा अमिया, रूसी बाईपास, सिमलिया बैंड साननी, हैड़ाखान पहुंच मार्ग, भौर्सा पिनरौ, देवीपुरा सौड़, बानना, अमेल खाला, नौकुचियाताल जंगलियागाव तथा हरिनगर चंदादेवी ग्रामीण मार्ग भी बंद हो गये। मुख्यालय के ओक लॉज में भगवती निवास के समीप पैदल मार्ग के नीचे की दीवार बारिश के दौरान ढह गयी। इससे मार्ग के गिरने का खतरा पैदा हो गया। साथ ही एडीबी द्वारा बीते वर्ष डाली गयी पेयजल लाइन भी खतरे में आ गयी।

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उत्तराखण्ड की पत्रकारिता का इतिहास

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल (History of Journalism in Uttarakhand)। आदि-अनादि काल से वैदिक ऋचाओं की जन्मदात्री उर्वरा धरा रही देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का गौरवपूर्ण अतीत रहा है। कहते हैं कि यहीं ऋषि-मुनियों के अंतर्मन में सर्वप्रथम ज्ञानोदय हुआ था। बाद के वर्षों में आर्थिक रूप से पिछड़ने के बावजूद उत्तराखंड बौद्धिक सम्पदा के मामले में हमेशा समृद्ध रहा। शायद यही कारण हो कि आधुनिक दौर के ‘जल्दी में लिखे जाने वाले साहित्य की विधा-पत्रकारिता’ का बीज देश में अंकुरित होने के साथ ही यहां के सुदूर गिरि-गह्वरों तक भी विरोध के स्वरों के रूप में पहुंच गया।

Gumani Pant or Lokratn or Loknath | Biography | Real Name | Poems | गुमानी  पंत व लोकरत्न व लोकनाथ | जीवनी | परिचय | रचनाएँकुमाउनी के आदि कवि गुमानी पंत (जन्म 1790-मृत्यु 1846, रचनाकाल 1810 ईसवी से) ने अंग्रेजों के यहां आने से पूर्व ही 1790 से 1815 तक सत्तासीन रहे महा दमनकारी गोरखों के खिलाफ कुमाउनी के साथ ही हिंदी की खड़ी बोली में कलम चलाकर एक तरह से पत्रकारिता का धर्म निभाना प्रारंभ कर दिया था। इस आधार पर उन्हें अनेक भाषाविदों के द्वारा उनके स्वर्गवास के चार वर्ष बाद उदित हुए ‘आधुनिक हिन्दी के पहले रचनाकार’ भारतेंदु हरिश्चंद्र (जन्म 1850-मृत्यु 1885) से आधी सदी पहले का पहला व आदि हिंदी कवि भी कहा जाता है।

हालांकि समाचार पत्रों का प्रकाशन यहां काफी देर में 1842 में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित ‘द हिल्स’ नामक उत्तरी भारत के पहले समाचार पत्र के साथ शुरू हुआ, लेकिन 1868 में जब भारतेंदु हिंदी में लिखना प्रारंभ कर रहे थे, नैनीताल से ‘समय विनोद’ नामक पहले देशी (हिंदी-उर्दू) पाक्षिक पत्र ने प्रकाशित होकर एक तरह से हिंदी पत्रकारिता का छोर शुरू में ही पकड़ लिया। यह संयोग ही है कि आगे 1953 में उत्तराखंड का पहला हिंदी दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ भी नैनीताल से ही प्रकाशित हुआ।

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उत्तराखंड में राजस्थान के मंत्री के घर व फ्लोर मिल पर आईटी का छापा

नवीन समाचार, किच्छा, 7 सितंबर 2022। राजस्थान की गहलोत सरकार में उच्च शिक्षा व गृह राज्यमंत्री और कोटपुतली से विधायक राजेंद्र सिंह यादव के राजस्थान के साथ उत्तराखंड के किच्छा स्थित घर और फ्लोर मिल पर आयकर विभाग का छापा पड़ा है। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे आयकर विभाग की टीम चार-पांच वाहनों से … Read more

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का लोकपर्व घी-त्यार, घृत संक्रांति, ओलगिया…

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2025 (Ghrit Sankranti)। प्रकृति एवं पर्यावरण से प्रेम व उसके संरक्षण के साथ ही अभावों में भी हर मौके को उत्साहपूर्वक त्योहारों के साथ ऋतु व कृषि पर्वों के साथ मनाना देवभूमि उत्तराखंड की हमेशा से पहचान रही है। यही त्योहारधर्मिता उत्तराखंड के कमोबेश सही लोक … Read more

नैनीताल में ऐसे मनाया गया था 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस, जिम कार्बेट सहित यह 67 लोग थे खास..

