Culture
कुमाउनी रामलीला का इतिहास: 1830 में कुमाऊं नहीं मुरादाबाद से हुई कुमाउनी रामलीला की शुरुआत
-नृत्य सम्राट उदयशंकर, महामना मदन मोहन मालवीय व भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जैसे लोगों का भी रहा है कुमाउनी रामलीला से जुड़ाव डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में होने वाली कुमाउनी रामलीला की अपनी मौलिकता, कलात्मकता, संगीत एवं राग-रागिनियों में निबद्ध होने के कारण देश भर में अलग पहचान है। … Read more
देवीधूरा की बग्वाल : जहाँ लोक हित में पत्थरों से अपना लहू बहाते हैं लोग
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रक्षाबंधन-जन में परंपरागत तौर पर ‘जन्यो-पुन्यू’ के रूप में मनाया जाता है रक्षाबंधन
नवीन समाचार, आस्था डेस्क, 9 अगस्त 2025 (Rakshabandhan)। हिंदू मान्यताओं में समय की गणना दुनिया के किसी भी अन्य कलेंडर के मुकाबले अधिक व्यापक व विस्तृत है। इस कारण हिंदू त्योहारों में अक्सर असमंजस की स्थिति देखी जाती है। क्योंकि यहां त्योहार केवल तिथि के आधार पर नहीं, वरन ग्रहों की स्थितियों के आधार पर … Read more
Devbhumi-देवभूमि के कण-कण में देवत्व : गुरु पूर्णिमा पर नैनीताल स्थित देश के गिने-चुने मंदिरों में शामिल देवगुरु बृहस्पति के मंदिर में हुई पूजा अर्चना, जानें कहां है यह मंदिर
Devbhumi : Devidhura, located in Uttarakhand, is known for its unique tradition called Bagwal, where people engage in a stone war for public benefit. This ancient festival involves pelting stones at each other, and the person who bleeds the most is considered lucky as it signifies acceptance by the goddess. Despite its primitive nature, Bagwal has not resulted in any fatalities and is deeply rooted in the history and mythology of the region. Discover the historical significance of Devidhura, the Maa Barahi Devi temple, and the connection to the Mahabharata. Witness the thrilling stone battle and experience the cultural heritage of this fascinating festival.
सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है कुमाउनी शास्त्रीय होली
पौष माह के पहले रविवार से ही शुरू हो जाती हैं शास्त्रीय रागों में होलियों की बैठकें और सर्वाधिक लंबे समय चलती हैं होलियां (Holi-Kumaoni) प्रथम पूज्य गणेश से लेकर पशुपतिनाथ शिव की आराधना और राधा-कृष्ण की हंसी-ठिठोली से लेकर स्वाधीनता संग्राम व उत्तराखंड आंदोलन की झलक भी दिखती है डॉ. नवीन जोशी @ नवीन … Read more
सुबह का सुखद समाचार: अब अंग्रेजी स्कूलों के बच्चे भी धगुलि, हंसुलि, छुबकि, पैजनि व झुमकि नाम की कुमाउनी पाठ्यक्रम की पुस्तकें पढ़ेंगे…
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2023। नैनीताल जनपद के सरकारी स्कूलों के साथ अंग्रेजी स्कूलों के बच्चे भी अब एक विषय के रूप में कुमाउनी भाषा पढ़ेंगे। जनपद के रामनगर, कोटाबाग व हल्द्वानी विकासखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुमाउनी भाषा को प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में समावेशित किया जा रहा है। पूर्व में … Read more
नैनीताल जनपद के ग्राम कुमाटी स्थित कुमाऊँ मंडल की सबसे लंबी बाखली 50 लाख रुपए से होगी पुर्नजीवित
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2023। नैनीताल जनपद के रामगढ़ विकासखंड के ग्राम कुमाटी में कुमाऊँ मंडल की सबसे लंबी बाखली यानी घरों की सबसे लंबी श्रृंखला है। प्रदेश भर में हो रहे पलायन की मार इस बाखली और यहां रहने वाले लोगों पर भी पड़ी है। इसी समस्या के दृष्टिगत अब इस बाखली को … Read more
नैनीताल के लिए भी गौरवपूर्ण रहा राष्ट्रपति मुर्मू का प्रथम उत्तराखंड आगमन पर स्वागत कार्यक्रम…
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2022। देश की दूसरी महिला एवं पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का पहली बार उत्तराखंड आगमन पर मुख्यमंत्री आवास के भव्य मैदान में आयोजित स्वागत-सिविक रिसेप्सन एवं उत्तराखंड सरकार की नौ परियोजनाओं के शिलान्यास-लोकार्पण का कार्यक्रम में कार्यक्रम नैनीताल के लिए भी गौरवपूर्ण रहा। इस कार्यक्रम में संचालक (मास्टर ऑफ … Read more
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का लोकपर्व घी-त्यार, घृत संक्रांति, ओलगिया…
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2025 (Ghrit Sankranti)। प्रकृति एवं पर्यावरण से प्रेम व उसके संरक्षण के साथ ही अभावों में भी हर मौके को उत्साहपूर्वक त्योहारों के साथ ऋतु व कृषि पर्वों के साथ मनाना देवभूमि उत्तराखंड की हमेशा से पहचान रही है। यही त्योहारधर्मिता उत्तराखंड के कमोबेश सही लोक … Read more
हर्षोल्लास से मनाई गई बाबा साहेब की जयंती
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अप्रैल 2022। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 131वीं जयंती गुरुवार को देश-प्रदेश के साथ जिला व मंडल मुख्यालय में भी हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर यहां राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने बाबा साहेब की तल्लीताल दर्शन घर पार्क स्थित विशाल … Read more
कुमाऊं का लोक पर्व ही नहीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक ऋतु पर्व भी है घुघुतिया-उत्तरायणी, रक्तहीन क्रांति का गवाह भी रहा है यह दिन
1921 में इसी त्योहार के दौरान बागेश्वर में हुई प्रदेश की अनूठी रक्तहीन क्रांति, कुली बेगार प्रथा से मिली थी निजात घुघुतिया के नाम से है पहचान, काले कौआ कह कर न्यौते जाते हैं कौए और परोसे जाते हैं पकवान डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल (Ghughutiya-Uttarayani)। दुनिया को रोशनी के साथ ऊष्मा और ऊर्जा के रूप … Read more
Aastha-Vigyan : आधुनिक विज्ञान से कहीं अधिक समृद्ध और प्रामाणिक था प्राचीन भारतीय ज्ञान
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल (Aastha-Vigyan)। विज्ञान के वर्तमान दौर में आस्था व विश्वास को अंधविश्वास कहे जाने का चलन चल पड़ा है। आस्था और विज्ञान को एक दूसरे का बिल्कुल उलट-विरोधाभाषी कहा जा रहा है। यानी जो विज्ञान नहीं है, वैज्ञानिक नियमों और आज के वैज्ञानिक दौर के उपकरणों से संचालित नहीं … Read more
गौरा-महेश को बेटी-जवांई के रूप में विवाह-बंधन में बांधने का पर्व: सातूं-आठूं (गंवरा या गमरा)
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2021 (Satun-Aathun)। प्रकृति में रची-बसी देवभूमि के अधिकांश लोकपर्व-त्योहार प्रकृति के साथ देवी-देवताओं के साथ आध्यात्मिक तौर पर अत्यधिक गहरे जुड़े हुए हैं। सातूं-आठूं, गंवरा या गमरा लोक पर्व को देखिये। इस पर्व पर यहां की पर्वत पुत्रियां महादेवी गौरा से बेटी का और देवों के … Read more
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