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नशे के 3200 इंजेक्शन व 24,552 टेबलेट की बड़ी खेप सहित नशे का बड़ा कारोबारी आया पुलिस की गिरफ्त में…

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 जून 2019। हल्द्वानी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार को रामपुर रोड से पहाड़ के जिलों में खपाने के लिए ले जाये जा रहे 3200 नशे के इंजेक्शन सहित हजारों टेबलेट की बड़ी खेप नशे के एक तस्कर से पकड़ी है । एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बुधवार को कोतवाली स्थित बहुद्देशीय भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आरोपी चेतन मदान निवासी देवलचौड़ 15 सालों से नशे की तस्करी कर रहा था। मंगलवार को पुलिस, एसओजी टीम रामपुर रोड देवलचौड़ के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आरोपी वहां से स्कूटर पर गुजरा तो स्कूटर पर काफी सामान लदा होने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह हड़बड़ा गया। शक पर उसके बैग खंगाले गए तो पुलिस के होश उड़ गए। बैग में 32 डिब्बों के अंदर 3200 इंजेक्शन, 24,552 नशे के टेबलेट बरामद हुए। मांगने पर आरोपी इनका कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। टीम में एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, चौकी प्रभारी टीपी नगर सुशील कुमार, सिपाही ललित कांडपाल, मोहन किरौला, एसओजी कुन्दन कठायत, गुणवंत सिंह, त्रिलोक, जितेन्द्र आदि थे।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने नशे की तस्करी करने की बात कबूलते हुए बताया कि वह युवाओं को अपना शिकार बनाता था। आरोपी ने 6-7 साल तक हल्द्वानी के प्रतिष्ठित मेडिकल स्टोर में काम किया। इस दौरान उसने नशे की दवाओं की पहचान कर अपने ग्राहक बनाने शुरू कर दिये। इसके बाद मेडिकल स्टोर से काम छोड़कर लाइन नम्बर 8 में किसी दूसरे के लाइसेंस पर 6-7 साल तक खुद का मेडिकल स्टोर चलाया। इस दौरान भी उसने नशे की दवाएं बेचकर कई ग्राहक बनाए। 2018 में मूल लाइसेंसी द्वारा लाइसेंस रिन्यू न कराने पर मेडिकल स्टोर बंद कर दिया। इसके बाद ग्राहकों की डिमांड के अनुसार महंगे दामों पर नशीली दवाएं सप्लाई करने लगा। आरोपी ने अपने नशे के जाल में हल्द्वानी के कोचिंग सेंटर, स्कूल, कॉम्पलेक्सों, पहाड़ों में बने इंजीनियरिंग कॉलेज आदि में छात्रों को फांस रखा था। 

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में पकड़ी गयी 70 पेटी नकली शराब, नकली को असली बनाने के नकली रैपर भी बरामद

दीपक भंडारी @ नवीन समाचार, हल्द्वानी, 7 मई 2019। आबकारी विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक मिनी ट्रक में उधमसिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र से नकली 70 पेटी अवैध देशी शराब को हल्द्वानी में खपत के लिए लाई जा रही थी। जिसकी कीमत करीब साढ़े तीन लाख बताई जा रही है। टीम ने मौके से एक शराब तस्कर युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शराब तस्कर के खिलाफ आबकारी विभाग ने मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में हल्द्वानी के एक युवक पम्मी का नाम उजागर हुआ है, जिसकी तलाश में टीम जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर शाम आबकारी निरीक्षक महेंद्र सिंह बिष्ट को मुखबिर की सूचना मिली की एक मिनी ट्रक में नकली देशी शराब हल्द्वानी में खपत के लिए लाई जा रही है। सूचना मिलते ही आबकारी निरीक्षक बिष्ट अपनी टीम के साथ मंडी के पास वाहन चौकिंग में जुट गए। चौकिंग के दौरान टीम को एक मिनी ट्रक संख्या यूपी 14डी-0086 आता दिखाई दिया। टीम ने मिनी ट्रक को रोकना चाह तो ट्रक चालक ने ट्रक की रफ्तार तेज कर दी। टीम ने घेराबंदी करते हुए मिनी ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की जब तलाशी ली गई तो ट्रक में नकली अवैध देशी शराब की करीब 70 पेटी बरामद हुई। तलाशी के दौरान टीम ने ट्रक से मैकडॉवल के कई रेपर भी बरामद किए गये। टीम ने मौके से एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए शराब तस्कर ने अपना नाम शोएब पुत्र अब्दुल हमीद वार्ड 18 लाइन नंबर 14 निवासी बताया। टीम ने शराब तस्कर के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। टीम में आबकारी निरीक्षक महेन्द्र सिंह बिष्ट, एसआई मोहन कोरंगा, विजेन्द्र जीना, पान सिंह तडागी, महेश चन्द्र लोहनी, धीरेन्द्र कुमार आदि शामिल रहे। इधर आबकारी निरीक्षक महेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पकड़ी गई देशी शराब नकली है। जिसकी कीमत करीब साढ़े तीन लाख के आस-पास है। जो हल्द्वानी में खपत के लिए लाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि ट्रक की तलाशी में मैकडॉवल के रेपर भी बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि भारी मात्र में शराब हल्द्वानी में खपत के लिए लाई जा रही है। बिष्ट ने बताया कि पूछताछ के दौरान पकड़े गए शराब तस्कर ने हल्द्वानी के एक पम्मी नामक युवक का नाम उजागर किया है। पकड़े गए शराब तस्कर से कई अहम जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पम्मी नामक युवक की तलाश में टीम जुट गई है।
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जिला अस्पताल में शराब में धुत युवती ने हंगामा, ‘उतरी’ तो गायब हो गयी