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नैनीताल को ‘कमजोर’ नगर बताना कितना सही ?

  डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अगस्त 2022। (श्री नंदा स्मारिका 2015 में प्रकाशित पूर्व आलेख के आधार पर) भूगर्भीय नहीं भूकंपीय दृष्टिकोण से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के साथ जोन-चार में रखे गए नैनीताल नगर की भूगर्भीय व भूसतहीय कमजोरी के बात खूब बढ़-चढ़ कर कही जाती है। राष्ट्रीय चैनल नगर … Read more

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय किच्छा के अतिरिक्त कहीं स्थापित किया तो होगी हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की अवमानना

प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय - Latest Current Affairs for  Competitive Examsडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2022। अधिवक्ता डॉ. भूपाल भाकुनी ने मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शुरू करने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को प्राग फार्म किच्छा से इतर कहीं स्थापित करना उच्चतम न्यायालय तथा माननीय उच्च न्यायालय दोनों की अवमानना होगी। साथ ही याद दिलाया कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय में आज भी विशेष अनुमति याचिका विचाराधीन है।

Bhupal Bhakuni
डा. भूपाल सिंह भाकुनी

शुरू से नैनीताल में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संघर्षरत डॉ. भाकुनी ने बताया कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय उत्तराखंड को उच्च न्यायालय के नजदीक तहसील किच्छा के निकट प्राग फॉर्म में स्थापित करने का आदेश जारी किया था, तथा इसके लिए सरकार द्वारा जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर के माध्यम से 25 एकड़ भूमि प्राग फॉर्म में आवंटित की गई थी जो आज भी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय उत्तराखंड के नाम पर दर्ज है।

किंतु तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने निजी स्वार्थों के तहत इसे अपने विधानसभा क्षेत्र डोईवाला स्थित रानी धारा में स्थापित करने का प्रयास किया। इस पर उन्होंने 2018 में उच्च न्यायालय में दो अवमानना याचिका दायर कीं। इसे 6 जनवरी 2022 को उच्च न्यायालय ने इस स्वतंत्रता के साथ निस्तारित कर दिया कि यदि याचिकाकर्ता चाहे तो कभी भी अवमानना याचिका पुनः दाखिल कर सकता है।

इस बीच न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए 3 मार्च 2019 को गुपचुप तरीके से रानीधारा डोईवाला में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का उद्घाटन भी कर दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय में आज भी इस बारे में एक विशेष अनुमति याचिका विचाराधीन है। इस प्रकार यदि सरकार इसे कहीं और स्थापित करने का प्रयास करती है तो यह उच्च एवं उच्चतम न्यायालय यानी दोनों की अवमानना होगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा उत्तराखंड में प्रस्तावित एक राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का मामला, मुख्यमंत्री पर क्षेत्रवाद का आरोप लगाते हुए व्यक्तिगत पार्टी बनाने की याचना…

-नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी प्राग फार्म किच्छा से रानीपोखरी डोईवाला खोलने के प्रयास के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2019। मूल रूप से भवाली नैनीताल के लिए स्वीकृत राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को पहले प्राग फार्म किच्छा के बाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अपनी विधानसभा में खोलने की घोषणा कर दी गयी। अब यह मामला इसी बिंदु पर विरोध जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया है। इस मामले में उत्तराखंड सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में की गई ‘पिटिसन फॉर स्पेसल लीव टू अपील संख्या 12359-12362 ऑफ 2019 उत्तराखंड सरकार बनाम डॉक्टर भूपाल सिंह भाकुनी’ में पैरवी करते हुवे डॉ. भाकुनी ने बताया कि अवमानना याचिका में अब राज्य के मुख्यमंत्री को भी व्यक्तिगत पार्टी बनाये जाने की याचना की जा रही है ।

डा. भाकुनी ने बताया कि पूर्व में भवाली, नैनीताल के लिए स्वीकृत राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को नैनीताल के तत्कालीन डीएम द्वारा जरूरी भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। इस कारण उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 19 जून 2018 को ऊधम सिंह नगर जनपद के डीएम को प्राग फार्म में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खोलने हेतु 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के आदेश दिए। डीएम ऊधमसिंह नगर ने इस पर उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड को मुख्य मार्ग से लगती हुई भूमि आवंटित कर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नाम हस्तांतरित भी कर दी थी। यह भूति तहसील के राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज हो चुकी है। लेकिन इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वार गुपचुप तरीके से इस विवि को किच्छा के स्थान पर अपनी विधान सभा क्षेत्र डोइवाला के रानीपोखरी में खोलने की घोषणा करने के साथ ही 3 मार्च 2019 को गुपचुप तरीके से इसका उद्घाटन भी कर दिया गया। मुख्यमंत्री यहाँ भी नहीं रुके, बल्कि उन्होंने उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय में अपील करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन अपील के निर्णय का इंतेजार किए बिना ही 13 अगस्त 2019 को कैबिनेट की बैठक में इस विवि को रानीपोखरी में मात्र 10 एकड़ भूमि में खोलने सम्बंधी प्रस्ताव पारित करवा लिया जब कि इसे विधान सभा में रख कर प्रस्ताव पारित होना चाहिये था। डा. भाकुनी का कहना है कि सरकार का यह कदम उच्च न्यायालय के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की भी स्पष्ट अवहेलना है।

मुख्यमंत्री पर लगाया क्षेत्रवाद का आरोप

Bhupal Bhakuni
डा. भूपाल सिंह भाकुनी

नैनीताल। याचिकाकर्ता डा. भाकुनी ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की ऊधम सिंह नगर में स्थापना किए जाने की बजाय उच्च न्यायालय उत्तराखंड के आदेशों की जानबूझ कर अवहेलना तथा सरकार की शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप मुख्यमंत्री रावत पर लगाते हुए ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुवे मुख्यमंत्री पर क्षेत्रवाद फैलाने का गम्भीर आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को केवल गढ़वाल का हीं नहीं कुमाऊँ का भी मुख्यमंत्री होने की याद दिलाते हुवे पूछा है कि आखिर वह कुमाऊँ मंडल की उपेक्षा क्यों करते रहते हैं ? कोई भी छोटा बड़ा शिक्षा संस्थान, उद्योग, विकास कार्य हो या कोई केंद्र की योजना हो सभी कुछ देहरादून या गढ़वाल मंडल में स्थापित क्यों करना चाहते हैं व भेदभाव करते हुवे कुमाऊँ की घोर उपेक्षा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री के साथ ही यहाँ के नेता भी उतने ही जिम्मेदार है जो कि जनहित के मामलों में चुप्पी साधे रहते हैं। कहा कि अपवाद स्वरूप एक मात्र राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ही जनहित के कार्यों में दोनो मंडलों में संतुलन बना कर चलते हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व डीएम आदि को हाईकोर्ट से अवमानना जारी, व्यक्तिगत कोर्ट में पेश हों !

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी, 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खोलकर 16 अगस्त 2018 से कक्षाएं प्रारम्भ करने को लेकर आदेश पारित किये थे। इस आदेश का क्रियान्वयन नहीं होने पर मुख्य सचिव समेत अन्य पक्षकारों को अवमानना नोटिस जारी कर छह मार्च को व्यक्तिगत रूप से प्रगति रिपोर्ट के साथ पेश होने के आदेश पारित किए हैं।
उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने किच्छा के खुरपिया व प्राग फार्म में सीलिंग से निकली 3600 एकड़ भूमि में से 25 एकड़ भूमि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। छह माह बीत जाने के पश्चात भी सरकार द्वारा कोई कार्यवाही ना किये जाने से क्षुब्ध नैनीताल निवासी याचिकाकर्ता डॉ. भूपाल सिंह भाकुनी ने अवमानना याचिका दायर कर आरोप लगाया कि सरकार की मंशा उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार आधारित शिखा देने के बजाय बेशकीमती जमीन को बेचने की है। कहा कि राष्ट्रीय विधि विवि के खुलने से यहाँ के लोगों को न्यायिक क्षेत्र में रोजगार के साथ ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी ओर उत्तराखंड की एक अलग पहचान बनेगी। अवमानना याचिका में प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव न्याय तथा डीएम ऊधमसिंह नगर को पक्षकार बनाया गया है।

पूर्व समाचार : आखिर अध्यादेश के आठ साल बाद जगी उत्तराखंड में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय बनने की उम्मींद

-2010 में हुआ था भवाली में स्थापित करने के लिये शासनादेश, 2015 में पहले तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक अग्रवाल एवं फिर कुमाऊं विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. धामी को बनाया था प्रस्तावित विवि का ओएसडी