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। पहाड़ी शहरों में भी अब युवतियों पर चढ़ते आधुनिकता व नशे की ऐसी घटनाएं सुनाई देने लगी हैं। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में बीती रात्रि एक युवती ने जबर्दस्त हंगामा किया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह युवती स्थानीय लोगों को सड़क पर पड़ी हुई मिली, वे ही उसे उपचार के लिए बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में ले गये। वहां चिकित्सा कर्मियों के अनुसार उसके मुंह से शराब की जबर्दस्त दुर्गंध आ रही थी और वह जबर्दस्त तरीके से हंगामा कर रही थी। किसी तरह से उसे शांत नहीं किया जा सका। इससे माना जा रहा है कि शराब के नशे में ही धुत होकर सड़क पर गिरी हो। यह भी बताया गया कि उसका कुछ युवकों से हाथापाई के स्तर तक विवाद हुआ था। इस कारण वह चोटिल भी हुई थी। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना मल्लीताल कोतवाली को दी, इस पर एसआई रेवती पंत पूछताछ के लिए अस्पताल पहुंची किंतु वह अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रही थी। लेकिन इधर शनिवार सुबह वह अस्पताल से गायब मिली। बताया जा रहा है कि युवती संभवतया रामनगर की थी और होश में आने के बाद चली गयी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में होली पर शराब की भेंट चढ़ा एक नौजवान

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2019। जिला-मंडल मुख्यालय नैनीताल में होली पर एक नौजवान शराब की भेंट चढ़ गया। होली मनाने के बाद एक युवक का शव चार्टन लॉज की पुलिया के पास खड़ी दो कारों के बीच पड़ा मिला। उसे पास ही स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी शिनाख्त अमरालय होटल के पास करीब 27 वर्षीय युवक के रूप में हुई। बताया गया है कि अच्छे घर का युवक लंबे समय से शराब की गिरफ्त में था। उसके पिता की अमरालय के पास दुकान है, और एक भाई अमेरिका में कार्यरत है। बावजूद वह नशे के लिए अनजान लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठने व गाली-गलौज करने जैसी हरकतें भी किया करता था। यहां तक कि कुछ मोटरसाइकिलों को जलाने के भी उस पर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि इस कारण ही लोग उसकी मदद को नहीं आये।
(हम इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ हैं। पर आगे युवा व उनके परिवार इस घटना से सबक लें, इसलिए इस घटना का समाचार परिवार की पहचान बताये बिना प्रकाशित किया जा रहा है।)

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा के चौखुटिया में पकड़ी गयी गांजे की इतनी बड़ी खेप

नवीन समाचार, रानीखेत, 15 मार्च 2019। अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया में पुलिस ने एक स्विफ्ट कार संख्या यूके04टीए-6973 में सवार तीन लोगों के कब्जे से करीब आधा कुंतल (46.086 किलो) गांजे की खेप पकड़ने में सफलता पाई है। पकड़े गयी गांजे की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गयी है। पकड़े गये आरोपितों के नाम यशपाल यादव पुत्र विजय पाल निवासी ग्राम पंडितपुर पोस्टर गोपीवाला ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद यूपी, राकेश पुत्र हरकेश निवासी काशीपुर एवं लेखराज पुत्र महावीर निवासी कुंडा जिला ऊधमसिंह नगर बताये गये हैं। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिले के एसपी ने बरामदगी करने वाली टीम में शामिल चौखुटिया के थानाध्यक्ष रमेश बोहरा, दरोगा प्रदीप तथा आरक्षी जीतेंद्र व श्याम सुंदर को नियमानुसार ईनाम देने की घोषणा की है।

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बेतालघाट में अवैध शराब के साथ पकड़ा गया आरोपित।

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मार्च 2019। जनपद में नशे के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के अंतर्गत नैनीताल पुलिस को शनिवार को दो बड़ी सफलताएं मिलीं। भीमताल पुलिस ने खुटानी तिराहे के पास एक पिकप गाड़ी संख्या यूए04ई-5392 से 92 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब एवं 10 पेटी अवैध बीयर बरामद करने की सफलता पाई। वहीं बेतालघाट पुलिस ने एक व्यक्ति को 36 पव्वे ओल्ड मोंक अंग्रेजी शराब व 28 पव्वे देशी मशालेदार अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है।
भीमताल पुलिस के द्वारा थाना प्रभारी प्रमोद पाठक के नेतृत्व में उप निरीक्षक जोगा सिंह, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार तथा आरक्षी ओमप्रकाश व महबूब मियां के द्वारा मुखबिर की सूचना पर वन विभाग बैरियर चाफी के पास राजेश कश्यप पुत्र पूरन लाल कश्यप निवासी मकान नंबर 12 आईटीआई हल्द्वानी निवासी इंदिरा नगर रानीबाग काठगोदाम जिला नैनीताल के कब्जे से अवैध शराब बरामद की। आरोपित ने बताया कि पकड़ी गयी शराब भीमताल के शराब व बार के ठेकेदार वरुण चौनाल पुत्र हरीश चंद्र चौनाल निवासी भीमताल जिनका की है और यह शराब बिना प्रपत्रों के भीमताल से भटेलिया ले जाने को दी गयी थी।
वहीँ, बेतालघाट थाना प्रभारी रोहताश सिंह के नेतृत्व में मुखविर की सूचना पर हीरा सिंह बोरा, पुत्र नर सिंह बोरा निवासी बेतालघाट के कब्जे से बरामद की गयी है। आरोपित के खिलाफ थाना बेतालघाट में 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

यह भी पढ़ें : बागेश्वर में बरामद हुई 10 लाख की अवैध शराब, चालक गिरफ्तार, मालिक का पता नहीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2019। बागेश्वर कोतवाली पुलिस ने मिनी ट्रक संख्या यूके01सीए-1049 में 72 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब के साथ चालक जीवन चंद्र धौनी पुत्र प्रकाश चंद्र धौनी निवासी ग्राम बिलौना जिला बागेश्वर को गिरफ्तार किया है। बरामद की गयी अवैध शराब में 122 पेटी मेक्डोनॉल्ड नंबर 1 व सेलीब्रेशन सलेक्ट थ्री एक्स रम व 50 पेटी रेनो थ्री एक्स रम सहित कुल मिलाकर 2064 बोतल शराब बताई गयी है। वाहन को सीज कर चालक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60 (2), 64बी व 72 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आरोपित को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। बरामद की गयी शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि शराब को बागेश्वर के नगर क्षेत्र में ही शराब के एफएलटू से करीब 2 किमी दूर ही गोमती पुल के पास गरुड़ रोड पर पकड़ा गया, जबकि बताया जा रहा है कि उसे काफलीगैर को यानी ताकुला वाली रोड पर जाना था। माना जा रहा है कि शराब आगामी होली के त्योहार एवं लोकसभा चुनावों के मद्देनजर एवं मार्च माह में ही शराब के नये ठेके होने के दृष्टिगत कहीं डम्प करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसके पीछे विरोधी शराब सिंडिकेट की ओर से ही पुलिस को सुरागकशी किये जाने की बात भी चर्चा में है। शराब की कीमत चूंकि 10 लाख रुपये बतायी जा रही है, इसलिये अब तक शराब का कोई मालिक सामने नहीं आया है, लिहाजा चालक का जेल जाना तय है। अलबत्ता पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम में शामिल उप निरीक्षक सुरभि राणा, आरक्षी अशोक पवार, प्रकाश टम्टा, विजय सिंह व नरेंद्र गोस्वामी आदि को नियमानुसार पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

यह भी पढ़ें : जहरीली शराब से मौतों के मामले में आईजी गढ़वाल से हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ ने रुड़की और सहारनपुर में पिछले दिनों जहरीली शराब पीने से हुई 42 से अधिक मौतों के मामले में सुनवाई करते हुए आईजी गढ़वाल से तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि काशीपुर निवासी प्रमोद शर्मा की जनहित याचिका में कहा गया है पिछले दिनों में रुड़की व सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से 42 से अधिक मजदूरों की मौत हो गयी थी परन्तु सरकार ने जहरीली शराब बेचने व बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही कर रही है।

यह भी पढ़ें : नशा बढ़ाने को चूहे मारने की दवा मिली थी जहरीली शराब में ! मौतों की संख्या 100 पार पहुची, 175 गिरफ्तार

नवीन समाचार, रुड़की, 10 फरवरी 2019। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा 100 के पार पहुँच गया है। अब तक यूपी के सहारनपुर, कुशीनगर और उत्तराखंड में कुल 106 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीँ हरिद्वार में परोसी गई शराब में नशा बढ़ाने के लिए चूहा मारने की दवा मिलाने की आशंका जताई जा रही है। जहरीली शराब से सहारनपुर में 35,  मेरठ में इलाज के दौरान 18, हरिद्वार में 42 और कुशीनगर में 11 मौतें हुई हैं। मरने वाले ज्यादातर वे लोग हैं, जो हरिद्वार के बालूपुर गांव में एक तेरहवीं संस्कार में शामिल होने गए थे और वहीं पर उन्होंने शराब पी थी।

कच्ची शराब बनाने की प्रक्रिया में सांप, छिपकली और आयोडेक्स का भी इस्तेमाल किया जाता है

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने हरिद्वार में हुए जहरीली शराब कांड में मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और गंभीर रुप से पीड़ितों को पंचास-पचास हजार रुपये देने की घोषणा की है। उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक गुरुवार शाम हरिद्वार के झबरेड़ा क्षेत्र में स्थित बल्लूपुर गांव में एक मृतक की तेरहवीं में कच्ची शराब परोसी गई, जिसके बाद लोगों की तबीयत खराब हो गई।

जिलाधिकारी दीपक रावत के मुताबिक जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख तथा गंभीर रुप से घायलों के परिजनों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता मुख्यमंत्री के निर्देश पर दी जाएगी। मृतकों में लगभग सभी मजदूरी करने वाले हैं।

175 गिरफ्तार, 297 मुकदमे दर्ज

सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में चौबीस घण्टों के दरम्यान अवैध शराब बनाने व बेचने के मामले में कुल 297 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में 9269.7 लीटर अवैध शराब और 47700 किलोग्राम अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली कच्ची सामग्री (लहन) बरामद किया गया।

यूपी सरकार ने लापरवाही के आरोप में नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी, आबकारी विभाग के तीन निरीक्षक और दो कांस्टेबल को निलंबित किया है। जबकि उत्तराखंड सरकार ने आबकारी विभाग के 13 कर्मचारी और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति संभवत: 30 पाउच शराब सहारनपुर लेकर आया था। इससे मौतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। हालांकि, इसकी पुष्टि की जा रही है।

राहत देने का प्रयास 
उत्तराखंड सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और अस्पताल में भर्ती लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यूपी सरकार पहले ही मदद का ऐलान कर चुकी है।

गांव में शराब पीने से मौत
गांव में शराब पीने से मौत

पूर्व समाचार : बड़ा सवाल :  प्रदेश के सबसे तेज तर्रार कहे जाने वाले अधिकारियों के होते कैसे हुआ इतना बड़ा कांड ?

नवीन समाचार, रुड़की, 8 फरवरी 2019। 13वीं के भोज में जहरीली शराब पीने से उत्तराखंड के रुड़की में झबरेड़ा क्षेत्र के बल्लूपुर गांव में जहरीली शराब पीने से  मरने मरने वालों की संख्या 29 पहुंच गई है, जबकि 55 अन्य बीमार हैं। इनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें रुड़की, हरिद्वार व देहरादून के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहरीली शराब के कहर के बाद से आसपास के गांवों में भी दशहत है।एक रोज पहले शराब पीने वाले कुछ लोग अफरा-तफरी में अस्पताल चेकअप के लिए भी पहुंचे। इस बीच, ड्यूटी में प्रथमदृष्टया लापरवाही के आरोप में 17 कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें एक थानेदार, एक चौकी प्रभारी, दो बीट सिपाही, दो क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक, एक उप निरीक्षक और 10 आबकारी सिपाही शामिल हैं। उधर राज्य की सीमा से लगे यूपी के सहारनपुर में भी जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत हो गयी है।

बड़ा सवाल :  प्रदेश के सबसे तेज तर्रार कहे जाने वाले अधिकारियों के होते कैसे हुआ इतना बड़ा कांड ?