-गत दिवस केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देहरादून में स्थापना करने की की थी घोषणा
नवीन जोशी, नैनीताल, , 19 जून 2018। आखिर अध्यादेश के आठ सालों के बाद उत्तराखंड में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय बनने की उम्मींद फिर से बन गयी है। अलबत्ता पूर्व में नैनीताल जिले के भवाली में प्रस्तावित और इधर गत दिवस केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा देहरादून में स्थापना करने की घोषणा वाला राष्ट्रीय महत्व का यह विश्वविद्यालय नैनीताल जिले के हाथ से खिसक गया है। इसका कारण नैनीताल के डीएम द्वारा प्रस्तावित विवि के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध न करा पाना बताया जा रहा है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह खंडपीठ ने ऊधमसिंह नगर जिले के प्राग व खुरपिया फार्म में इसे स्थापित कर बकायदा 16 अगस्त से कक्षाएं शुरू करने के आदेश दे दिये हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में 4 अक्टूबर 2015 को मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता डा. भूपाल सिंह भाकुनी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की संयुक्त खंडपीठ ने अपर शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा अजय अग्रवाल को भवाली में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विवि का विशेष कार्याधिकारी नियुक्त कर दिया था, और बाद में कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी को यह दायित्व दे दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय विधि विवि का शासनादेश चार नवम्बर 2010 में जारी हा गया था। तभी से वरिष्ठ अधिवक्ता डा. भूपाल सिंह भाकुनी व वरिष्ठ अधिवक्ता तथा पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल भवाली में राष्ट्रीय विधि विवि की स्थापना के लिए प्रयासरत थे। 2014 तक इसकी स्थापना के लिए सरकार के स्तर पर कोई प्रयास नहीं होने पर उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका डाली। डा. भाकुनी ने मंगलवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब इसकी स्थापना हो जाने का विश्वास जताते हुए बताया कि नैनीताल के डीएम के द्वारा आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं करायी गयी। इस पर उन्होंने नैनीताल जिले में पटवाडांगर, टीवी सैनिटोरियम भवाली, भवाली-भीमताल के बीच फरसौली, कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालीकोट, आर्मी कैंप नेपा फार्म मालधनचौड़ व एचएमटी रानीबाग तथा ऊधमसिंह नगर जिले में किच्छा के खुरपिया फार्म, प्राग फार्म में सीलिंग की निकली 1800 एकड़ भूमि के स्थानों के विकल्प उच्च न्यायालय को सुझाये थे। जिनमें से प्राग फार्म के विकल्प को स्वीकार कर लिया गया है।

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उत्तराखंडः एनएच घोटाले का जिन्न फिर बोतल से बाहर, एनएचएआई के अधिकारी के घर आज की गई छापेमारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2022। दिल्ली से आई सीबीआई की टीम ने राजधानी देहरादून में तीन स्थानों पर छापेमारी की। इसमें एनएचएआई के एक बड़े अधिकारी के यहां से सीबीआई ने बैंक से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर सीबीआई की टीम सबसे … Read more

भाषा के काम सरकार के भरोसे नहीं हो सकते, समाज को आगे आना होगा: नरेंद्र सिंह नेगी

-अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में स्थानीय भाषाओं को तरजीह दी जाए: धस्माना
-गढ़वाली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए: शास्त्री
Narendra Negi Dinesh Shashtriनवीन समाचार, देहरादून, 10 जनवरी 2022। विनसर प्रकाशन के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मातृभाषा गढ़वाली के लेखकों की आज राजधानी में एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में गढवाली में प्रकाशित प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम की पुस्तकों धगुलि, हंसुली, छुबकी, पैजनी और झुमकी के लेखकों तथा इन पुस्तकों में चित्रांकन करने वाले चित्रकारों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी द्वारा हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रकाशित उत्तराखंड ईयर बुक 2022 जारी की गई।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमनाम व आदर्श ‘नरेंद्र’ की उत्तराखंड से स्वामी और राजर्षि विवेकानंद बनने की कहानी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2022। देश के विचारवान युवाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी आदि अनेकानेक लोगों के आदर्श स्वामी विवेकानंद ने आज के ही दिन यानी 11 सितंबर 1893 को शिकागो (अमेरिका) में आयोजित धर्म संसद में अपने संबोधन- ‘मेरे अमेरिका वासी भाइयोे और … Read more

 जितने सवाल-उतने जवाब थे अपने फक्कड़दा-गिर्दा

Girda, Girish Tiwari ‘Girda’,

गंगा दशहरा पर गंगा पर हुआ वेबिनार, बताया देश की 43 फीसदी जनसंख्या गंगा से सीधे प्रभावित होती है

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2021। सोमवार को गंगा दशहरा के पर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के शोध एवं प्रसार निदेशालय, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, कूटा, डॉ. वाईपीएस पांगती फॉउंडेशन, एसएमडीसी नैनीताल, इग्नू के द्वारा ‘गंगा रिजूविनेशन अवर हेरिटैज’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का संचालन करते हुए विश्वविद्यालय … Read more