बताया गया है कि गांव में एक व्यक्ति के घर में तेरहवीं के भोज का कार्यक्रम था। इस दौरान वहां कुछ ग्रामीणों ने शराब पी थी। शराब पीने के बाद वहां ग्रामीणों की हालत खराब होने लगी जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई। वहीं अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अवैध मदिरा के सेवन को लेकर लापरवाही बरतने के मामले में अपर आबकारी आयुक्त अर्चना गहरवावार ने 17 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही सभी कर्मचारियों को देहरादून अटैच कर दिया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में अब तक की सबसे बड़ी ढाई करोड़ की अवैध शराब की बरामदगी, देखें लाइव वीडियो…

  • आगामी निकाय चुनावों के लिए संभावित उपयोग माना जा रहा तय
  • अवैध शराब किसी ‘पन्त’ नाम के शराब कारोबारी की बताई जा रही 
  • आबकारी विभाग की कार्रवाई से नैनीताल पुलिस की सक्रियता पर भी स्वतः ही उठ गए हैं सवाल

नैनीताल, 2 अगस्त 2018। आबकारी विभाग के प्रवर्तन दल को बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। टीम ने एक गोदाम से देशी-विदेशी मदिरा की शराब की बोतलों से भरी करीब 5500 पेटियां बरामद की हैं। बरामद की गयी शराब की कीमत 2.5 करोड़ के करीब बतायी गयी है। बरामद की गयी शराब की बोतलों पर ‘उत्तराखंड राज्य में बिक्री हेतु’ अंकित है। जवाहर नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। आगे जांच के बाद ही पता चलेगा कि बरामद की गयी शराब वास्तव में किसकी है, और क्या यह वास्तव में उत्तराखंड की है, अथवा कहीं बाहर से लायी गयी है। शराब किसी ‘पन्त’ नाम के शराब कारोबारी की बताई जा रही है। आबकारी विभाग की कार्रवाई से नैनीताल पुलिस की सक्रियता पर भी स्वतः ही सवाल उठ गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के प्रवर्तन दल को बृहस्पतिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी, इस पर प्रवर्तन दल ने उप आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार सिंह की अगुवाई में हल्द्वानी के गौजाजाली उत्तर स्थित जय सिंह के गोदाम में छापा मार कर 5,500 पेटी से अधिक देश-विदेशी शराब बरामद की। यह शराब गोदाम में टाइल्स व सेनेटरी के सामान के साथ तिरपाल के पर्दे से छिपा कर रखी गई थी। बरामद मदिरा की कीमत 2 करोड रुपए़ से भी अधिक बताई जा रही है। आबकारी विभाग के छापामार दल में प्रवर्तन दल प्रभारी निरीक्षक सोनू सिंह, महेंद्र बिष्ट व पूरन जोशी, सब इंस्पेक्टर पान सिंह जीना, पान सिंह तड़ागी, इन्द्र सिंह राणा, हीराबल्लभ भट्ट, मोहन सिंह कोरंगा व हेड कांस्टेबल विजेंद्र जीना आदि शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 फरवरी 2019। एसटीएफ यानी स्पेशल टास्क फोर्स ने मुखबिर की सूचना पर जनपद के दूरस्थ पहाड़पानी क्षेत्र से दो तस्करों-विद्या नंद उर्फ विनोद कुमार पुत्र देवराम निवासी व आनंद प्रकाश पुत्र वेद प्रकाश निवासी हरिनगर पट्टी पतलिया निवासी से चरस बरामद की है। पकड़ी गयी चरस की मात्रा 1 किग्रा 820 ग्राम बताई गयी है। यह बरामदगी करीब चार माह पूर्व हल्द्वानी से दो तस्करों से हुई चार किलो चरस व एक लाख रुपये की बरामदी के बाद जनपद में दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी बताई जा रही है। बताया गया है कि तस्कर इस चरस को यहां से हल्द्वानी और फिर दिल्ली ले जाने की कोशिश में थे किंतु इससे पहले ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ गये। मुक्तेश्वर थाने में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पकड़ी गयी चरस की कीमत लाखों में बताई जा रही है।
बताया गया है कि स्पेशल टॉस्क फोर्स को शनिवार रात दो युवकों के पहाड़पानी से भीमताल के रास्ते हल्द्वानी चरस की बड़ी खेप लेकर आने की सटीक सूचना थी, जिस पर एसटीएफ के इंस्पेक्टर एमपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने तस्करों को पकडने के लिए योजना बनाकर उन्हें धर दबोचा। टीम में एसआइ पकंज बेलवाल, दीपक अरोड़ा, हेड कांस्टेबल दीपक अरोड़ा, सिपाही महेंद्र गिरी, वीरेंद्र सिंह, महेश गिरी व सुरेंद्र कनवाल भी शामिल रहे।

पूर्व समाचार:  क्या उत्तराखंड बन रहा मादक पदार्थों का गढ़, कुछ घंटों में पकड़ा गया पौना कुंतल से अधिक गांजा व चरस, और जो नहीं पकड़ा गया वह…..

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 फरवरी 2019। क्या उत्तराखंड और खासकर इसका कुमाऊं मंडल मादक पदार्थों का गढ़ बन रहा है ? हम यह सवाल इसलिये पूछ रहे हैं कि यहां कुछ घंटों के भीतर अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के पास घिंघारीखाल में 75 किलो गांजा एवं पिथौरागढ़ जिले के ओगल में 6 किलो चरस पकड़ी गयी है। दोनों मादक पदार्थों की बाजार कीमत लाखों में बताई जा रही है। लेकिन इससे अधिक चिंताजनक बात यह है कि इन मादक पदार्थों से कितने लोग बरबाद होते। और यहां केवल पकड़े गये मादक पदार्थों की बात ही हो पा रही है, जबकि इससे साफ है कि यहां लंबे समय से यह काला कारोबार चल रहा होगा, और अब तक न जाने कितनी भारी मात्रा में नशे का काला कारोबार बिना पकड़े हो चुका होगा।75 किलो गांजा जब्त, कार के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
पहली घटना में बीती मध्यरात्रि रानीखेत कोतवाली पुलिस के गश्त दल ने घिंघारीखाल तिराहे पर संदेह के आधार पर द्वाराहाट की ओर से आ रही यूपी 4एक्यू 9880 व यूपी 32 एफए 4647 नंबर की दो कारों से दो अंतरराज्यीय तस्करों-मो. अकील पुत्र मो. सगीर व सर्वेश कुमार मिश्रा पुत्र सुरेश मिश्रा निवासी आजाद नगर मलियाबाग लखनऊ से चौखुटिया से लखनऊ ले जाया जा रहा 75 किलो गांजा जब्त किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद गांजे की कीमत 3.86 लाख रुपये आंकी गई है। गांजा आठ बड़े व दो छोटे कट्टे रखे थे। दोनों को मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।चरस के साथ गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज ,जेल भेजा
वहीं दूसरी घटना में पिथौरागढ़ के सीओ विमल कुमार आचार्य के नेतृत्व में पुलिस टीम को गहन चेकिंग अभियान के तहत शनिवार को ओगला के पास पिथौरागढ़ की ओर आ रही सैंट्रो कार यूके 04 के 8842 में सवार तीनों युवकों-बिठौरिया मुखानी हल्द्वानी निवासी चेतराम कश्यप, डेरीफार्म पंतनगर निवासी बलवीर सिंह कोरंगा और लालडांठ मुखानी हल्द्वानी निवासी पूरन अधिकारी के पास से 5.906 किग्रा चरस बरामद की गई। तीनों के खिलाफ 8/20, 60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि यह चरस प्रयागराज में चल रहे कुंभ के लिए ले जायी जा रही थी।

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चरस के साथ पकडे गए आरोपी

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 11 जनवरी 2019। मुक्तेश्वर पुलिस व एसओजी की टीम द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान में धानाचूली के पास दो व्यक्तियों के पास से दो किलो से अधिक अवैध चरस बरामद की। जिनके खिलाफ थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा कायम कर न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया। कोतवाल कैलाश जोशी ने बताया कि पकड़ी गई चरस की कीमत करीब ₹ 3 लाख हो सकती है।

मुक्तेश्वर थाने से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को  शाम के समय थानाध्यक्ष कैलाश जोशी  मुक्तेश्वर के नेतृत्व में पुलिस टीम कांस्टेबल रमेश काला,हर्षवर्द्धन व एसओजी टीम के कांस्टेबल कुन्दन कठैत, चन्दन सिंह, सुरेश, अशोक कुमार के द्वारा धानाचूली बाजार से नीचे धानाचूली धारी रोड पर आने-जाने वाले वाहनों की चैकिंग की जा रही थी। पुलिस को इन दो पर संदेह होने पर पकड़ा तो दोनों व्यक्तियों द्वारा अपने पास चरस होना बताया जिनकी तहसीलदार धारी के समक्ष तलाशी ली गयी तो पकड़े गये व्यक्ति में से एक व्यक्ति द्वारा अपना नाम हेमन्त कुमार पुत्र कैलाश चन्द्र निवासी ग्राम अघरिया , तहसील धारी जिला नैनीताल बताया।  जिसके पास 845  ग्राम अवैध चरस बरामद हुई वही दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम श्रीचन्द्र उर्फ महेन्द्र पुत्र बालीराम निवासी ग्राम, अघरिया, तहसील धारी जनपद नैनीताल बताया। उक्त के कब्जे से 1202 ग्राम चरस बरामद हुई ।अभियुक्तों के कब्जे से कुल 2047 ग्राम लगभग 02 किलो अवैध चरस बरामद की गयी। पूछताछ पर दोनों द्वारा बताया गया कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदकर बाहरी व्यक्तियों को बेचना बताया गया। अभियुक्त उपरोक्तों के विरूद्ध थाना मुक्तेश्वर में एनडीपीएस एक्ट धारा 8/20  के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।  इन दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। जहाँ से जेल भेज दिया गया।

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 फरवरी 2019। उत्तराखंड सरकार ने रुड़की (हरिद्वार) में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में हरिद्वार के सहायक आबकारी आयुक्त नाथूराम और जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत को निलंबित कर दिया है, जबकि पांच अन्य अफसरों के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि पहले ही सरकार ने आबकारी और पुलिस के 17 अफसर और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही स्पीकर के द्वारा विधानसभा की एक समिति जांच के लिए गठित की गई है। बताया गया कि मुख्यालय में तैनात अपर आयुक्त प्रवर्तन पीएस गर्ब्याल, संयुक्त आयुक्त बीएस चौहान, उपायुक्त रमेश चौहान, सहायक आयुक्त कैलाश बिंजोला और सहायक आयुक्त प्रवर्तन मीनाक्षी टम्टा के ख़िलाफ़ विभागीय करवाई के आदेश भी किए गए। इन सबको लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस दिया गया था। जवाब आने के बाद करवाई की गई।

पूर्व समाचार : उच्च न्यायालय ने 10 दिन के भीतर तलब की जहरीली शराब कांड की रिपोर्ट

-हरिद्वार निवासी की याचिका में मामले की सीबीआई जांच कराने व दोषी आबकारी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की की गयी है मांग
-उच्च न्यायालय की संयुक्त खंडपीठ ने सुनवाई के लिए स्वीकार की जनहित याचिका
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश को भी हिलाने वाले जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में एक जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से 10 दिन के भीतर इस मामले में उठाये गये कदमों की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि इस मामले की प्रारंभिक जांच में किसी अधिकारी के जिम्मेदार पाए जाने पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की गई है। मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की संयुक्त खंडपीठ में हुई।
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार निवासी प्रमोद शर्मा ने इस मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मामले में हरिद्वार के जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित किया जाऐ तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किए जाएं। याचिका में शराब कांड में मरने वालों की तादात 100 से अधिक होने के साथ ही घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा देते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी करने की भी मांग की गई है। संयुक्त खंडपीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई शुरू कर दी है। सरकार से 10 दिन में अभी तक उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी तलब की है।

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-प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में आई तंबाकू छुड़वाने वाली च्यूइंग गम

तंबाकू छुड़ाने वाली च्यूइंग गम।

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2019। प्रधानमंत्री जन औषधि में तंबाकू छुड़ाने वाली एक दवा आने से पहले ही लोगों की उत्सुकता का विषय बन गयी है। जन औषधि निर्मल नाम की यह दवा च्यूइंग गम जैसे स्वरूप में पुदीने के स्वाद में आयी है। बताया गया है कि इसे चबाने पर शुरू में तंबाकू जैसा स्वाद भी आताा है, जिससे तंबाकू के आदी लोग इसे पसंद करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह लोगों को तंबाकू से दूर कर देती है। मुख्यालय में जन औषधि केंद्र के संचालक जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव आरएन प्रजापति ने कहा कि इस दवा की नौ च्यूइंग गम जैसी गोलियां 40 रुपए में उपलब्ध होंगी। लोगों में इसके प्रति उत्साह देखकर इसे जल्द यहां भी मंगाया जा रहा है। कोशिश होगी कि रेडक्रॉस सोसायटी शुरू में इसे मुफ्त में उपलब्ध कराने का प्रयास भी करेगी।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो व स्वापक औषधि नियंत्रक हाईकोर्ट में हाजिर हों…हाईकोर्ट ने कहा-बड़े माफिया पर हाथ डालने से बचती है उत्तराखंड पुलिस

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 18 जुलाई 2018। उत्तराखंड के युवाओं में बढ़ रही नशाखोरी और उसकी रोकथाम के मामले में बुधवार को उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड पुलिस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस छोटे-मोटे अपराधियों को तो पकड़ लेती है, लेकिन बड़े माफियाओं पर हाथ डालने में कतराती है। जानलेवा जहरीले के खिलाफ एक बार फिर से सख्ती दिखाते हुए उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो व स्वापक औषधि नियंत्रक को 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश भी दिये। साथ ही कुछ गंभीर टिप्पणियां करते हुए कहा कि राज्य की एक पीढ़ी नशाखोरी की गर्त में जा रही है। सरकार नशाखोरी पर लगाम लगाने में नाकाम हो रही है। क्या उत्तराखंड राज्य का निर्माण इसीलिये किया गया था ? सरकार बड़े माफियाओं को पकड़ने में नाकाम रही है। खंडपीठ ने सरकार से अभी तक माफियाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की पूरी जानकारी भी न्यायालय को उपलब्ध कराने तथा उनके खिलाफ अभी तक की गयी कार्यवाही की जानकारी भी देने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ व न्यायाधीश राजीव शर्मा की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। याची श्वेता मासीवाल की ओर से याचिका में कहा गया कि सरकार व प्रशासन युवाओं में बढ़ रही नशाखोरी पर कोई प्रतिबंध तथा नशे के सौदागरों के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाये हैं। न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की कि
उल्लेखनीय है कि पूर्व में याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने प्रदेश के 27 विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा निदेशक, विद्यालयी शिक्षा निदेशक व सभी जिलाधिकारियों व जिलों के पुलिस प्रमुखों को पक्षकार बनाने को कहा था। आज अधिकांश पक्षकारों की ओर से जवाब पेश किया गया। उनकी ओर से कहा गया कि वे नशे के खिलाफ प्रचार अभियान चला रहे हैं। लेकिन खंडपीठ ने उनके जवाब से असहमति जाहिर करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो व स्वापक औषधि नियंत्रक को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा। साथ ही सरकार को नशा माफियाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी जानकारी देने को कहा है।

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कालाढूंगी पुलिस ने काशीपुर निवासी दो चरस तस्कर दबोचे, बरामद की 1 किलो चरस 

कालाढूंगी पुलिस की गिरफ्त में आये चरस तस्कर

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 5 जुलाई 2018। पूरे प्रदेश व खासकर नैनीताल जनपद में लंबे समय से नशे के सौदागरों के खिलाफ चल रहे अभियान पर कालाढुंगी पुलिस अब जाकर जागी है। लंबे समय से क्षेत्र में चरस व स्मैक के तस्करों के निर्बाध रूप से सक्रिय होने और युवाओं के जानलेवा नशे की गिरफ्त में फंसने की क्षेत्रीय जनता की अनेक शिकायतों के बढ़ते दबाव के बाद कालाढुंगी पुलिस ने बृहस्पतिवार को हल्द्वानी-कालाढूंगी मार्ग पर भाखड़ा पुल के समीप घेराबंदी कर दो चरस तस्करों को गिरफ्त में लिया है। उनके कब्जे से पूरे एक किलो चरस बरामद की गयी है। इस बरामदगी को भले कालाढुंगी पुलिस अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश करे, परंतु इतनी बड़ी मात्रा में हुई चरस की बरामदगी से एक तरह से उसकी अपनी अब तक की निष्क्रियता की भी पोल-पट्टी खुल रही है। साफ हो गया है कि छोटे से कालाढुंगी कस्बे में चरस की कितनी अधिक खपत है।
बताया गया है कि सीओ रामनगर लोकजीत सिंह तथा थाना प्रभारी नरेश चौहान के निर्देशन में कालाढूंगी पुलिस को यह सफलता बीती रात्रि भाखड़ा पुल के पास चेकिंग के दौरान मिली। इस दौरान थाना काशीपुर के अंतर्गत सुभाष नगर में नहर पुलिया के पास रहने वाले 22 वर्षीय अमन प्रताप पुत्र जयप्रकाश के कब्जे से 450 ग्राम व 23 वर्षीय तरुण कुमार पुत्र विरेंद्र चौहान के कब्जे से 550 ग्राम चरस बरामद की गयी। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक संजय बृजवाल तथा आरक्षी नवीन कुमार, किशन नाथ व दिनेश कार्की शामिल रहे।

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जनपद के पुलिस कप्तान द्वारा शेयर की गयी फेसबुक पोस्ट

देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड और खासकर ‘दहाड़ने’ और जिले के साथ ही ‘प्रदेश’ के लिए ‘ताना-बाना बुन’ रहे पुलिस कप्तान के जनपद नैनीताल में यह क्या हो रहा है। एक ओर 80 लाख रुपए के 200 मोबाइल चोरी होने की घटना पर नैनीताल पुलिस ने ‘लाखों’ के मोबाइल लिखकर ‘गोल-मोल’ किया तो अब ‘केवल 20 लाख’ की चोरी बताकर और इसमें से भी केवल 3 मोबाइल ढूंढकर और इन्हें डेढ़ लाख का बताकर अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह को पकड़ने का दावा कर खुद ही अपनी पीठ ठोंकी जा रही है।

दुकानदार जसप्रीत सिंह द्वारा किया जा रहा 80 लाख के 200 मोबाइल चोरी होने का दावा ⇓

उधर जिले के ही रामनगर क्षेत्र में एसएसपी के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मुंह चिढ़ाते हुए कुमाऊं एसटीएफ 145 पेटी महंगी अंग्रेजी शराब पकड़ी तो इसके अगले ही दिन शहर के बीचों-बीच डंगवाल टावर स्थित होटल में दिन-दहाड़े ‘सेक्स होता’ पकड़ा गया।

रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज में शराब की बोतलें व भारी मात्रा में नशे के लिए प्रयुक्त सिरिंज पकड़ी जा रही हैं, जिसकी शिकायत रामनगर की जीवनधारा सोसायटी द्वारा पुलिस कप्तान से की गयी है।

इधर नैनीताल में स्वयं सेवी युवाओं द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान में खुलासा हो रहा है कि नगर के सभी शांत स्थान शराब पीने का अड्डा बन गये हैं। इधर कुछ समय से नगर में धड़ल्ले से स्मैक जैसा जानलेवा नशा भी आने लगा है, और नगर के अच्छे घरों के युवा भी इनकी चपेट में आ रहे हैं। जबकि पुलिस अब तक मात्र 2-3 ग्राम स्मैक पकड़कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है। इन स्थितियों को भविष्य में जनपद में आपराधिक घटनाओं की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

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पीरूमदारा में कुमाऊँ एसटीएफ द्वारा 16 अप्रैल 2018 को पकड़ा गया अंग्रेजी शराब का जखीरा

पीरूमदारा में एसटीएफ कुमाऊ ने छापा मारकर “नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करने वाली” नैनीताल पुलिस की नाक के नीचे से लाखों की अवैध शराब बरामद की है। शराब एक कमरे में छुपा कर रखी गई थी। पकड़ी गई शराब को दो ट्रकों में लादकर पीरुमदारा चौकी लाया गया है। शराब ब्रांडेड और महंगी बताई जा रही है। इससे एक बार फिर पुष्टि हो गई है कि रामनगर में अवैध खनन और शराब का धंधा पुलिस की शह पर खूब फल-फूल रहा है।

बताया गया है कि शराब का यह जखीरा पीरूमद्वारा गांव के आवासीय क्षेत्र में राजपाल रावत के घर में अंग्रेजी शराब के एक सेल्समैन ने अवैध रूप से इकट्ठा किया था।सोमवार को शिकायत मिलने पर एसटीएफ कुमाऊं के इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने पीरूमद्वारा पुलिस को साथ लेकर गोदाम में छापा मारा तो वहां अंग्रेजी शराब की 145 पेटियां बरामद हुुई।  सेल्समेन को भी पूछताछ के लिए एसटीएफ ने हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस माामले को सिर्फ अवैध भंडारण का मामला बताने की कोशिश कर रही है।

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पिछली सरकार को ‘डेनिस’ पर घेरने वाली ‘संस्कारी’ उत्तराखंड सरकार ! राज्य का खजाना भरने को इस हद तक चले ही गये कि घर-घर गाड़ियों पर शराब की सप्लाइ के बाद अब परचून की दुकानों पर भी शराब बेचोगे। पर शायद इससे भी राज्य की जरूरतें पूरी न हो पाएं। बेहतर उपाय यह है कि अपनी ‘जनोपयोगी शराब नीति’ में राज्य के दीर्घकालीन आर्थिक हित में स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के मध्याह्न भोजन में भी शराब परोसने का प्राविधान कर दो। इससे तात्कालिक तौर पर आपका नून-तेल का खर्चा तो बचेगा ही, बच्चों को जो शराब की आदत बचपन से लगेगी तो बड़े होने पर भी उनकी तलब सरकार का खजाना भरती रहेगी। और ‘गुणवत्तायुक्त’ शराब तो आपकी है ही, तो चिंता किस बात की ?

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने कुछ दिनों पहले जारी अपनी आबकारी नीति में कुछ बदलाव करते हुए 20 किमी के दायरे में एक व्यक्ति या फर्म को चार दुकानें आवंटित करने के पहले लिए गए निर्णय को वापस लिया, वहीं  मोहल्ले की परचून की दुकानों में अंग्रेजी शराब की उपलब्धता बनाने का प्राविधान कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में बार लाइसेंस नीति में भी संशोधन किया गया है। बार लाइसेंस एक साल की बजाय तीन साल तक के लिए दिया जाएगा। साथ ही 20 कमरों तक के होटलों का बार लाइसेंस की फीस 5 लाख से घटाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। यह भी पीने वालों के लिए अच्छी खबर है।

अब पीने वालों को शराब के ठेकों तक जाकर अपना वक्त जाया नहीं करना पड़ेगा, अपने मोहल्ले की दुकान में ही बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखे की तरह उन्हें शराब भी मिलने लगेगी। यह बात अलग है कि महिलाओं के लिए अब मोहल्ले की दुकान तक जाना भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्हें शराबियों की तन को भेदने वाली तीखी नजरों से गुजरना पड़ेगा, अश्लील फब्तियां सुनने को मजबूर होना पड़ेगा। हो सकता है शराबियों की छेड़खानी भी झेलनी पड़े। राज्य की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए मातृशक्ति के लिए इतनी क़ुरबानी देनी तो बनती है।

गौरतलब है कि अब तक अंग्रेजी शराब अनुज्ञापित दुकान या फिर ठेके पर ही मिलती रही है। अब सरकार ने शराब की उपलब्धता को मोहल्ले की परचून की दुकान तक होगी। इसमें शर्त इतनी भर रखी गई है कि परचून की दुकान का साल भर का टर्नओवर कम से कम 5 लाख रुपये होना चाहिए और वह 5 लाख रुपये लाइसेंस फीस जमा कर सके।

मालूम हो कि गत वर्ष शराब को जनता से दूर रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्णय दिया था, जिसमें शराब की दुकानों को हाईवे से दूर रखने का तर्क दिया गया था। इसकी काट के रूप में सरकार ने नगर निकायों की सीमा में हाईवे को नए सिरे से अधिसूचित कर जिला मार्ग घोषित कर दिये थे। उसके बाद प्रदेश की भाजपा सरकार ने दुकान खोलने की सीमा निर्धारित कर रात में शराब की दुकानें न खोलने का निर्णय लिया, इस निर्णय पर भी सरकार अधिक समय तक नहीं टिक पाई। वहीं इधर पिछले दिनों घोषित आबकारी नीति में 20 किमी के दायरे में एक व्यक्ति या फर्म को चार लाइसेंस देने को मंजूरी दी गई। इस बार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने इस नीति को भी पलट दिया है।

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₹ 2900 करोड़ की “शराब पिलाने का बनाया लक्ष्य, राज्य बनने के 18 सालों में 38 गुने से अधिक बढ़ाई शराब की बिक्री

-प्रतिदिन लगभग ₹आठ लाख व हर नागरिक को ₹ आठ रुपये की शराब पिलाने का लक्ष्य 

हम-आप चाहे शराब पीते हों अथवा नहीं, पर सरकार हम सबको मानो ‘पीके’ बनाने पर तुली हुई है। सत्ता में आने से पूर्व शराब व शराब माफिया पर नाक-भौं सिकोड़ने वाली राज्य की भाजपा सरकार भी पिछली सरकारों के नक्शे-कदम पर चलते हुए अपनी जनता को शराब पिलाकर राज्य की आर्थिक सेहत सुधारने का अरमान बनाए बैठी है। वह भी कम-कम नहीं, राज्य के हर बच्चे-बड़़े, महिला-पुरुष-वृद्ध को औसतन ₹ आठ व हर रोज करीब ₹ आठ लाख की शराब पिलाकर राज्य की तिजोरी में ₹ 2900 करोड़ डालने का लक्ष्य बना डाला है। उस पर कुतर्क यह कि यदि सरकार शराब नहीं पिलाएगी तो जनता गुणवत्ताविहीन शराब पीकर मर सकती है। यह तर्क सही है, और जनता की इतनी ही चिंता है तो क्यों अधिक पिलाकर मारने पर तुली है सरकार। है कोई जवाब ?

दैनिक जागरण, 18 अप्रैल 2005

स्थिति यह है उत्तराखंड के लोगों को नये वित्त वर्ष में लगभग ₹ 2900 करोड़ की शराब पीनी होगी, वरना सरकार के लक्ष पूरे नहीं होंगे। राज्य के हर व्यक्ति की प्रतिदिन इसमें लगभग ₹ आठ की ‘‘हिस्सेदारी’ होगी। हैरत की बात है कि 18 साल पहले राज्य बनाने के दौरान जिस पहाड़ में मात्र ₹ 75 करोड रपए की शराब बिकती थी, अब वहां ₹ 2650 करोड़ की शराब अकेले ठेकों से बिकेगी जबकि  270 करोड़ अन्य करों से बटोरे जाने हैं। आबकारी विभाग एक साल की कुल शराब  2650 करोड़ में नीलाम करेगा। इसके बाद लगभग ₹ 270 करोड़ का मुनाफा शराब बेचने वाली दुकानें और बार कमाएंगे। राज्य में ₹ 2650 करोड़ की शराब को कैसे बेचा जाएगा, इसका पूरा खाका तैयार हो रहा है। यह शराब राज्य के 252 देसी और 260 विदेशी शराब की दुकानों में बेची जाएगी। पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग ने राज्य में ₹ 2400 करोड़ की शराब बेचने का लक्ष्य रखा था। आबकारी विभाग इस लक्ष्य को पाने के करीब है। विभाग अब तक ₹ 2180 करोड़ की शराब बेच चुका है और शेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शराब के दाम बढ़ाकर अप्रैल तक एक माह का समय बढ़ा दिया गया है। अब प्रदेश में जो 2650 करोड़ की शराब बिकेगी। उसका आगाज एक मई 2018 से होगा। इस भारी भरकम लक्ष्य को पूरा करने के लिए आबकारी विभाग राज्य में नई शराब की दुकानें खोलने की योजना बना रहा है।

पिछले 18 सालों से राज्य की सरकारें भले ही इस पहाड़ी प्रदेश में मौजूद संसाधनों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने में विफल साबित हुई हों लेकिन शराब के जरिए सरकारी खजाना भरने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उत्तराखंड में 10086292 लोग रहते हैं, जिनमें 51,37,773 पुरुष और 49,48,519 महिलाएं हैं। अगर जोड़-भाग करें तो उत्तराखंड में रहने वाला हर व्यक्ति के हिस्से लगभग लगभग आठ रुपये की शराब आती है।

ऐसे वसूले जाएंगे ₹ 2650 करोड़ 

आबकारी विभाग राज्य में ₹ 2650 करोड़ की शराब की नीलामी करेगा। इसके अलावा एक्ससाइज ड्यूटी से 500 करोड़, शीरा से 70 करोड़, आर्मी कैंटीन से ₹ 100 करोड़, बीयर शुल्क से ₹ 80 करोड़, फैक्टरी लाइसेंस से लगभग ₹ 500 करोड़ और बार लाइसेंस की फीस के मद में लगभग ₹ 25 करोड़ वसूलेगा।

चार दुकानों का ग्रुप बनेगा

आबकारी विभाग पहली बार शराब बेचने वाली चार दुकानों का ग्रुप बनाने जा रहा है। इसके तहत एक जगह आसपास की चार दुकानों का ग्रुप बनाया जाएगा। चारों दुकानें आपस में मिलकर शराब की बिक्री करेंगी।

सब कुछ होगा ऑनलाइन

आबकारी विभाग ने नए वित्तीय वर्ष के लिए शराब की बिक्री को ऑनलाइन कर दिया है। यानि शराब की दुकानों पर बिकने वाली हर बोतल मैनुअल की बजाय ऑनलाइन बिकेगी। इससे दुकानों में बिकने वाली तस्करी से लाई जाने वाली शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की बात कही जा रही है।

शराब कारोबार का काला पक्ष

शराब के कारोबार का एक ‘‘काला’ पक्ष भी है। यह हैं  राज्य में मौजूद शराब तस्कर। पुलिस रिकार्ड में उत्तराखंड पुलिस ने 2013-14 में लगभग 95 करोड़, 2014-15 में लगभग 100 करोड़, 2016-17 में लगभग 90 करोड़ की अवैध शराब पकड़ी। यह वह शराब है जो हिमाचल, पंजाब और हरियाणा से तस्करी करके उत्तराखंड लाई गई।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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